• आपकी आश्की | Aapki Aashiqui

    आपकी आश्की ( Aapki Aashiqui ) खुशबुओं से भरी आपकी आश्कीताजगी भर गई आपकी आश्की बात ही बात में बात बनने लगीप्यार से भर गई आपकी आश्की खूब हँसते रहे और हँसाते रहेगीत में ढल गई आपकी आश्की । हर जगह तुम दिखे नूर अपना लिएसूफियाना हुई आपकी आश्की ।। राह तकते रहे उम्र भर…

  • एक ग़ैर मुरद्दफ़ ग़ज़ल | वो चाहता तो

    वो चाहता तो तसकीन उसके दिल को मिलती मुझे रुलाकेपूरी जो कर न पाऊं फरमाइशें बताके। वो चाहता तो चाहे कब उसको है मनाहीदिक्कत वो चाहता है ले जाना दिल चुरा के। मंजिल जुदा जुदा है जब उसकी और मेरीतब दिल का हाल उसको क्या फायदा सुना के। कहता है उंसियत में इज़हार है ज़रूरीरूठा…

  • सांस्कृतिक मूल्य विकसित भारत की कुंजी : प्रो. एम. एम. गोयल

    “विकास को केवल आर्थिक प्रगति से नहीं मापा जा सकता है, बल्कि यह उन मूल्यों, परंपराओं और दर्शन में गहराई से निहित होना चाहिए जो भारत के लोकाचार को आकार देते हैं।“ ये शब्द तीन बार कुलपति, जिसमें राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान (आरजीएनआईवाईडी श्रीपेरंबदूर) -राष्ट्रीय महत्व का संस्थान , एवं नीडोनोमिक्स स्कूल ऑफ…

  • मन तू क्यूं ना माने ?

    मन तू क्यूं ना माने ? मन तू ,क्यूं ना माने ?सबको क्यूं , अपना माने । सब होते ना ,यहां अपने ।कुछ होते, हैं बेगाने । बनते हैं, बहुत ही अपने ।दिखाते, नित नए सपने । फिर एक दिन, रंग दिखाते ।उनके नकाब, गिर जाते । वो प्रेम ,कहीं खो जाता ।ढूंढ़े से,नज़र ना…

  • बढ़े सौरभ प्रज्ञान | Badhe Saurabh Pragyan

    बढ़े सौरभ प्रज्ञान ( Badhe Saurabh Pragyan ) जन्मदिन की बधाइयाँ, करें पुत्र स्वीकार।है सबकी शुभकामना, खुशियाँ मिले हजार।। बहुत-बहुत शुभकामना, तुमको प्रियवर आज।हो प्रशस्त जीवन सुखद, सुन्दर साज समाज।। जीवन भर मिलती रहें, खुशियाँ सदा अपार।मात शारदे! आपके, भरें ज्ञान भण्डार।। शुभ सरिता बहती रहे, जीवन हो सत्संग।घर आँगन खिलते रहें, प्रेम प्रीति के…

  • परिवार अपना | Parivar Shayari

    परिवार अपना ( Parivar Apna ) जहाँ से निराला है परिवार अपनाइसी पे लुटाता रहूँ प्यार अपना कदम बेटियों के पड़े घर हमारेमहकने लगा है ये संसार अपना ये बेटे बहू कब हुए है किसी केजो इनपे जताऊँ मैं अधिकार अपना मजे से कटी ज़िन्दगी भी हमारीचला संग मेरे जो दिलदार अपना करूँ मैं दुआएं…

  • ख्वाबों में आ बहकाते हो | Khwab Shayari

    ख्वाबों में आ बहकाते हो ( Khwabon mein Aa Bahakate Ho ) ख्वाबों में आ बहकाते हो फुसलाते हो।मीठी नींद से बेरहमी से उठा जाते हो। भूलना चाहा मैंने जिस ग़ज़ल कोख्यालों में आ उसे गुनगुनाते हो । जो जाते कहां लौट कर आते हैं।याद में उनकी क्यों अश्क बहाते हो। पड़ता नहीं फर्क उन्हें…

  • पास बैठो | Paas Baitho

    पास बैठो ( Paas Baitho ) पास बैठो दो घड़ी मेरे सनमगर न बैठे तो तुम्हें दूंगी कसम जिंदगी में मौज ही सबकुछ नहींध्येय को भी सामने रखना बलम खुद के पैरों पर ही चलना ताकि येकह सको इस जग को हैं खुद्दार हम मुस्कुराकर प्रेम से हर फ़र्ज़ कोगर निभाओगे सफल होगा जनम राक्षसों…

  • तो और क्या करते | To Aur Kya Karte

    तो और क्या करते ( To Aur Kya Karte ) वो अपना ग़म न छिपाते तो और क्या करतेनज़र न अपनी झुकाते तो और क्या करते अज़ल से दुश्मनी पाले थे यार हमसे वोहमारा दिल न जलाते तो और क्या करते रवानी चाहती है ज़िंदगी हमारी भीक़दम अगर न बढ़ाते तो और क्या करते क़ज़ा…

  • रिश्ते प्यार के | Rishtey Pyaar Ke

    रिश्ते प्यार के ( Rishtey Pyaar Ke ) जबकोई रूठतारिश्ते प्यार केसलीके सेनिभाता•रिश्तेहैं अनमोलसंभाल कर रखोक्यों लगातेमोल•बहुततीखी धारकोई नहीं बचारिश्तों कीमार• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-