गणपत लाल उदय की कविताएं | Ganpat Lal Uday Poetry
मां नील सरस्वती का प्रतीक बहुत निराली और रहस्यमयी है जिसकी ये कहानी,समुद्र मंथन से प्रकट हुआ सुना बुजुर्गो की ज़ुबानी।उन 14 रत्नों में से एक है ऐसा कहते समस्त ज्ञानी,हरसिंगार पारिजात शेफाली कहते कोई रातरानी।। कल्पवृक्ष भी कहते इसको जो रोपा गया इन्द्रलोक,संपूर्ण रात सुगंध बिखेरता फूल जिसका इन्द्रलोक।आमतौर पर यह देर शाम अथवा…










