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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • आचार्य श्री भिक्षु
    कविताएँ

    222 वां आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव दिवस

    ByAdmin September 9, 2024September 9, 2024

    222 वां आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव दिवस प्रातः स्मरणीय क्रांतिकारी वीर भिक्षु स्वामी को आज उनके 222वें चरमोत्सव दिवस पर भाव भरा वंदन । महामना आचार्य श्री भिक्षु को शत – शत श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चरमोत्सव दिवस पर मेरे भाव……..…. करे तन्मय बनकर भिक्षु स्वामी का स्मरण । इससे बढ़कर और कोई दूसरा नहीं…

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  • Shikshak Mahaan
    संस्मरण

    हमारे हाईस्कूल के शिक्षक | Hamare High school ke Shikshak

    ByAdmin September 9, 2024September 9, 2024

    मैंने हाईस्कूल सीताराम सिंह इंटर कॉलेज बाबूगंज बाजार से किया। सीताराम सिंह जी आटा गांव के ठाकुर परिवार के थे। पहले विद्यालय का नाम महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज था जो कि उनकी मृत्यु के पश्चात बदलकर उनके नाम पर कर दिया गया । वे आजीवन प्रधानाचार्य रहे । लेकिन जब मैं पढ़ रहा था तो…

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  • prem ka uddeshya
    विवेचना

    प्रेम का उद्देश्य : अडिग इंतज़ार अपनी दिकु का

    ByAdmin September 9, 2024

    हर इंसान का जीवन एक गहरी यात्रा है, और उस यात्रा का उद्देश्य उसके दिल की गहराइयों में बसा होता है। मेरा उद्देश्य भी वही है—दिल की गहराई से *दिकु* का इंतजार, उसकी यादों में जीना, और उसके लौटने की उम्मीद से अपने दिल को सुकून देना। किसी के प्रभाव में आकर उद्देश्य बदलना एक…

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  • तुम्हें जिस घड़ी
    ग़ज़ल

    तुम्हें जिस घड़ी | Tumhen Jis Ghadi

    ByAdmin September 9, 2024

    तुम्हें जिस घड़ी ( Tumhen Jis Ghadi ) तुम्हें जिस घड़ी चश्मे नम देखते हैं। दिल ए मुज़तरिब में अलम देखते हैं। निगाहों से दिल की जो देखो तो जानो। तुम्हें किस मुह़ब्बत से हम देखते हैं नज़रबाज़ हम को समझ ले न दुनिया। ह़सीनों को हम यूं भी कम देखते हैं। अ़दू को भी…

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  • Desh Mein
    ग़ज़ल

    हो सब्ज़ा शाख हर | Ho Sabza Shaakh Har

    ByAdmin September 9, 2024

    हो सब्ज़ा शाख हर ( Ho Sabza Shaakh Har ) हो सब्ज़ा शाख हर अपने चमन की इनायत चाहिए हमको गगन की नज़र दुश्मन की टेढी दिख रही है हिफ़ाज़त करनी है सबको वतन की जवानों आज माता भारती को ज़रूरत है तुम्हारे बाँकपन की ज़माना जानता है किस तरह से कमर तोड़ी है हमने…

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  • हम न झेल पाएंगे
    ग़ज़ल

    हम न झेल पाएंगे | Hum na Jhel Payenge

    ByAdmin September 8, 2024

    हम न झेल पाएंगे ( Hum na Jhel Payenge ) हर एक रंग ज़माने के आजमाएंगे I कही सुनी की धनक हम न झेल पाएंगे II हज़ार बात हज़ारों जुबान से होगी I कहाँ हरेक जुबाँ से वफ़ा निभाएंगे II सुरूर इश्क उन्हें झूठ से हुई जब से I यकीं न होगा अगर दर्द हम…

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  • सोचो तो सही
    कविताएँ

    सोचो तो सही | Socho to Sahi

    ByAdmin September 8, 2024

    सोचो तो सही ( Socho to Sahi ) सोचो तो सही, होगा वही । सोचेंगे जो भी , मिलेगा वही । सोचना है ज़रूरी , हर कामना होगी पूरी । छू लोगे ऊंचाई , सोच को बदलो भाई । पूरा होता है , हर सपना । बस ज़रूरी है , सपने देखना । मिलेगी अवश्य…

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  • साथ जिनके
    ग़ज़ल

    साथ जिनके | Ghazal Saath Jinke

    ByAdmin September 8, 2024September 8, 2024

    साथ जिनके ( Saath Jinke ) हाँ वही खुशनसीब होते हैं साथ जिनके हबीब होते हैं अपनी हम क्या सुनाये अब तुमको हम से पैदा गरीब होते हैं तुमने देखा न ढंग से शायद किस तरह बदनसीब होते हैं पास जिनके हो रूप की दौलत उनके लाखों रक़ीब होते हैं प्यार जिनको हुआ नहीं दिल…

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  • महक जिसकी
    ग़ज़ल

    महक जिसकी | Mahak Jiski

    ByAdmin September 8, 2024

    महक जिसकी ( Mahak Jiski ) नशे में है जवानी लिख रही हूँ हुआ है ख़ून पानी लिख रही हूँ महक जिसकी फ़िज़ाओं में बसी है वही गुल रात रानी लिख रही हूँ उजाड़ी जिसने मेरे दिल की बस्ती उसी की शादमानी लिख रही हूँ वफ़ादारी जो शिद्दत से निभा लें वहीं हैं खानदानी लिख…

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  • आरज़ू | Arzoo
    शेरो-शायरी

    आरज़ू | Arzoo

    ByAdmin September 8, 2024

    आरज़ू ( Arzoo ) नयी पहचान मिलेगी नया नाम मिलेगा। यूं ही नहीं मंजिल -ए- शान मिलेगा। कभी रुकना नहीं तुम कभी थकना नहीं, फिर ज़मीन ही नहीं आसमान मिलेगा। ख़ुद में झांक ले ताकत को भी आजमा ले, ख़ुद को जीत कर ही तुझे तेरा नाम मिलेगा। अपने एहसासों को काग़ज़ उकेरो तो कभी,…

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