Neela Rang par Kavita

नीला रंग | Neela Rang par Kavita

नीला रंग

( Neela rang ) 

 

नीलगगन नीला अंबर हमको देता ऊंची उड़ान।
नीली छतरी वाला ऊपर सब देखे छतरी तान।

अगम अगोचर अविनाशी है नीलकंठ महादेव।
लीलाधारी है श्रीकृष्ण नील अश्व वर्ण शनिदेव‌।

सम्मोहन आकर्षण शक्ति जो पियूष भी है प्यार भी।
सिंधु में हिलोरे उठती जोड़े आत्माओं के तार भी।

पौरुष बल वीरता देता प्रतीक न्याय और सद्भाव वो
भाग्य को प्रबल कर देता नीलम चंद्र शुभ भाव को

सुख शांति घर घर देता हर लेता मन की पीर जो
नीलवर्ण धैर्य क्षमादाता नर न विचलित अधीर हो

 

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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