पालक | Paalak

पालक

( Paalak )

 

जीवित रहना तो उम्र गुजारना है
आपके जीवन का निष्कर्ष तो
कर्म और व्यवहार से ही
प्रतिपादित होता है…..

ऊंचा आसन या
प्रतिष्ठित कुल मे बनाम लेना
आपके प्रारब्ध का फल है
हो रहा क्षीण जो पल प्रति पल
भविष्य निर्णय तो
वर्तमान की नींव पर ही होता है….

किसी को जानने के पहले
स्वयं को भी खड़ा देखें वहीं
वक्त के समंदर मे गहराई तो है
किंतु
लहरें खींच लाती हैं किनारे तक सब कुछ…

जो है
वह आपका नही है
मिला हुआ है आपको
उसके सरंक्षण और संवर्धन के लिए ही
वह ,
जा भी सकता है
मिली सांसों की तरह…..

स्वामी होकर भी आप स्वामी नही
सिर्फ पालक हैं…

 

मोहन तिवारी

 ( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

आपकी सोच ही | Aapki Soch

Similar Posts

  • मतदान महोत्सव | Kavita Matdan Mahotsav

    मतदान महोत्सव ( Matdan Mahotsav )   लोकतंत्र का महान महोत्सव मतदान करना शक्ति भक्ति महान महोत्सव मतदान करना राष्ट्र भक्त का कर्त्तव्य मतदान करें देश हित्त में मिलजुल मतदान करें राजतंत्र में राज घरानों की परम्परा प्रजातंत्र में मतदान करने की परम्परा अपने राजा का ख़ुद चयन करो मत में शक्ति समाई चयन करो…

  • सच्चाई की ताकत

    सच्चाई की ताकत ***** मैं सच कहता रहूंगा ज़ालिम! चाहे उतार लो- मेरी चमड़ी खिंचवा लो मेरे नख होउंगा नहीं टस से मस? मजबूत हैं मेरे इरादे चाहे जितना जोर लगा लें पीछे नहीं हटूंगा सच कहता हूं कहता ही रहूंगा। जुल्म के आगे तेरे नहीं मैं झुकूंगा मरते दम तक सच ही कहूंगा। मरने…

  • अब लगेगा स्टार तुम्हारे | Ab Lagega Star Tumhare

    अब लगेगा स्टार तुम्हारे ( Ab Lagega Star Tumhare ) रख हौंसला वीर जवान ग़म के दिन गुज़र जाएंगे,ख़तरो के मंडराते हुए यह बादल भी टल जाएंगे। पसीना बहाना रक्त बचाना अच्छे दिन भी आएंगे,जब लगेगा स्टार तुम्हारे लोग तालियां बजाएंगे।। इन ऑंसुओं को पीते पीते तुमने वर्षों गुज़ार दिए,बस बहुत हो गयी नौकरी फिर…

  • किन्हीं कानों से | Kinhi Kano se

    किन्हीं कानों से ( Kinhi kano se)    किसी की आंखों से, किन्हीं कानों से। कृपया मत देखो, कृपया मत सुनो।   केकई तो कान की कच्ची हो गई कुछ बात मंथरा कर्णप्रिय भर गई   राम राजतिलक होना तय हुआ भाग्य में बनवास जाना कर गई   कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू…

  • तुम्हारी तरह | Tumhari Tarah

    तुम्हारी तरह ( Tumhari tarah )   यूं तो ,जी लेते हम भी बिंदास जिंदगी तुम्हारी तरह घर मे कम कुछ नही था किंतु,परिवार के साथ साथ कुछ बाहरी जिम्मेदारियां भी थी सिर्फ परिवार ही संसार नही होता हर किसी की मुलाकात हर घटना दुर्घटना हर संदेश समाचार अबतक ,कुछ न कुछ देते ही रहे…

  • मां पर प्यारी सी कविता

    मां पर प्यारी सी कविता   ऐ टूटते हुए तारे दुआ कबूल तो करो मेरी मेरी माँ को मेरे सामने सलामत सदा रखना|| हँसते मुस्कुराते चेहरे आँखों की नमी देखी है परदेश में सब कुछ है माँ बस तेरी कमी देखी हैं|| उजाले को गुमान था अपनी कलाकारी पर माँ के आँखे खोलते ही वह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *