• दीपक का उजाला | Laghu Katha Deepak ka Ujala

    गाँव के किनारे एक छोटा-सा स्कूल था। इस स्कूल के शिक्षक, नाम था आचार्य देवदत्त, अपने समय के सबसे विद्वान और सरल हृदय व्यक्ति माने जाते थे। उनकी उम्र लगभग 60 वर्ष हो चुकी थी, लेकिन उन्होंने कभी खुद को रिटायर करने की बात नहीं सोची। उनका मानना था कि सच्चा शिक्षक तब तक शिक्षित…

  • राष्ट्रनिर्माता – शिक्षक

    राष्ट्रनिर्माता – शिक्षक कलम के महत्व को बताता है शिक्षक। जीवन स्तर को ऊपर उठाता है शिक्षक। जहाँ को बेहतर बनाने की करता कोशिश, बेहतर इंसान हमेशा बनाता है शिक्षक। स्वाभाविक विकास करता है शिक्षक। मानव मूल्यों की रक्षा करता है शिक्षक। दया मया भरा और होता है क्षमाशील, अच्छे राष्ट्र का निर्माण करता है…

  • गुरू | Guru

    गुरू ( Guru ) गुरू महान~ उनके चरणों में सारा जहान ● गुरू ही सार~ बिन गुरू लगता जग असार ● गुरू वंदन~ गुरू त्याग की मूर्ति गुरू चंदन ● गुरू ही आस्था~ प्रभु से मिलने का गुरू ही रास्ता ● गुरू प्रमाण~ जीवन सार तत्व गुरू ही प्राण ● निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह…

  • 5 सितम्बर पर सुन्दर कविता | Teachers Day Special Poem

    5 सितम्बर पर सुन्दर कविता ( Teachers Day Special Poem ) अंधकार जीवन में दीपक जलाता। सत्य की राह पर जो है चलाता।। अच्छाई का जो पाठ है पढ़ाता। इंसान को इंसान जो है बनाता।। जिसका हर कोई करता है सम्मान। उसका हम सब करे हैं गुणगान।। अंधकार हमारे जीवन से मिटाया। शिक्षक ने कलम…

  • अब के मौसम | Ab ke Mausam

    अब के मौसम ( Ab ke mausam ) अब  के  मौसम जो प्यार का आया तुम  पे  फिर दिल बहार का आया वक़्त   फिर  आर-पार  का  आया मसअला  जब   दिवार  का  आया मुब्तिला   थी   मैं  याद   में उसकी जब   इशारा   मुशार    का  आया पेशवाई    करो   जहां    की    तुम इज़्न    फिर   ताजदार  का  आया ये   सबा   कह   रही …

  • मुझको गुरुदेव का सहारा है | Mujhko Gurudev ka Sahara Hai

    ( 2 )  मुझको गुरुदेव का सहारा है राह में मेरी यूँ उजाला है राह टेढ़ी लगी मुझे जब भी पार गुरुदेव ने उतारा है अब नहीं डर किसी भी दरिया का हमने गुरुदेव को पुकारा है नाम गुरुदेव का लिया जैसे मुझको फिर मिल गया किनारा है नाम उनका लिए बिना अब तो मेरा…

  • मै शिक्षक हूं | Main Shikshak Hoon

    मै शिक्षक हूं ( Main Shikshak Hoon ) शिक्षक बनके एक सुसंस्कृत समाज बनाना चाहती हूं मैं ज्ञान की पूंजी देकर योग्य मानव बनाना चाहती हूं मैं समाज में आत्मविश्वास का दीप जलाकर मुश्किलों से लड़ना सिखाती हूं मैं मन क्रम वचन से बाती बन खुद जलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाना चाहती हूं मैं कोरे…

  • गुरूजी की महिमा | Guruji ki Mahima

    गुरूजी की महिमा ( Guruji ki Mahima ) आधी जीवन बीत गई यूं हीं कविता लिखने में फिर भी इच्छा होती है जीवन बीता देता कुछ सीखने में यही है मेरा अरमान । गुरूदेव जी के असीम निर्मल भाव से मैंने कुछ जान पाया जिसने कहा प्रार्थी बनो जिससे मिलेगा जग में सम्मान ओमप्रकाश जी…

  • शिक्षक न होते | Shikshak na Hote

    शिक्षक न होते ( Shikshak na hote ) शिक्षक ना होते तब क्या होता ? ये सुंदर , सभ्य संसार ना होता । होने को सब कुछ होता पर , विज्ञान का विस्तार ना होता । फूल भी होती , बाग भी होता , पर वो खुशबूदार ना होता । शिक्षक से ही सुगंध है…

  • 2 लाइन दोस्ती शायरी | Dosti Shayari in Hindi 2 Line

    2 लाइन दोस्ती शायरी 1. अपना हाथ थमा उसने मुझे उठाया है, दोस्त ने मेरे मुझे हर लम्हा हंसाया है। 2. दोस्ती को उसके देख तस्कीन मिल गई, वो जो गुजरा था एक रोज रहगुजर से मेरे। 3. पन्नों पर आज मैंने एक सिफ़ारिश लिखी है, एक दोस्त की दोस्ती की बातें लिखी है। सुमन…