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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मन की उलझन
    कविताएँ

    मन की उलझन | Man ki Uljhan

    ByAdmin September 10, 2024September 10, 2024

    मन की उलझन ( Man ki Uljhan ) मन को क्यों,उलझाना भाई ? मन से नहीं है ,कोई लड़ाई । मन की उलझन ,को सुलझायें । गांठ सभी अब ,खुल ही जायें । लायें बाहर अब, गुबार सारे । जिससे मिटें ,संताप हमारे । मन को , जितना उलझायेंगे । उतना कष्ट , हम ही…

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  • निवातिया की शायरी | Nivatiya ki Shayari
    शेरो-शायरी

    निवातिया की शायरी | Nivatiya ki Shayari

    ByAdmin September 10, 2024September 1, 2025

    उन्हें हम बना देंगे भगत बगुले जो दिखते मोर उन्हें हम बना देंगे,जो इज्ज़तदार बनते चोर उन्हें हम बना देंगे ! सियासतदार हिन्दुस्तां के हम नायाब जो ठहरे,भलेमानस से रिश्वतखोर उन्हें हम बना देंगे ! जिसे आता न हो मुहँ खोलना कतई ज़माने में,पिलाकर रस सुधा मुँहजोर उन्हें हम बना देंगे ! समझने दो उसे…

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  • इरादा आप का
    ग़ज़ल

    इरादा आप का | Irada Aapka

    ByAdmin September 10, 2024

    इरादा आप का ( Irada Aapka ) अब इरादा आप का सरकार क्या है इस कहानी में मिरा किरदार क्या है। चंद सिक्कों में अना बिकती यहां पर और तुम कहते हो की बाज़ार क्या है। दोस्त चारागर दवा जो दे रहा तू ज़हर की उसमें बता मिक़दार क्या है। पैरवी वो मुद्दई ही कर…

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  • कागा की कविताएं
    कविताएँ

    मायड़ की ममता | Maayad ki Mamta

    ByAdmin September 10, 2024November 10, 2024

    रब बुला दो दुनिया से दिल भर गया रब बुला दोदुनिया से दिल उठ गया अब बुला दो बंद मुठ्ठी आया ख़ाली हाथ जाना जीना नहींदुनिया से दिल ऊब गया रब बुला दो बिना लंगोटी नंगे बदन आया कफ़न ओढ़ जाऊंगादुनीया से दिल बदल गया रब बुला दो छल कपट झपट कर धन दोलत जोडी…

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  • याद आया
    ग़ज़ल

    याद आया | Yaad Aya

    ByAdmin September 10, 2024

    याद आया ( Yaad Aya ) आज वो गुज़रा सफ़र याद आया साथ हर चलता बशर याद आया बेच बिरसे को बसे शहरों में फिर न बेटों को वो घर याद आया दूर पल में हुए थे ग़म मेरे गर्दिशों का जो समर याद आया क़त्ल कर के जो गया हसरत का संग जैसा वो…

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  • यादों की चुभन
    कविताएँ

    यादों की चुभन | Yaadon ki Chubhan

    ByAdmin September 10, 2024

    यादों की चुभन ( Yaadon ki Chubhan ) आज फिर तेरी यादों का समंदर उमड़ आया है, हर लहर ने बस तेरा ही अक्स दिखाया है। दिल जैसे टूटकर बिखर रहा हो अंदर-अंदर, तेरे बिना इस मन ने हर पल ख़ुद को पराया पाया है। हर आह में तेरा नाम ही सिसकता है, आँसुओं में…

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  • आइए प्रभु आइए
    कविताएँ

    प्रभु हेतु प्रेम पाती | Love for the Lord

    ByAdmin September 9, 2024

    प्रभु हेतु प्रेम पाती कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति। नील गगन के पार, रहते हैं मेरे साथी। कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति।। लिखी हूंँ अंँसुवन जल से। हृदय के अंतस्थल से। तपे हृदय कुम्हार की, अंवे की है भांति। कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति।। उनसे आप…

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  • hindi saptah ka shri ganesh
    पुस्तक समीक्षा

    राष्ट्रीय साक्षरता दिवस से हिंदी सप्ताह का श्रीगणेश

    ByAdmin September 9, 2024

    राष्ट्रीय साक्षरता दिवस से हिंदी सप्ताह का श्रीगणेश माता भारती के भाल पर स्वर्णिम सजी बिंदी। वो है समृद्धशाली राष्ट्र का गौरव मेरी हिंदी।। छिन्दवाड़ा :- साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन की इकाई पाठक मंच (बुक क्लब) छिंदवाड़ा द्वारा राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर हिंदी सप्ताह का आगाज करते हुए…

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  • बाल गणेश
    कविताएँ

    गणेश वंदन | Ganesh Vandana

    ByAdmin September 9, 2024

    गणेश वंदन ( Ganesh Vandana ) ऊँ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ऊँ……. आज गणपत पधारे है, आज गणपत पधारे द्वार सभी मिलकर दर्शन लो..-2 आज गणपत पधारे द्वार सभी मिलकर दर्शन लो….-2 रिद्धि-सद्धि के दाता कार्तिकेय के भ्राता-2 पार्वती सुत नंदन नमस्तु प्रमोदन् गणनायक गजानंदन सिद्धिविनायक पधारे है-2 आज गणपत पधारे…

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  • कैनवस के पास : प्रेम-सम्बन्ध से शून्य तक की यात्रा
    पुस्तक समीक्षा

    कैनवस के पास : प्रेम-सम्बन्ध से शून्य तक की यात्रा

    ByAdmin September 9, 2024September 9, 2024

    जसप्रीत कौर फ़लक़ के सद्यप्रकाशित काव्य-संकलन ‘कैनवस के पास’ गद्य-पद्य में काव्यार्चन के सुवासित पुष्प लेकर हिंदी साहित्य जगत में उपस्थित है। स्नेह-सुवासित इस संग्रह के काव्य-सुमन ह्र्दयक्षेत्र को आप्लावित करते हैं। यहाँ प्रेमजल से सिंचित मन भावनाओं के अनेक इंद्रधनुष खिलाता है। प्रेमजन्य पीड़ा भी कवयित्री ने कविताओं में व्यक्त की है और यही…

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