Mere Man ke Aangan mein

मेरे मन के आंगन में आज | Mere Man ke Aangan mein

मेरे मन के आंगन में आज

( Mere man ke aangan mein aaj ) 

 

मेरे मन के आंगन में आज

मेरी मां की छवि समाई है

जिसके पावन आंचल में

मेरी सारी खुशियां समाई हैं

हर मुश्किल की घड़ी में

मैंने मां का आंचल थामा है

जिसकी छाया ने मुझको

हर पल जीना सिखाया है

मां ही बच्चों के सुख-दुख की

 भागीदार होती है

कठिनाई की हर घड़ी में

ढाल बनकर खड़ी होती है

मां ही है जिसने हमको

आगे बढ़ना सिखाया है

हर घड़ी में,हर मुश्किल में

हंसकर जीना सिखाया है

मां का सदा सम्मान करो

बुढ़ापे की लाठी बनकर

अपना फ़र्ज़ अदा करो।

 

नीलम सक्सेना

कोटड़ा ( अजमेर )

यह भी पढ़ें :-

सतत विद्रोही | Satat Vidrohi

Similar Posts

  • कान्हा प्यारी छवि तेरी | Kanha kavita

    कान्हा प्यारी छवि तेरी ( Kanha pyari chhavi teri )   खुशियों से दामन भर जाए दीप जलाने लाया हूं। मुरली मोहन माधव प्यारे झोली फैलाये आया हूं।   मन मंदिर में बंसी केशव मधुर सुहानी तान लगे। कान्हा की प्यारी छवि मोहिनी मूरत श्याम लगे।   लेखनी की ज्योत ले माधव तुझे रिझाने आया…

  • प्रेम | Poem prem

    प्रेम ( Prem )   लिख देता हूँ नाम तेरा पर, बाद मे उसे मिटाता हूँ। और फिर तेरे उसी नाम पर,फिर से कलम चलाता हूँ।   एक बार हो तो समझे कोई, बार बार दोहराता हूँ। कैसी है यह प्रीत मेरी जो, बिना समझ कर जाता हूँ।   बैठ अकेले में पागल सा, मैं…

  • साथ तुम आ जाओ | Romantic Poetry In Hindi

    साथ तुम आ जाओ   ( Saath tum aa jao ) साथ आज तुम आ जाओ तो, संबल मुझको मिल जाए। जीवन  नैया डगमग डोले, उजड़ी बगिया खिल जाए।।   कंटक पथ है राह कठिन है, कैसे मंजिल पाऊंगा। हाय अकेला चला जा रहा, साथी किसे बनाऊंगा। फिर भी बढ़ता जाऊंगा, शायद किनारा मिल जाए।…

  • सलमान की सद्भावना | Salman par kavita

    सलमान की सद्भावना ! *****   आज धर्म के नाम पर सभी लड़ रहे हैं, काट और कट रहे हैं। देश को बदनाम और मानवता को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। इसी बीच सलमान खान ने दिया सुंदर संदेश, घर में ही स्थापित किया “गणेश”। हर साल की भांति इस साल भी सपरिवार ‘गणपति…

  • नौसेना दिवस ( 04 दिसंबर )

    नौसेना दिवस ( 04 दिसंबर )   भारत मना रहा है आज नौसेना दिवस, अपार शक्ति के आगे शत्रु सहमने को है विवश। नौसेनिक भी जी जान से करते हैं युद्धाभ्यास, समुद्री रास्ते से ना हो आतंकी हमले प्रयास। याद कर रहे हम उन वीरों को- दिया जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान, है आजादी की लड़ाई में…

  • कही अनकही | Kahi Unkahi

    कही अनकही ( Kahi Unkahi )   बीत जाता है वक्त रह जाती है सिर्फ उनकी यादें धुंधलाते से चेहरे और कहीं अनकही बातें तब होता नहीं महसूस कुछ प्रेम ,क्रोध या नाराजगी तड़पाती हैं वे ही बहुत जब बीत जाता है वक्त रह जाती है एहसास की बातें न आता है फिर वह वक्त…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *