ओ इंसान | Oye Insaan

ओ इंसान

( Oye Insaan )

ओ इंसान ,
हर जगह छोड़,
अपनी अच्छाई के निशान ।
और अपनी, सच्चाई के निशान ।
बस इसी में लगा , तू अपनी जान ।
पहले बन , अच्छा इंसान ।
फ़िर गुणवान, और चरित्रवान ।
लोग करें , तेरा गुणगान ।
कर तू कुछ , ऐसा मेरी जान ।
बना अलग ,अपनी पहचान ।
करें सब तुझपर, जां कुर्बान ।
तब ही तू ,कहलायेगा महान ।
याद रखेगा, तुझे जहान ।
क़ायम रख, अपना ईमान ।
त्याग ना मत ,कभी स्वाभिमान ।
बढ़ा अपने, किरदार की शान ।
समझा मेरे, प्यारे इंसान ।

Pragati Dutt

श्रीमती प्रगति दत्त
अलीगढ़ उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़ें :

Similar Posts

  • दीप जलाना होगा | Kavita

    दीप जलाना होगा ( Deep jalana hoga )   बुलंद हौसला बनाना होगा तूफान  से  टकराना  होगा मास्क जरूरी मुंह पर रखना जन-जन को समझाना होगा   वक्त के मारे लोग जगत में मदद को हाथ बढ़ाना होगा दुख की गाज गिरी जिन पर ढांढस  उन्हें  बंधाना  होगा   मन का भेद मिटाना होगा सेवा…

  • हर पल दिल बस तुझको देखे | Hindi romantic geet

    हर पल दिल बस तुझको देखे (Har pal dil bas tujhko dekhe )   हवाओं में फिजाओं में, धड़कनों सदाओं में। मौसम की बहारों में, सावन की घटाओं में। महकती वादियों में, दिल के जो अरमान रखें। सलोनी सूरत वो प्यारी, ख्वाबों में तुझको देखे। हर पल दिल बस तुझको देखे-2   चाल निराली लगे…

  • मै राही संघर्ष का | Mai Rahi Sangharsh ka

    मै राही संघर्ष का ( Mai Rahi Sangharsh ka ) मै राही संघर्ष का, नित पथ में बढ़ता जाता हूं। हर आंधी तूफानों से, फौलादी सा टकराता हूं। मैं राही संघर्ष का तीर सहे तलवार सहे, शब्दों के हर तीखे वार सहे। हौसलों से दुश्चक्र मिटाए, जिंदा तन मन प्राण रहे। जोश जज्बा हृदय में…

  • पायल | Payal geet

    पायल ( Payal )   बजे पायल की झंकार मन मेरा डोल उठा मन मयूरा नाचे ताल गीत मेरा बोल उठा   करे घुंघरू खूब धमाल दीवानों को घायल रुनझुन रुनझुन की तान छेड़ती है पायल   पैरों का करे सिंगार प्रियतम झूम उठा चमके चांदी की पायल जमाना घूम उठा   मदमस्त बहारें मोहक…

  • मुस्कुराहट | Muskurahat

    मुस्कुराहट ( Muskurahat )   हजार गमों की महफिल में, तू मुस्कुराहट को न्योता दिया कर।। नम हुई आंखे तेरी, दिल को सताती है, मुकुराहट तो दिल का सुकून कहलाती है।। ऐ दोस्त , तेरी उदास आंखे, बहुत दिल में हलचल मचाती है, तू बस हंस दे, तो सारी कायनात खुशियां मनाती है।। ज़िंदगी के…

  • शब्द | Hindi Poetry

    शब्द ( Shabd )   मेरे शब्दों की दुनिया में, आओं कभी। स्वर में कविता मेरी, गुनगुनाओ कभी। बात दिल की सभी को बता दो अभी।   मेरे शब्दों की दुनिया में…….. ये जो  रचना  मेरी  देगी  जीवन तभी। लय में सुर ताल रिद्धम में बाँधो कभी। अपने भावों को इसमें मिलाओ कभी।   मेरे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *