Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • वाल्ट व्हिटमैन
    कविताएँ

    वाल्ट व्हिटमैन की अनुवादित कविता | अनुवादक- दीपक वोहरा

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    वाल्ट व्हिटमैन (1819-1892) को अमेरिका के सबसे प्रभावशाली कवियों में से एक माना जाता है। उनका कविता संग्रह, लीव्स ऑफ़ ग्रास, अमेरिकी साहित्य के इतिहास में एक मील का पत्थर है। व्हिटमैन ट्रान्सेंडैंटलिज़्म और यथार्थवाद के बीच संक्रमण का हिस्सा थे, और उनका काम अक्सर अमेरिकी अनुभव और उसके लोकतंत्र की प्रकृति पर केंद्रित होता…

    Read More वाल्ट व्हिटमैन की अनुवादित कविता | अनुवादक- दीपक वोहराContinue

  • क्या बात हो गई
    कविताएँ

    क्या बात हो गई

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    क्या बात हो गई तुम रूठ कर चले गए क्या बात हो गई।हम बुलाते रह गए क्या बात हो गई। तुम रात ख्वाब में पैगाम ले कर आए।विन सुनाए बैठे रहे क्या बात हो गई। मुफलिसी का हल ढूंढ़ने में जिंदगी गई।हल निकला ना कोई क्या बात हो गई। मालूम होता तो बताता चौखट को।दरबाजे…

    Read More क्या बात हो गईContinue

  • जैसा मैं चाहती थी वैसा वो कर रहा है
    ग़ज़ल

    जैसा मैं चाहती थी वैसा वो कर रहा है

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    जैसा मैं चाहती थी वैसा वो कर रहा है जैसा मैं चाहती थी वैसा वो कर रहा हैदिल को मगर न जाने क्या फिर अखर रहा है। उसकी वो सर्द महरी पत्थर के जैसा लहज़ाअब ये बता रहा है सब कुछ बिखर रहा है। जो है खुशी मयस्सर उसमें नहीं बशर खुशजो ख़्वाहिशात बाकी बस…

    Read More जैसा मैं चाहती थी वैसा वो कर रहा हैContinue

  • तितली है खामोश
    साहित्यिक गतिविधि

    ” तितली है खामोश ” और ” दीमक लगे गुलाब ” को मंत्री रणबीर गंगवा ने अद्वितीय साहित्यिक धरोहर करार दिया

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    हिसार: गाव बड़वा में जन्में और वर्तमान में हिसार शहर में रह रहें लेखक युगल डॉ सत्यवान ‘सौरभ’ एवं प्रियंका ‘सौरभ’ ने अपनी चर्चित पुस्तकें ‘तितली है खामोश’ एवं ‘दीमक लगे गुलाब’ हरियाणा के नये कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को उनके निवास पर मुलाकात के दौरान भेंट की। वर्तमान युग की समस्याओं को सौरभ दम्पति…

    Read More ” तितली है खामोश ” और ” दीमक लगे गुलाब ” को मंत्री रणबीर गंगवा ने अद्वितीय साहित्यिक धरोहर करार दियाContinue

  • दलित की यथार्थ वेदनाविदा
    कविताएँ

    दलित की यथार्थ वेदनाविदा

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    दलित की यथार्थ वेदनाविदा घर की खिन्नता को मिटाऊँ,या समाज की उन्नति जताऊँ lक्यूँ भूल गए है हम ,एक डाल के फूल है हम lक्लेश से व्याकुलता तक ,साहित्य से समाज तक lदलित की गति अम्बेडकर जी है ,तो दलित की यति वाल्मीकि जी है l न भूलूँ गत अनुभव ,न छोडूँ अस्त भव lसाँझा…

    Read More दलित की यथार्थ वेदनाविदाContinue

  • Karva chauth par kavita
    कविताएँ

    ऐ चांद | Aye Chand

    ByAdmin October 21, 2024October 21, 2024

    ऐ चांद ( Aye Chand ) ऐ चांद तुम जल्दी से आ जाना भूखी प्यासी दिनभर की मैं बेकरारछलनी से करूंगी साजन का मैं दीदारशर्म से लाल होंगे तब मेरे गालपिया मिलन में देर न लगा जाना।ऐ चांद तुम जल्दी से आ जाना। मेहंदी रचे हाथ, सजे कंगन के साथपूजा की थाल लिए, करवा हाथमांगूंगी…

    Read More ऐ चांद | Aye ChandContinue

  • बाप को उसने | Baap ko Usne
    ग़ज़ल

    बाप को उसने | Baap ko Usne

    ByAdmin October 20, 2024October 20, 2024

    बाप को उसने ( Baap ko Usne ) बाप को उसने ख़ुदाई दी हैहाथ बच्चे ने कमाई दी है तेरा अंदाज़ निराला यह भीदर्द देकर भी दवाई दी है उम्र भर जिससे वफ़ाएं कीं थींमुझको उसने भी बुराई दी है खिल गयीं कलियां दिले- मुज़्तर कीतेरी आहट जो सुनाई दी है पूछता कोई तो मैं…

    Read More बाप को उसने | Baap ko UsneContinue

  • करवा का चाँद
    कविताएँ

    करवा का चाँद

    ByAdmin October 20, 2024October 20, 2024

    करवा का चाँद करवा का चाँदगगन और आँगन मे तो आयातेरी और मेरी आँखो में कभी आया ही नहींछन्नी के उस पार जाती हुई धुंधली नजर में मैने तुम्हे कैद कभी किया ही नहींतुम कैद कभी हुए नहींकरवा का चाँदगगन और आँगन मे तो आयातेरी और मेरी आँखो में कभी आया नहींआँखो में कभी आया…

    Read More करवा का चाँदContinue

  • करवा चौथ का व्रत
    कविताएँ

    करवा चौथ का व्रत ( दिकु के लिए )

    ByAdmin October 20, 2024October 20, 2024

    करवा चौथ का व्रत आज मैंने अपनी दिकु के लिए व्रत किया है,उसकी यादों में हर पल को जीया है।वो दूर है, पर दिल के पास है,उसके बिना हर ख़ुशी भी उदास है,अपनी दिकु को सर्वस्व सौंप दिया है,मैंने अपनी दिकु के लिए करवा चौथ का व्रत किया है। कहते हैं, ये त्योहार केवल स्त्रियों…

    Read More करवा चौथ का व्रत ( दिकु के लिए )Continue

  • Karva chauth poem
    कविताएँ

    देख ही लेती हूँ मै उसको

    ByAdmin October 20, 2024October 20, 2024

    देख ही लेती हूँ मै उसको दूर गगन की किस बदली में,जाने मेरा चाँद छुपा है,कौन भला उसे ढ़ूँढ़ के लायेकिसी को मेरी फिक्र कहाँ है,मै तो हूँ बस आँख उठाए किकब काली बदली छँट जाये,और मेरी सूनी आँखों मे,मुझको मेरा चाँद दिखाए,मै बर्षों से चौथ उपासी,पानी की दो बूँद को प्यासी,बस एक ही आस…

    Read More देख ही लेती हूँ मै उसकोContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 106 107 108 109 110 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search