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मुस्कुराहट | Muskurahat

मुस्कुराहट

( Muskurahat )

 

हजार गमों की महफिल में,
तू मुस्कुराहट को न्योता दिया कर।।

नम हुई आंखे तेरी,
दिल को सताती है,
मुकुराहट तो दिल का सुकून कहलाती है।।

ऐ दोस्त ,
तेरी उदास आंखे,
बहुत दिल में हलचल मचाती है,
तू बस हंस दे,
तो सारी कायनात खुशियां मनाती है।।

ज़िंदगी के राहों में चलना
आसान तो नही होता,
मगर होठों पर उदासी लेकर जीना भी
जीवन नही होता ।।

ज़िंदगी तो हर किरदार बखूबी निभाती है,
तू क्यों फिर होठों पर बोझ उठाती है।।

खुल कर जी लिया कर
दो आंसू बहाने हों तो ,
बहा लिया कर,
खुशियां जहा मिले
उन्ही रास्तों पर कदम रखा कर।।

ज़िंदगी के हर रंग में तुम रंग जाओगे
जानती हूं,
मगर यूं दिल पर डर लेकर न घुमाकर।।

गम को भूलकर ,
थोड़ा मुस्कुरा लिया कर।
.मुस्कराहटों को न्योता दिया कर ।।

 

नौशाबा जिलानी सुरिया
महाराष्ट्र, सिंदी (रे)

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