मोबाइल से

मोबाइल से | Mobile se

मोबाइल से

सारे रिश्ते ख़तम मोबाइल से,
अच्छेअच्छे भसम मोबाइल से ।

देश भर के शरीफ़ज़ादे सब ,
हो गयें बेशरम मोबाइल से ।

नाचती हैं हसीन बालाएं,
बन गया घर हरम मोबाइल से।

बैठ दिल्ली में बात गोवा की,
खायें झूठी कसम मोबाइल से।

भागवत आरती भजन कीर्तन,
डीजिटल है धरम मोबाइल से ।

चिट्ठियों का गया ज़माना अब,
भेजती ख़त सनम मोबाइल से।

जो हसीनों से बच गये अनहद,
उनके फिसले क़दम मोबाइल से।

अजय जायसवाल ‘अनहद’

श्री हनुमत इंटर कॉलेज धम्मौर
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • क्या लेना | Ghazal Kya Lena

    क्या लेना ( Kya Lena )   है रौशनी तो मुझे तीरगी से क्या लेना चमक यूँ क़ल्ब में है चाँदनी से क्या लेना हर एक तौर निभाता हूँ दोस्ती सबसे मुझे जहाँ में कभी दुश्मनी से क्या लेना बुझा न पाये कभी तिश्नगी मेरे दिल की तो अब भला मुझे ऐसी नदी से क्या…

  • मेरी तलाश में है | Meri Talash Mein Hai

    मेरी तलाश में है ( Meri talash Mein Hai ) भटक रहा जो बराबर मेरी तलाश में है। सुना है मेरा वो दिलवर मेरी तलाश में है। किसी का प्यार मुकर्रर मेरी तलाश में है। ख़ुशी है मुझको, मुक़द्दर मेरी तलाश में है। ज़रा सा क़तरा हूँ लेकिन नसीब है मेरा, जो ख़ुद ही एक…

  • नज़र से सलाम | Nazar se Salam

    नज़र से सलाम ( Nazar se salam )    मेरे सुकूँ का वो यूँ इंतज़ाम करता है ज़ुबां बना के नज़र से सलाम करता है वफ़ाएं और निभाता भी इससे क्या बढ़कर वो मेरे क़ल्बो-जिगर में क़याम करता है ख़बर उसे है मुलाक़ात हो नहीं सकती मगर वो कोशिशें फिर भी मुदाम करता है दुआ…

  • हाल-ए-मोहब्बत | Haal-e-Mohabbat

    हाल-ए–मोहब्बत ( Haal-e-Mohabbat ) हाल-ए मोहब्बत का तुम्हें हम क्या बताये। दिलकी पीड़ा का हाल हम किसको सुनाए। जब दिल दे चुके है हम किसी को तो। ये पैगम उन तक हम कैसे पहुँचाएँ।। दिलकी बातें जुबान से हर पल निकलती है। कभी-कभी हमारी आँखे भी दिलकी बातों को कहती है। प्यार करने वाले तो…

  • पानी पानी हर तरफ़

    पानी पानी हर तरफ़ दिख रहा है आज हमको पानी पानी हर तरफ़कर रहा है ख़ूब बादल मेहरबानी हर तरफ़ बेतकल्लुफ़ होके दोनों मिल न पाये इसलिएबज़्म में बैठे थे मेरे खानदानी हर तरफ़ तोड़कर वो बंदिशें वादा निभाने आ गयाकर रहे थे लोग जब के पासबानी हर तरफ तेरे जैसा दूसरा पाया नहीं हमने…

  • मिलता कैसे सहारा नये साल में

    मिलता कैसे सहारा नये साल में मिलता कैसे सहारा नये साल मेंकर रहे सब किनारा नये साल में चमके किस्मत का तारा नये साल मेंकर दो कुछ तो इशारा नये साल में भर गया दिल हमारा उमंगों से अबदेखा ऐसा नजारा नये साल में कोई तरकीब ऐसी लगा लीजियेहो सुकूँ से गुज़ारा नये साल में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *