मेरी बेटी | Meri Beti

मेरी बेटी 

( Meri Beti ) 

 

देखो ना कितनी खामोश बैठी है आज मेरी बेटी,
देखो ना कितना शांत है आज मेरी बेटी,

देखो कैसे स्थिर सोई है आज मेरी बेटी,
देखो ना एकबार फिर से दुल्हन के लिबास में सजी है मेरी बेटी,

देखो ना कैसे बिना पापा को आवाज दिए,
चुपचाप मेंहदी लगवा रही है आज मेरी बेटी,

देखो ना मैं आवाज़ दे रहा,
लेकिन आज सुन ही नही रही मेरी बेटी,

देखो ना शादी के वक्त भी विदा किया तब बहुत रोई थी,
और आज कंधे पर अर्थी में सजी है मेरी बेटी,

नाजों से बहुत पाला जिसे,
आज दहेज के लिए मार दी गई मेरी बेटी।।

 

रचनाकार : योगेश किराड़ू
बीकानेर ( राजस्थान )

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