• डिजिटल युग में फर्जी खबरें

    यह पवित्रता ही है जो समाचार को समाज में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। लेकिन फर्जी खबरों की परिघटना समाचार के मूल मूल्यों को निशाना बनाती है, जो असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों या उन उच्च और शक्तिशाली लोगों के निजी हितों को पोषित करती है, जो समाचार की आड़ में अपना निजी एजेंडा…

  • हृदय | Hriday

    हृदय ( Hriday ) हृदय वक्ष में स्थित,करे तंत्र संचार।जैसा रखे विचार मानव,वैसा प्रवाहित हो ज्ञान।कहते हृदय स्वस्थ रखो,करते इसमें प्रभु निवास।यदि दुष्टता भाव रखो,न लग पाओगे पार।नित योग, व्यायाम करो,निर्मल भाव सदा रखो।हृदय नियंत्रण तन करे,रक्त को शुद्ध करे।बिना रुके, बिना थके,हृदय प्रक्रिया जारी रखे।सागर की लहरों जैसी,तरंगे उठती इसमें वैसी।प्रेमियों की धड़कन हृदय,प्रकट…

  • चेहरा तुम्हारा | Chehra Tumhara

    चेहरा तुम्हारा ( Chehra Tumhara ) बहुत ख़ूबसूरत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। ये गुस्ताख़ नज़रें,यह क़ातिल तबस्सुम।फिर उस पर तुम्हारा यह तर्ज़-ए-तकल्लुम।यक़ीं तुमको आए न आए यह सच है।सरापा क़यामत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। नहीं कोई गुल ऐसा दुनिया में दिलबर।नज़र तुम ही आते हो हर शय…

  • वो चार लोग थे | Wo Char Log The

    वो चार लोग थे ( Wo Char Log The ) झूठों के बादशाह थे मक्कार लोग थेहमको सही जो कहते थे वो चार लोग थे इल्ज़ाम झूठा हम पे लगाते थे बेसबबक़ातिल थे ख़ुद ही और गुनहगार लोग थे वल्लाह बेज़ुबा थे यूँ मज़लूम भी बड़ेरहते थे बंदिशों में भी लाचार लोग थे चालें समझते…

  • खुद की खुद से मुलाकात

    खुद की खुद से मुलाकात जिंदगी की शाम से पहले खुद से खुद की मुलाकात बाकी है । इंतजार और नहीं फुर्सत के दो पल निकालना अभी बाकी है। आईने के सामने रोज आती हूं खुद को सजाना संवारना बाकी है । दिल को ख्वाहिश नहीं कोई ऐसा मिले जो मुझे समझ सके। अब तो…

  • परिवार का मुकुट | Laghu Katha

    अनिता ने जीवन में बहुत संघर्ष किया था। उसने व्यवसाय में कड़े संघर्ष के बाद अपने ससुर के व्यवसाय को नयी ऊंचाईयों तक पहुंचाया था। उस का सम्मान समारोह था। समारोह में विविध लोगों ने रिश्तेदारों ने अनिता को सफलता के लिये बधाइयां दी थी। उस के व्यक्तित्व की प्रशंसा की थी। अनिता के ससुर…

  • प्रगति दत्त | Tere Sahare

    तेरे सहारे ( Tere sahare ) सबके जीवन, तेरे सहारे ।सबकी नैया , तू ही संभाले । हे ईश्वर, सब कुछ तेरे सहारे ।संकट से , तू ही तो उबारे । सबकी बिगड़ी , को तू बना दे ।भव सागर से, तू ही बस तारे । अपना सब, है तेरे सहारे ।दूर कर अब, तनाव…

  • अजनबी बन के | Ajnabi Ban ke

    अजनबी बन के ( Ajnabi ban ke ) शाइरी तेरी लगे मख़मली कोंपल की तरहकूकती बज़्म में दिन रात ये कोयल की तरह अजनबी बन के चुराई है नज़र जब वो मिलेमुझको उम्मीद थी लगते वो गले कल की तरह ख्वाहिशें दफ़्न हैं साज़िश है बदनसीबी भीज़ीस्त वीरान हुई आज है मक़्तल की तरह मुस्तक़िल…

  • सितम का वार है | Sitam ka Vaar Hai

    सितम का वार है ( Sitam ka Vaar Hai ) उसकी जानिब ही सितम का वार हैआदमी जो वक़्त से लाचार है जिसको रब की नेमतों से प्यार हैवो ख़िजाँ में भी गुल-ओ-गुलज़ार है जिसके दम से हैं बहारें हर तरफ़अब उसी की सिम्त हर तलवार है लुट रही सोने की चिड़िया जा ब जाआज…

  • अपनी तकदीर | Apni Taqdeer

    अपनी तकदीर ( Apni Taqdeer ) अपनी तकदीर में जुदाई थीयार की हो रही विदाई थी आग चाहत की जो लगाई थीहमने अश्क़ो से फिर बुझाई थी हाथ हाथों में फिर आकर छूटाकैसी तेरी खुदा लिखाई थी क्यूँ करूँ याद उस सितम गर कोप्यार में जिसके बेवफाई थी एक वो ही पसंद था मुझकोअब जो…