• तौबा | Tauba

    तौबा ( Tauba ) बगावत से करो तौबा, अदावत से करो तौबामगर हर्गिज़ नहीं यारो मुहब्बत से करो तौबा सही जाती नहीं ये दूरियाँ अब इश्क़ में हमसेकहा मानो सनम अब तुम शरारत से करो तौबा बिना मतलब ही मारें लोग पत्थर फेंक कर हमकोये रोने और रुलाने की जहालत से करो तौबा हसीं तुमसा…

  • तूफान उठाया है | Toofan Utha Hai

    तूफान उठाया है ( Toofan Utha Hai ) इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल…

  • नारी हूं मैं नारायणी | Nari Hoon Main Narayani

    नारी हूं मैं नारायणी ( Nari hoon main narayani ) नारी हूं मैं नारायणी।कहलाती हूं नारायण की अर्धांगिनी। अपनी शोभा बढ़ाने की चाह,जब नारायण के मन में आया ।तब मेरी उत्पत्ति किया गया,मुझे गया अपने से अलग कर बनाया। मैं उनकी शक्ति स्वरूपा हूं।उन्हें प्रेरणा देने वाली, उनकी प्रेरणा हूं। नहीं हूं मैं किसी की…

  • क्या समझे | Kya Samjhe

    क्या समझे ( Kya Samjhe ) क्या किया उसने और क्या समझे।बेवफ़ाई को हम वफ़ा समझे। ज़ह्न को उसके कोई क्या समझे।सर निगूं को जो सर फिरा समझे। क़ाफ़ले ग़र्क़ हो गए उन के।नाख़ुदाओं को जो ख़ुदा समझे। क्यों न पागल कहे उसे दुनिया।ज़ुल्फ़-ए-जानां को जो घटा समझे। ख़ुद को समझे वो ठीक है लेकिन।दूसरों…

  • चाहता हूँ | Chahta Hoon

    चाहता हूँ ( Chahta Hoon ) माँग तेरी मैं सज़ाना चाहता हूँहाँ तुझे अपना बनाना चाहता हूँ राह उल्फ़त की बनाना चाहता हूँप्यार हर दिल में बसाना चाहता हूँ आप बिन तो इस जहाँ में कुछ नही हैबात मिलकर ये बताना चाहता हूँ दो कदम जो साथ मेरे तुम चलो तोइक़ नई दुनिया दिखाना चाहता…

  • नैया ला मोर तार देना

    नैया ला मोर तार देना मेहा आएवं गणेश तोर दुवारी।करइया तैं हावस मुसवा के सवारी।।विपदा ला मोर गणपति जी टार देना।नैया ला मोर गणपति जी तार देना।। अरजी करथवं मेहा महाराज तोर।छाए हावय अंधियारा सब्बो ओर।।मोला तेहा गणपति जी उबार देना।नैया ला मोर गणपति जी तार देना।। पूजथे तोला गजानन सरी संसार।हावस विघ्नहर्ता दया सागर…

  • सर्द पड़े रिश्ते | Sard Pade Rishte

    सर्द पड़े रिश्ते ( Sard Pade Rishte ) सर्द पड़े इन रिश्तों को,फ़िर गर्माना , ज़रूरी है । सोये हुए एहसासों को ,फ़िर जगाना , ज़रूरी है । दिल में उभरे इन भावों को ,बाहर लाना , ज़रूरी है । रिश्तों में घुली जो कड़वाहट ,उसका भी अन्त ज़रूरी है । मन में बैठी पीड़ाओं…

  • अबसे | Abse

    अबसे ( Abse ) अबसे मैं नही सताऊं गा तुझ कोतुझ से प्यार सिखाऊंगा खुद को सास रूकसी गई जबसे सोचा थाअब उनसे दूर लेजाऊंगा खुद को हिचकीयो ने आना बंद कर दिया हैपर में कभी ना भुलाऊगा तुझको एक आरजू है मेरी तू वापस आएफिर मैं दिल मे बसाउगा तुझ को आज जो मुझे…

  • हिन्दी: कब बनेगी हमारी राष्ट्रभाषा?

    भारत एक विविधताओं का देश है और यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। यहां अनेक भाषाएं और बोलियां बोली, लिखी और पढ़ी जाती हैं। ऐसे में किसी भी एक भाषा को राष्‍ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया है। भारत की एक बड़ी आबादी हिंदी भाषी है मगर बड़ी संख्‍या में लोग हिंदी न बोलते हैं…

  • इन दिनों मैंने पढ़ा

    यादें अजीब है मनुष्य की प्रकृति ।जो हमारे पास है उसका हमें आभास तक नहीं होता और वही चीज कुछ दिनों के लिए हमसे दूर हो जाए तो उसकी याद सताती हैं ।हम उसके लिए व्याकुल हो जाते हैं। यह पुस्तक मुरारी लाल शर्मा जी ने अपनी धर्मपत्नी की याद में लिखा है। इसमें उन्होंने…