नव वर्ष की डायरी | Nav Varsh ki Diary

नव वर्ष की डायरी

( Nav varsh ki diary )

 

जब इस नव वर्ष की
डायरी लिखना
तो पहले पृष्ठ पर
सिर्फ़
‘मुहब्बत’
लिख कर छोड़ देना
कुछ पृष्ठ पर अपने ख़्वाब,
अपनी ख़्वाहिशें लिखना

बीच के पृष्ठ को
हृदयस्पर्शी
कविताओं के लिए रखना
भावुकता के लिए रखना

कुछ पृष्ठ
सिर्फ़ अपने लिए रखना
उन पे जो लिखना
कभी प्यार के रंग से लिखना
कभी आँसूओं के पानी से लिखना
कभी स्वाति की बूंदों से लिखना

डायरी के बिल्कुल बीच
रख देना मोगरे के फूल की पाँखुरी
स्मृतियों के मोती

कुछ पृष्ठ……..
समय के लिए छोड़ देना
जीवन के लिए छोड़ देना
उन में लिखने देना
यथार्थ में डूबे हुए शब्द

किसी पृष्ठ पर
अतीत का कोई दु:ख नहीं लिखना
कोई अपनी हार की
कहानी नहीं लिखना
प्रतिस्पर्धा का
एक भी शब्द नहीं लिखना

अगर
लिखनी भी पड़ जाये
तो
उदासी की
केवल एक पंक्ति लिखना

उपलब्धियों के लिए
सिर्फ़
एक ही पृष्ठ रखना

अनुभवों के लिए
बहुत सारे

आख़िर में
एक पृष्ठ
छोड़ देना
कायनात के लिए……।

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

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