Kavita Wah re Abhineta Mahan

वाह रे अभिनेता महान | Kavita Wah re Abhineta Mahan

वाह रे अभिनेता महान

( Wah re abhineta mahan ) 

 

बड़े-बड़े अदाकारा

बड़े-बड़े अभिनेता

कर रहे विज्ञापन

पियो कोकोकोला

और खेलो रम्मी

समय नष्ट करने

मस्तिष्क में बसा

है एक मायाजाल

चकित भ्रमित रहा

उम्र का नहीं ख्याल

माता पिता के बैलेंस

धीरे-धीरे खत्म करा

बच्चे डूब गए इसमें

उम्र गुजार देते है वह

छ इंच के यंत्र में अब

नौकरी कि किसे चिंता

वाह रे अभिनेता महान

वाह रे अभिनेता महान

 

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

अछरू माता | Akshru Mata par Kavita

 

Similar Posts

  • आया प्यारा बाल दिवस | Bal Diwas par Kavita

    आया प्यारा बाल दिवस ( Aaya pyara bal diwas )      खुशियाॅं देकर जाता है सब को हर वर्ष, आज फिर से आया प्यारा बाल दिवस। होती है अंताक्षरी वाद-विवाद एवं खेल, नेहरु जी का मनातें सभी जन्म-दिवस।।   बाल दिवस भी कहते इस दिन को सब, चाचा नेहरु कहकर बुलाते उनको तब। प्यार…

  • आखिर में | Aakhir Mein

    आखिर में ( Aakhir Mein )    आज के इस विकास शील माहौल में घर का मुखिया होना गुनाह नहीं है किंतु , परिवार के भविष्य के लिए स्वयं के भविष्य को भुला देना ही सबसे बड़ा गुनाह है बेशक, परिवार आपका है जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व आपकी है धर्म कर्म सभी परिवार के लिए जरूरी…

  • वो बाबा भीम हमारा | Baba Bhim Hamara

    वो बाबा भीम हमारा ( Wo baba bhim hamara )   आज गाॅंव‌-शहर की हर गली में गूॅंज रहा यह नारा, सबको अपना हक दिलाया लिखें संविधान प्यारा। अच्छाई-सच्चाई के लिए लड़ता रहा उम्र भर सारा, जनहित में सारे काम किया वो बाबा भीम हमारा।। देखा था बचपन में उन्होंने ये निम्न-जाति व्यवस्था, बाहर बैठकर…

  • जीवन की आधारशिला | Poem jeevan ki aadharshila

    जीवन की आधारशिला ( Jeevan ki aadharshila )     सत्य सादगी सदाचार है जीवन की आधारशिला। सद्भाव प्रेम से खिलता हमको प्यारा चमन मिला।   पावन पुनीत संस्कार ही संस्कृति सिरमौर बने। सत्य शील आचरणों में मानवता के जो गहने।   जब दिलों में प्रेम बरसता चेहरों पर मुस्काने हो। राष्ट्रप्रेम की अलख जगाते…

  • शिक्षण सेवा के २१ वर्ष

    शिक्षण सेवा के २१ वर्ष ****** ख़ुशी का है दिन आज- मना लो खुशी, आज ही के दिन हुई थी- तुम्हारी नियुक्ति। ली थी तुमने- पद , गोपनीयता , सेवा की शपथ, खायी थी कसम होगे न पथ भ्रष्ट। आज २१वीं बरसी पर दिल पर हाथ रख- पूछो अन्तर्मन से कुछ सवाल, इन वर्षों में,…

  • विश्वासघात | Vishwasghaat kavita

    विश्वासघात ( Vishwasghaat )   छल कपट विश्वासघात का दुनिया में है बोलबाला हंसों का दाना काग चुग रहे छीने मुंह का निवाला   स्वार्थ सिद्ध करने वाले बोल मधुर से बोल रहे अपनापन अनमोल जता जहर हवा में घोल रहे   दगाबाजी धोखाधड़ी वंचना देशद्रोह और गद्दारी विश्वासघात के रूप कई अपघात और भ्रष्टाचारी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *