नया साल : नयी आशाएं

नया साल : नयी आशाएं

नया साल : नयी आशाएं

*******

बीता यह वर्ष रे
आया नववर्ष रे!
झूमो ओ काका
झूमो रे काकी
रात अंतिम यह बाकी?
नाचो ए बबलू
नाचो ए बबली
गाओ ना भैया
गाओ ना भाभी
बजाओ सब ताली
सजाओ जी थाली?
छोड़ो पटाखा
करो धूम धड़ाका
थिरकना जरा सा
डिस्को जरा सा!
है रात मतवाली
करो ना मनमानी
बच्चों को टोको ना
बड़ों को रोको ना
तू भी उत्सव में शामिल हो जाओ ना!
बीस बीत रहा है..
इक्कीस चुपके से आ रहा है!
इसी से बंधी है आस
बीस ने किया है निराश।
कोरोना लाॅकडाउन ने सताया
स्कूल कालेज सब बंद कराया
पढ़ाई लिखाई कमाई हुई सब चौपट
गई नौकरी, गहराया रोजगार का संकट!
हुईं कितनी समस्याएं,
क्या क्या तुम्हें हम बताएं?
चोट पड़ी भारी,
धरी रह गई सारी तैयारी।
आशा है इक्कीस से,
बीतेगा यह ठीक से!
इसी उम्मीद में नाचे गाएं,
खुशियां मना गम को भुलाएं।
यही तो जीवन है-
चलते रहना बढ़ते रहना
सुख दुःख में एक सा रहना
पीछे मुड़कर नहीं देखना
सुनहरे कल के सपने आंखों में लिए-
आगे बढ़ते रहना।

 

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें :

चाय

 

Similar Posts

  • आया होली का त्योहार | Aaya Holi ka Tyohar

    आया होली का त्योहार ( Aaya Holi ka Tyohar )   आया होली का त्योहार, पानी की बौछार, रंग बिरंगी दुनिया में रंगहीन ना हो त्योहार। ना करें पानी की बरबादी ना हो प्रकृति को नुक्सान, ना मज़हब का हो चश्मा एक दूजे का हो सम्मान। राजनीति रंग में ना रंगे औरों को भी ना…

  • अमराई बौराई

    अमराई बौराई   पीपल के पात झरे पलाश गये फूल। अब भी न आये वे क्या गये हैं भूल। गेंदे की कली कली आतप से झुलसी, पानी नित मांग रही आंगन की तुलसी, अमराई बौराई फली लगी बबूल। पीपल के पात झरे पलाश रहे फूल। काटे नहीं रात कटे गिन गिन कर तारे, कोयलिया कूक…

  • शाबाश कतर | Qatar par kavita

    शाबाश कतर ! ( Shabaash Qatar ) बड़े प्रभावी ढंग से कतर ने- कोविड-19 का मुकाबला किया है, एक जबरदस्त कामयाबी हासिल किया है। त्वरित पहचान व रोकथाम शुरू किया, प्रभावित समूहों को शीघ्र अलग किया; इसी ने उसे बेहतर रिजल्ट दिया । वहां 29 फरवरी को पहला मामला आया, लगभग 667936 लोगों को जांचा…

  • हिंदी मेरी शान है | Hindi Meri Shaan

    हिंदी मेरी शान है ( Hindi Meri Shaan )   हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी सरल पहचान। हिंदी मेरा वतन है, नित्य करूं मैं गुणगान।। हिंदी मेरी भाषा है, राष्ट्रभाषा सदा महान। हिंदी मेरी मातृभाषा, मातृभूमि का वरदान।। हिंदी मेरा सम्मान है, हिंदी राष्ट्र स्वाभिमान। हिंदी मेरे तन मन रहे, हिंदी मेरा अभिमान।। हिंदी…

  • मैं स्वाभिमान हूं | Kavita Main Swabhimaan Hoon

    मैं स्वाभिमान हूं ( Main Swabhimaan Hoon ) मैं हर जगह दिखता नहीं हूं क्योंकि मैं बाजारों में बिकता नहीं हूं मैं कभी अभिमानी के साथ में टिकता नहीं हूं मैं स्वाभिमान हूं मैं हर व्यक्ति में होता नहीं हूं मुझे ढूंढना इतना आसान नहीं है, क्योंकि मैं इतनी आसानी से मिलता नहीं हूं मैं…

  • स्वर्णिम विजय दिवस | Vijay Diwas

    स्वर्णिम विजय दिवस ( Swarnim vijay diwas )    १९७१ के युद्ध में भारत की विजयी हुई थी, पाक की कश्मीर पर नापाक नज़र रही थी। विजय की ख़ुशी में मनाते हम स्वर्ण जयंती, भारत सेना ने पाक को ऐसे धूल चटाई थी।। मातृ भूमि का मान बढ़ाकर वो ऐसे सो गये, हमेशा हमेशा के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *