Mother's Day ke Liye Poem

माँ के चरणों में | Mother’s Day ke Liye Poem

माँ के चरणों में

( Maa ke charno mein ) 

 

बड़ा छोटा शब्द है मां
उसके चरणों में है जहां

विस्तृत विशाल हृदय से
करुणा ,ममता ,भावों से

जीवन के हर ख्वाबों से
आंचल की ठंडी छांव से

चमकती उन आंखों से
निश्छल प्यार के धागे से

आशीषों के सागर से
ममतामई दुआओं से

मां के हाथ के खाने से
मैं जैसे वंचित हुआ

आधा जीवन रह गया
आधा उसके साथ गया

जब देने को कुछ ना था
तब तू मेरे पास ही थी

अब जब मै लायक बना
साथ छोड़ कर चली गई

मां कहां कुछ लेती है
वह तो सिर्फ देती है

अपने जैसे दया भाव
मुझ में छोड़ तू चली गईl

 

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

बच्चों के रिजल्ट आने लगे हैं | Bacchon ke Results

Similar Posts

  • स्वर्ण मंदिर है गुरु का द्वार | Swarn Mandir

    स्वर्ण मंदिर है गुरु का द्वार ( Swarn mandir hai guru ka dwar )    जिसको सारा विश्व जानता स्वर्ण मंदिर के नाम, श्री हरिमन्दिर श्री दरबार साहिब इसी का नाम। सिक्ख आस्था का है यह सर्वाधिक पवित्र धाम, करोड़ों श्रद्धालु देखने को आते जिसका काम।। सिक्ख धर्म में आध्यात्मिक-प्रतिष्ठित यह स्थान, पवित्र-कुंड के नीर…

  • फासला | Phasala

    फासला ( Phasala )   सोचता हूं उकेरूं आज आपका चित्र या लिखूं अनाम कुछ भाग्य का लेखा लिखा तो बहुत कुछ अब तक हमने फिर भी लगता है की कुछ नही लिखा रख लिया हूं स्मृतियों को सहेजकर मिले थे आप जब हमसे पहली बार हुई न कुछ बातें ,तब भी बहुत हो गईं…

  • बेटी | Beti par kavita

    बेटी ( Beti )    सृष्टि की संचरित संवेदनित आधार है बेटी। गृहस्थी है समष्टी है वृहद् संसार है बेटी।। स्वर्ग सा ये घर लगे आने से तेरे। मधुर किलकारी सुनी अति भाग्य मेरे। मूर्ति ममतामयी है सहज है संस्कार है बेटी।। गृहस्थी ० सबको बेटी नियति देती है कहां। बेटी न होगी तो बेटा…

  • मधुमय रस लहरा दे | Madhumay Ras Lahra de

    मधुमय रस लहरा दे ( Madhumay Ras Lahra de )   नव-लय-छंद अलंकृत जननी मधुमय रस लहरा दे। वेद रिचाओं के आखर से रचना कर्म करा दे।। शब्द अर्थ का बोध नहीं है ना भावों की गहराई। बुद्धि विवेक जगाकर उरमें ललित कला लहराई।। दूर क्षितिज के रम्यछटा से अंधकार बिलगानी । कलम पकड़ कर…

  • तेरी सीता हूँ मैं | Teri Sita hoon main

    तेरी सीता हूँ मैं!  ( Teri Sita hoon main )    सइयाँ आँखों में तेरी कहानी रहे, साथ जिऊँ, सजन जिन्दगानी रहे। तेरी सीता हूँ मैं, राम हो तुम मेरे, मेरे माथे पे तेरी निशानी रहे। मेरा जीवन बीते भले काँटों पे क्या, जग की नजरों पे तेरा वो पानी रहे। आँधियों में दीया मेरा…

  • गठबंधन | Kavita Gathbandhan

    गठबंधन ( Gathbandhan ) तेरे मेरे मिलन से हम लोग खुश है। मानो जैसे जिंदगी अब करीब आ गई हो। जतन किये थे हमने इसलिए मिल गये हो। और मेरी जिंदगी में फूल खिला दिये हो।। प्यार मोहब्बत करते नही तो हम दोनों मिल नहीं पाते। जिंदगी की हकीकत को हम समझ नही पाते। और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *