• प्रकाशमय होवे सबका जीवन

    प्रकाशमय होवे सबका जीवन दिवाली का त्योहार बड़ी खुशियों भरा,प्रकाशमय होवे सबका जीवन ये सारा। वसुबारस उर्वरता और प्रचुरता का प्रतीक,गौ माता के पूजन से मिलेगी समृद्धि अधिक। शारीरिक आरोग्य प्रसन्नता बढ़ाएं धन्वंतरी,अखंडता से होवे जीवन में धन वर्षाव भारी। सत्य का असत्य पर प्रभाव नरक चतुर्थी का,सदा जीवन सुख मिले यही भाव सत्कर्म का।…

  • अष्ट दीप दान

    अष्ट दीप दान आदि लक्ष्मी अर्पित करें, प्रथम दीप का दान।ह्रदय बुद्धि शीतल करें, और बढ़ाएँ मान।। 1।। धन लक्ष्मी को दीजिये, दूजा दीपक दान।भौतिक सुख सम्पन्नता, मान और सम्मान।। 2।। कौशल प्रतिभा ज्ञान का, दीप तीसरा दान।विद्या लक्ष्मी जान कर, मनुज बढ़ाया मान।। 3 ।। अन्न बिना जीवन नही, अर्पित लक्ष्मी धान ।चौथा दीपक…

  • दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

    दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार दीपावली है दीपोत्सव का सबसे प्यारा त्यौहार,दीपक जलाकर इसे मनाता हैं देखो सारा संसार।जगमगाता है जग, दीपक की ज्योति की लौ से,दीप जलाते,खुशी मनाते हैं, है रंगोली की भरमार।। दीपावली सनातनियों का है सबसे प्यारा त्यौहार,जग के अंधकार मिटाता है होती रोशनी की भरमार ।बुराई से अच्छाई की विजय कर घर…

  • आओ हम दिवाली मनाएं

    आओ हम दिवाली मनाएं आओ हम-सब साथ मनाएं दीवाली त्यौंहार,तमस की उमस दूर करें जलाएं दीप अपार।जगमग कर दे घर ऑंगन हो समृद्धि बौछार,सुखमय हो सबका जीवन महकें द्वार-द्वार।। इसदिन ही संपूर्ण हुआ श्री राम का वनवास,सीता-राम और लखन पधारे अपने निवास।झिलमिल करते दीप-जलाएं पर्व बना ख़ास,तब से चली आ रही परंपरा कार्तिक-मास।। इस अमावश…

  • खुशियों से रौशन करें संसार

    दीपावली घी रुई से ज्योति जलतीमिट्टी का दीपक जलताजीवन की गाड़ी चलतीआपसी प्रेम जो पलता राम आज जब आयेंगेप्रसन्न हो जायेगी सीताअयोध्यावासी भी गायेंगेउर्मिला भी होगी हर्षिता भरत मिलने आयेंगेशुभ बेला आई पुनीतानागर दीप जलायेंगेखुश होंगी तीनों माता रावण से लंका को जीतामुक्त हुई लंका से सीता। खुशियों से रौशन करें संसार दीपोत्सव की खुशियां…

  • दीपक की महिमा

    दीपक की महिमा दीपावली का त्यौहार हैखुशियों की बाहर लाया। दीपों की सजी कतार हैजगमगा रहा पूरा संसार हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय लायासुख समृद्धि भाईचारे का संदेश लाया। किसानों के चेहरे पर खुशी की लाली आईसभी की आंखों में अलग ही चमक आई मां लक्ष्मी घर घर पधार रही हैचारों ओर खुशियों की…

  • हुए हैं किसी के

    हुए हैं किसी के करम जब से हम पर हुए हैं किसी केमज़े आ रहे हैं हमें ज़िन्दगी के पड़े हम को मँहगे वो पल दिल्लगी केफँसे प्यार में हम जो इक अजनबी के किया उसने दीवाना पल भर में मुझकोहुनर उस पे शायद हैं जादूगरी के निगाहों से साग़र पिलाने लगे वोमुक़द्दर जगे आज…

  • जलाना एक दीपक

    जलाना एक दीपक ( माधव मालती छंदाधारित गीत ) देहरी पर आज अंतस के जलाना एक दीपकफेर कूची द्वेष पर तुम जगमगाना एक दीपक। घर तुम्हारा रौशनी से झिलमिलाता ठीक है येपर्व खुशियों के मनाता गीत गाता ठीक है येद्वार अंधेरा पड़ोसी का अगर है व्यर्थ है सबसामने कोई विकल तो हर्ष का कुछ अर्थ…

  • धन्य त्रयोदशी

    धन्य त्रयोदशी सबसे निस्पृह महावीर प्रभु अनंत चतुष्टय रत रहते,समवसरण की बाह्य लक्ष्मी पर भी चौ अंगुल स्थित रहते,कार्तिक मास की त्रयोदशी पर तीर्थंकर पुण्य भी त्याग दिया,सारा वैभव पीछे छूटा प्रभु एकल विहार रत रहते !! धन्य हुई कार्तिक त्रयोदशी आपने योग निरोध किया,मन वच काय साध आपने आत्म तत्व को शोध लिया ,योग…

  • नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगते

    नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगते नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगतेखून से लिपटे हमारे नहीं अच्छे लगते कद्र -जो मात- पिता की न किया करते हैंअपने ऐसे भी दुलारे नहीं अच्छे लगते जान लेती हैं हमारी ये अदाएँ तेरीयूँ सर -ए बज़्म इशारे नहीं अच्छे लगते जिनमें ज़हरीले से दाँतों की रिहाइश…