Bachpan Par Hindi Geet

मेरे बचपन आजा | Bachpan Par Hindi Geet

मेरे बचपन आजा

( Mere bachpan aaja : Geet )

 

आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा,
प्यार के गीत सुना जा रे।
मां की गोद भरी दुलारे, मीत मिलते प्यारे प्यारे।
पिता संग इठला इठलाकर, देखें नए नए नजारे।

 

बचपन की पाठशाला,गिनती पहाड़े सीखें सारे।
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

 

दादी नानी लाड प्यार से, वो बुलाती थी दुलार से।
खेल खिलौने थे सुहाने, मस्त रहे थे जीत हार से।

 

नटखट नखरे बालमन के, किलकारी सुना जा रे।
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

 

मंद मंद हंसी लबों की, तूतलाती तूतलाती बोली।
छोटी-छोटी अंगुलियों से, आशाएं हमने भी घोली।

 

आंखों की अश्रु धारा के,दृश्य मधुर दिखला जा रे।
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

 

जिद पे अड़ना वो भोलापन,वो बचपन अब कहां।
मन की मुरादे पूरी होती, एक बार जो हमने कहा।

 

राज दुलारा फिर से हमको, एक बार बना जा रे।
आजा रे, आजा रे मेरे बचपन आजा।

?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/hatash-na-ho-doston-kavita/

 

Similar Posts

  • बोल कर तो देखो

    बोल कर तो देखो   सुनो- तुम कुछ बोल भी नहीं रहे हो यहीं तो उलझन बनी हुई है कुछ बोल कर दूर होते तो चल सकता था…..     अब बिना बोले ही हमसे दूर हो गए हो ये ही बातें तो दिमाग में घर कर बैठी है अब निकालूँ भी तो कैसे कोई…

  • Badal Poem in Hindi | बादल

    बादल ( Badal )  सांसों की हाला पिलाएगा बादल, उजड़ी दुनिया बसाएगा बादल। स्वागत करेगी प्यासी ये धरती, प्रलय बाढ़ साथ में लाएगा बादल। सूख गई है जो जीवन की डाली, हरी- भरी धरा बनाएगा बादल। अमराई जागेगी बागों में फिर से, अधरों की प्यास बुझाएगा बादल। पट जाएगी फिर ऋतुओं से धरती, डालों पे…

  • तिरंगा | Tiranga par Kavita

    तिरंगा! ( Tiranga )    आजादी की कोख से निकला तिरंगा, प्राणों से प्यारा है हमको तिरंगा। बीज आजादी का देखो ये बोया, हम सबकी आँखों का तारा तिरंगा। बलिदानियों का खून इसमें समाया, इंकलाबी राह भी सजाया तिरंगा। क्रांति और शांति का देता है संदेश, जवानी लुटाना सिखाया तिरंगा। जवान-किसान का सबका दुलारा, मर…

  • तुम्हें कब मना किया है | Sandeep poetry

    तुम्हें कब मना किया है   किसी से प्रेम करने को तुम्हें कब मना किया है लेकिन! प्यार करना तुम ….. किसी से प्यार करना कहाँ गलत है….? बस….! इतना ध्यान रहे कि प्यार में अंधे हो कर अपनों को नहीं भूलें…… उन्हें भी उतना ही प्यार दें……… जितना अपनी प्रेमिका को प्यार देते हो……..!!…

  • हालात ही जिंदगी संवारते | Zindagi par geet

    हालात ही जिंदगी संवारते ( Halat hi zindagi sanwarte )   हिम्मत हौंसले सदा हमारा बिगड़ा वक्त संवारते। हालातो से क्या डरना हालात जिंदगी संवारते।   सुख दुख तो आते रहते आंधी तूफां बनकर जब छाये। वक्त कब करवट बदले समय क्या-क्या खेल दिखाए। साहस के दम चलने वाले बोलो हिम्मत कब हारते। मुश्किलों का…

  • आजादी का अमृत उत्सव | Poem azadi ka amrit utsav

    आजादी का अमृत उत्सव (  Azadi ka amrit utsav )   आजादी का अमृत उत्सव, घर में चलो मनायेंगे। पापा ला दो एक तिरंगा, गीत वतन के गायेंगे।। वीर शहीदों की कुर्बानी, फिर से याद करेंगे हम भारत माँ की जय जयकार, मिलकर आज कहेंगे हम रंगोली तोरन हारों से, आँगन खूब सजायेंगे। पापा ला…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *