• सहज सुंदरता दिकु की

    सहज सुंदरता दिकु की वह मानो जैसे प्रकृति की सुंदरतामेरे हृदय को गहन शांति से भर देती है, उसकी आँखों में बसी अनगिनत भावनाएँसहजता से आकर मुझे भावनाओं से भर देती हैं। माथे पर छोटी सी बिंदी और होंठों पर हल्की मुस्कान उसके,चंचल नदी के प्रवाह को भी थमने पर वोह मजबूर कर देती है।…

  • पूजे जाते हैं | Puje Jate Hain

    पूजे जाते हैं ( Puje Jate Hain ) कहीं भगवान वना पूजे जाते हैं पत्थर।कहीं ठोकर दर ठोकर खाते हैं पत्थर। लिखे थे उसकी किस्मत में शायद पत्थर।तभी लोगों ने मिलकर उसे मारे पत्थर। मिले जो गले आ कर उसने भी नहीं गिला।शिकवा उनसे नहीं हाथ में थे जिनके पत्थर। ख्वाबों में डूबी झील को…

  • हमने अब स़ख़्त जान कर ली है

    हमने अब स़ख़्त जान कर ली है हमने अब स़ख़्त जान कर ली हैदूरी अब दरमियान कर ली है मिट गयी आन बान है सारीख़तरे में और जान कर ली है करने दीदार हमने हूरों काआस्माँ पे दुकान कर ली है इस परिंदे ने माँ से मिलने कोआज लंबी उड़ान कर ली है रोज़ कह…

  • देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए

    देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए बात तो अहल-ए-ख़िरद यह भी सिखानी चाहिएहर बशर को देश की अज़्मत बढ़ानी चाहिए ऐ मेरे मालिक ये तेरी मेहरबानी चाहिएकाम आये सब के ऐसी ज़िंन्दगानी चाहिए दे गया मायूसियाँ फिर से समुंदर का जवाबजबकि मेरी प्यास को दो बूँद पानी चाहिए क्यों भला पकड़े हुए हो रहबरों की उँगलियाँराह…

  • हमारे कभी | Hamare Kabhi

    हमारे कभी ( Hamare Kabhi ) चाँद उतरा न आँगन हमारे कभीउसका वादा था होगें तुम्हारे कभी झूठ वह बोलकर लूटता ही रहाथा यकीं की बनेंगे सहारे कभी दुख ग़रीबों का मालूम होगा तभीमेरी बस्ती में इक दिन गुज़ारे कभी मुझको अरमान यह एक मुद्दत से हैनाम मेरा वो लेकर पुकारे कभी हमसफ़र बन के…

  • जब से देखी है | Jab se Dekhi Hai

    जब से देखी है ( Jab se Dekhi Hai ) जब से देखी है पढ़कर ख़ुदा की किताब।छोड़ दी हम ने तब से जफ़ा की किताब। राहे ह़क़ से भटक जाओगे दोस्तो।भूल कर भी न पढ़ना अना की किताब। दिल कहीं पर भी लगता नहीं बाख़ुदा।दूर जब से हुई वो वफ़ा की किताब। औने-पौने भी…

  • अब भी मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ

    अब भी मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ आज पुरानी धुन में तेरी आवाज़ सुनी, जैसे किसी ख्वाब की छांव हो,जो पल तेरे संग बिताए, अब भी दिल के करीब हैं,तुझसे बिछड़ गया हूँ, फिर भी मिलने की उम्मीदें अजीज़ हैं।तेरे बिना अब खुशियों की ओर बढ़ने से डरता हूँ,निश्चित कुछ नहीं, फिर भी मैं तेरा…

  • मेरे भीतर | Rajni ki Ghazal

    मेरे भीतर ( Mere Bheetar ) चढ़ा अपने सनम के इश्क़ का पारा मेरे भीतरग़ज़ल कहने का मौज़ूं है बड़ा प्यारा मेरे भीतर रवानी बन गई है प्रेम की धारा मेरे भीतरहै ए’लान-ए-बहाराँ-सा ये इकतारा मेरे भीतर कहूँ कैसे मैं तुमसे दिल है बेचारा मेरे भीतरन जाने कबसे है पागल ये बंजारा मेरे भीतर तुम्हारे…

  • यामिनी छंद : सममात्रिकनवाक्षरी

    जन्म का खादर जन्म का खादर l घूमती घाघर lआखिरी आदर l ओढ़ ली चादर lक्रोध पारायण l बाँच रामायण lदम्भ भंडारण, l कब मरा रावण l आज भी जीवित l नारियाँ क्षोभित lयत्न सब रोधित l कब हुए शोधित lलोभ से लोभित l रूप पर मोहित lहो रहे क्रोधित l चेतना लोहित ll बेटियाँ…

  • निगाहों से साग़र पिला दूं चलो मैं

    निगाहों से साग़र पिला दूं चलो मैं निगाहों से साग़र पिला दूं चलो मैं।तुम्हें अपने जलवे दिखा दूं चलो मैं। न जाओ मुझे छोड़ कर मयकदा तुम।के बदनाम हो जाओगे बाख़ुदा तुम।क़रीब आओ मेरे न यूं दूर जाओ।मुह़ब्बत की दौलत लुटा दूं चलो मैं।निगाहों से साग़र पिला दूं चलो मैं। कहीं प्यार ऐसा न पाओगे…