• अन्तर्मन का दीया

    अन्तर्मन का दीया दीपावली के दीये तोबुझ जाएँगेएक रात के बाद किन्तु अन्तर्मन का दीयासदैव जलाए रखना तांकि मिट सकेनिराशाओं का तिमिरचमकता रहेआशाओं का शिविर जगमगा उठेयह दिवस ओ निशाभावनाओं की हर दिशा यदि हो सके तोजलानाकिसी असहाय केबुझे हुए दीयेरौशनी के लिए। डॉ जसप्रीत कौर फ़लक( लुधियाना ) यह भी पढ़ें :-

  • यार तू हँसना हसाना छोड़ दे

    यार तू हँसना हसाना छोड़ दे यार तू हँसना हसाना छोड़ देलोगो की बातों में आना छोड़ दे इस तरह तू मुस्कराना छोड़ देगम को अपने तू छुपाना छोड़ दे अब न राधा और मीरा है कोईश्याम तू बंशी बजाना छोड़ दे प्यार भी ये इक बला है मान करगीत उल्फ़त के सुनाना छोड़ दे…

  • पावन दिवस है दीपावली

    दीपावली का दिन बहुत ही पवन और पवित्र है। इस दिन हर जाती धर्म के लोग इस त्यौहार को अपने अपने तरीके और उत्साह के साथ मानते है। सभी का मानना है की दीप जलाकर सिर्फ खुशीयों को जाहिर करे और भाईचारे तथा स्नेह प्रेम की भवानाओं की ज्योत हर एक इन्सान के दिलमें और…

  • जब दिकु सामने आएगी

    जब वो सामने आएगी, तो शायद सबसे पहले मैं एक पल के लिए ठहर जाऊंगा। उसे देखता रहूंगा, जैसे मेरी नज़रें उसे महसूस कर रही हों, और दिल में इतने अरसे से उठते भाव अचानक से उसकी मौजूदगी में सिमट जाएं। मेरे लफ़्ज़ शायद साथ न दें, पर मेरी आँखें उसे सब कह डालेंगी। पहली…

  • रौशन करें | Roshan Karen

    रौशन करें ( Roshan Karen ) तीरगी में प्यार का ऐसा दिया रौशन करेंहो उजाला जिसका हर सू वो वफ़ा रौशन करें लुत्फ़ आता ही कहाँ है ज़िन्दगी में आजकलमौत आ जाए तो फिर जन्नत को जा रौशन करें मतलबी है ये जहाँ क़ीमत वफ़ा की कुछ नहींहुस्न से कह दो न हरगिज़ अब अदा…

  • कल रात | Kal Raat

    कल रात ( Kal Raat ) ज़िन्दगी धूप सी लगी कल रातइस तरह बेबसी दिखी कल रात जिसको देखा नहीं सँवरते मैंवो भी सज-धज के तो मिली कल रात मिलने बेचैन हो गया दिल तोरात भी जो कटी नही कल रात ज़िन्दगी से जिन्हें शिकायत थीखुशियां उनमें मुझे दिखी कल रात ज़िन्दगी भर का साथ…

  • होकर उल्लू पर सवार

    होकर उल्लू पर सवार होकर उल्लू पर सवार ,चली लक्ष्मी हर घर-द्वार। यश, धन की करने बरसात,अनिल मंद स्वर गाए मल्हार । सोने का रथ,रजत पालकी,रथ पर हुए कुबेर सवार । ऋद्धि-सिद्धि व बुद्धि प्रदाता ,संग गणेश हैं , दीप आधार। मन भावन प्रिय लगे सुरुचिकर,दीपावली, धनतेरस त्यौहार। जीवन में शुभ-लाभ है छाया ,दीप जले…

  • तमन्न-ए-क़ल्ब | Tamanna-e-Qalb

    तमन्न-ए-क़ल्ब ( Tamanna-e-Qalb ) हर तमन्न-ए-क़ल्ब मर जाए।वो अगर अ़ह्द से मुकर जाए। और भी आब-जू निखर जाए।वो अगर झील में उतर जाए। वो अगर देख ले नज़र भर कर।सूरत-ए-आईना संवर जाए। क्या करें जान ही नहीं जाती।जान जाए तो दर्द-ए-सर जाए। जेब ख़ाली है ह़ाल बोसीदा।ऐसी ह़ालत में कौन घर जाए। हाथ रख दे…

  • सरकारों की उपेक्षा के चलते पिछड़ती गई हरियाणवी भाषा

    वर्तमान अकादमी उपाध्यक्ष व निदेशक की पहल सराहनीय : डॉ. ‘मानव’ हरियाणा-दिवस के सुअवसर पर दिए गए अपने विशेष साक्षात्कार में डॉ. ‘मानव’ ने कहा कि पंजाब से अलग हरियाणा राज्य का गठन ही भाषा के आधार पर हुआ था, लेकिन सरकारों की उपेक्षा के चलते हरियाणवी पिछड़ती चली गई। हरियाणा के हिन्दी और हरियाणवी…

  • धनतेरस | Dhanteras

    हर समय दुनिया की तमाम वस्तुओं की सारता-असारता का अहर्निश विचार करो। प्रत्येक चीज के उपयोग से पूर्व ऐसा विचार करने की आदत डालो! कोई भी चीज हाथ में लो तब इसे पूछो कि यह किसकी है? अपनी या पराई? अच्छी या बुरी? सुखद या दुःखद? ऐसा करते-करते धर्म की जिज्ञासा जागृत होगी। किन्तु आप…