मोबाइल से

मोबाइल से | Mobile se

मोबाइल से

सारे रिश्ते ख़तम मोबाइल से,
अच्छेअच्छे भसम मोबाइल से ।

देश भर के शरीफ़ज़ादे सब ,
हो गयें बेशरम मोबाइल से ।

नाचती हैं हसीन बालाएं,
बन गया घर हरम मोबाइल से।

बैठ दिल्ली में बात गोवा की,
खायें झूठी कसम मोबाइल से।

भागवत आरती भजन कीर्तन,
डीजिटल है धरम मोबाइल से ।

चिट्ठियों का गया ज़माना अब,
भेजती ख़त सनम मोबाइल से।

जो हसीनों से बच गये अनहद,
उनके फिसले क़दम मोबाइल से।

अजय जायसवाल ‘अनहद’

श्री हनुमत इंटर कॉलेज धम्मौर
सुलतानपुर उत्तर प्रदेश

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