मिलाते तो सही

मिलाते तो सही | Milate to sahi poem

मिलाते तो सही

( Milate to sahi poem )

 

आवाज़ से आवाज़

मिलाते तो सही….!

दिल से दिल

मिलाते तो सही…..!

मन से मन

मिलाते तो सही…..!

हाँ में हाँ

मिलाते तो सही…….!

सुर से सुर

मिलाते तो सही…..!

हाथ से हाथ

मिलाते तो सही…..!

नज़र से नज़र

मिलाते तो सही……!

क़दम से कदम

मिलाते तो सही…….!

कंधे से कंधा

मिलाते तो सही……!

फिर कभी

जिस्म से जिस्म मिलाने की

जरूरत ना होती….!

फिर हवस की

अग्नि जलाती ना….!

फिर प्रेम में

जिस्म शामिल होता ना……..!!

 

?

कवि : सन्दीप चौबारा
( फतेहाबाद)

यह भी पढ़ें :-

सुनहरी यादें | Kavita sunheri yaadein

Similar Posts

  • भगवान परशुराम | Bhagwan Parshuram par Kavita

    भगवान परशुराम ( Bhagwan Parshuram )    शुभ तिथि को जन्म दिया भगवान परशुराम सत्य सनातन रक्षक त्यागी तपस्वी निष्काम परसु अस्त्र मिला शिव से परशुराम कहलाए। शस्त्र विद्या में महागुरु भार्गव गोत्र कुल पाए। धरा क्षत्रिय विहीन इक्कीस बार कर दिखलाए ब्राह्मण पुत्रों को दी शिक्षा भीष्म कर्ण भी पाए वैदिक संस्कृति प्रचारक की…

  • वर्तमान समय में बढ़ता फैशन

    वर्तमान समय में बढ़ता फैशन फैशन की दुनिया में हम खो गए,अपने आप को भूलकर हम दूसरों को देख गए।कपड़े, जूते, एक्सेसरीज़ की दौड़ में हम भाग गए,और अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण की अनदेखी कर गए। हमारे घरों में नए और आधुनिक सामान आए,लेकिन हमारे दिलों में पुराने और सच्चे मूल्यों की कमी आई।हमारे जीवन…

  • काली मिर्च | Kavita Kali Mirch

    काली मिर्च  ( Kali Mirch )    काली है वह रूप से लेकिन है बहुत गुणकारी, प्रकृति की जो देन है पीड़ा हर लेती वो भारी। हर घर में मिल जाती है वो आसानी से हमारी, ज़ायका खाने में बड़ा देती दूर करती बीमारी‌।। दक्षिण भारत में ख़ासकर जिसकी खेती होती, उसके उत्पाद से जनता…

  • जाड़े की धूप | Jaade ki dhoop par kavita

    जाड़े की धूप ( Jaade ki dhoop )    बादलों की झुरमुट से झांकता सूरज मानों खेलता नन्हा ओज से भरा बालक झांक रहा हो, चमकता तेज सुनहरा बदन रक्त लालिमायुक्त धीरे धीरे मानव दुनिया में कदम रख एक टक ताक रहा हो, मानव में कुलबुलाहट शुरू हो गई आहट पाते ही सूरज का, किसी…

  • काश वो भी याद करें | Kaash Shayari in Hindi

    काश वो भी याद करें ( Kash wo bhi yaad kare )   अक्सर वो सपनों में रहते उनसे हम फरियाद करे। दिल तक दस्तक देने वाले काश वो भी याद करें।   हम तो उनके चाहने वाले मधुर सुहानी बात करें। आ जाए वो भी महफ़िल में मस्तानी प्रभात करें।   यादों में सौम्य…

  • प्रेम की भाषा हिंदी | Prem ki Bhasha

    प्रेम की भाषा हिंदी ( Prem ki Bhasha ) ज़बानो के जमघट मेंएक ज़बान है नायाबहमारी ज़बान”हिंदी”जिसमें एक लफ्ज़ केहोते हैं कई मुतादरीफ़। एक “मोहब्बत व ईश्क”कोप्यार कहो या प्रेमसुर कहो या रश्कममता कहो या प्रीतिसंस्कृति कहो रीति रिवाजनाज कहो या लाज…. यह हिन्दी हैमाथे की बिंदी है। मनजीत सिंहसहायक प्राध्यापक उर्दूकुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( कुरुक्षेत्र…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *