सँभलना जो सिखातें हैं
सँभलना जो सिखातें हैं सँभलना जो सिखातें हैं यहाँ बापू मिले मुझको ।बिठाकर काँध पर घूमें वही चाचू मिले मुझको ।।१ जहाँ में ज्ञान सच्चा जो सिखाये सीख लेता हूँ ।मुझे जो राह पे लाये वही अब गुरु मिले मुझको ।।२ तमन्ना आखिरी अब यह कहीं मैं तीर्थ पे जाऊँ ।वहाँ भगवान के ही रूप…










