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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • चाह के चाहत | Chaht ke Chahat
    भोजपुरी कविता

    चाह के चाहत | Chaht ke Chahat

    ByAdmin August 27, 2024August 27, 2024

    चाह के चाहत ( Chaht ke Chahat ) चाहत बा कि तु हमरा मे, हम तोहरा मे बस जईती जियत मुअत हसत खेलत बस तोहरे नाम ही गईति तीनो लोक के तु स्वामी दास तोहर बन जईती तोहर गोड के धोअल धुल माथा पे लगईती तन मन धन सब तोहर हर जन्म मे तोहके ही…

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  • तुझसे शर्माना और तुझसे मुस्कुराना
    कविताएँ

    तुझसे शर्माना और तुझसे मुस्कुराना

    ByAdmin August 27, 2024

    तुझसे शर्माना और तुझसे मुस्कुराना कुछ मुस्कूराना चाहता हू हाँ तेरी बातो पर खुलकर हसना चाहता हू तेरी खिलखिलाते हुए चेहरे को देखकर मै मुस्कुराना चाहता हूं मै शर्माना चाहता हू तेरी मासूम चेहरे को देखकर तेरी मद‌होश भरी बातो पर तेरी शैतानी भरी हाथो के इधर उधर छुअन से शर्माकर अपने चेहरे पर हाथ…

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  • पुराने प्रेम से
    कविताएँ

    पुराने प्रेम से दुबारा प्यार नहीं हो सकता

    ByAdmin August 27, 2024

    पुराने प्रेम से दुबारा प्यार नहीं हो सकता बुरी तरह वही तोड़ते हैं , जो अच्छी तरह जानते है ! लाख करो खिदमत , दिल से बेवफा ही मानते हैं ! बेवफा से प्यार, वफादार से तकरार , समय का मार , गिरेबान पर वार फलता नहीं …….! कभी किसी ने कहा था मुझे ,…

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  • मिजाज | Mijaaj
    ग़ज़ल

    मिजाज | Mijaaj

    ByAdmin August 27, 2024August 27, 2024

    मिजाज एक लम्हे में कैसे मिजाज बदल लेते हैं, यह जहां पल में रिश्ते तमाम बदल लेते हैं। इतनी जल्दी तो मौसम भी नहीं बदला करते, यह ऐसे बदलते जैसे लिबास बदल लेते हैं। एहसास-ओ-जज़्बात से खाली हो गए हैं सारे, ये मतलब के लिए तो ख़्याले-मीरास बदल लेते हैं। तुम उनको जवाब देकर तो…

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  • संयम करना सिखा दिया
    कविताएँ

    संयम करना सिखा दिया

    ByAdmin August 27, 2024

    संयम करना सिखा दिया तेरे प्यार ने सिखा दिया, कैसे दर्द को हँसते हुए सहना है। तुझे अपनी यादों में बसाकर, तुझमें ही खोया रहना है। तेरे ख्यालों ने समझाया, दूरी को कैसे सहेजा जाता है। तेरी याद मात्र से भी मुस्काना, यह प्यार में कितना मज़ा आता है। तेरी बातों की मिठास, हर दर्द…

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  • झूठा ज़रूर निकलेगा
    ग़ज़ल

    झूठा ज़रूर निकलेगा | Jhutha Zaroor Nikalega

    ByAdmin August 27, 2024August 28, 2024

    झूठा ज़रूर निकलेगा ( Jhutha Zaroor Niklega ) तेरा ये फ़ैसला झूठा ज़रूर निकलेगा कुसूरवार जो था बेकुसूर निकलेगा यक़ीं है शोख का इक दिन ग़ुरूर निकलेगा वो मेरी राह से होकर ज़रूर निकलेगा पलट रहा है वरक़ फिर कोई कहानी के न जाने कितने दिलों का फ़ितूर निकलेगा पिला न साक़िया अब और जाम…

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  • मेरे होंठों की उसने हंसी छीन ली
    ग़ज़ल

    मेरे होंठों की उसने हंसी छीन ली

    ByAdmin August 26, 2024

    मेरे होंठों की उसने हंसी छीन ली तीरगी बख़्श दी रोशनी छीन ली। मेरे होंठों की उसने हंसी छीन ली। मुस्कुराती थी जो मेरे रुख़ पर सदा। उसने ख़ुशियों की वो चांदनी छीन ली। जाम नज़रों से उसने पिला कर मुझे। मेरे होंठों की सब तिश्नगी छीन ली। मुस्कुरा कर मुझे इक नज़र देख कर।…

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  • मोहब्बत का जादू
    कविताएँ

    मोहब्बत का जादू | Kavita Mohabbat ka Jadu

    ByAdmin August 26, 2024

    मोहब्बत का जादू ( Mohabbat ka Jadu ) तेरी मोहब्बत का जादू, जैसे बहार की पहली किरण, तेरे बिना ये दिल मेरा, जैसे सूनी हो हर बगिया की चिरन। तेरे हंसने की आवाज़, संगीत की मधुर लहर है, तेरे बिना ये जीवन, जैसे बिना रंगों का सफर है। तेरे संग बिताए लम्हे, वो चाँदनी रातों…

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  • Krishna Janmashtami Par Kavita
    कविताएँ

    नटखट नन्दकिशोर | Natkhat Nandkishor

    ByAdmin August 26, 2024August 26, 2024

    नटखट नन्दकिशोर ( Natkhat Nandkishor ) नटखट नन्दकिशोर की दोउ अंखियन पे वारी जाऊं, नटखट नन्दकिशोर की मीठी बतियन से हारी जाऊं, कान का कुंडल मुझको भाऐ, बांसुरिया मेरा चैन चुराऐ, मोह मे उसके फंसती जाऊं, नटखट नन्दकिशोर की दोउ अंखियन पे वारी जाऊं, नटखट नन्दकिशोर की मीठी बतियन से हारी जाऊं, किया जाने कौन…

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  • Jai Kanhaiya Lal ki
    कविताएँ

    कान्हा इस युग में भी आना

    ByAdmin August 26, 2024August 26, 2024

    कान्हा इस युग में भी आना इस युग में भी आना कान्हा…, इस युग में भी आना … नहीं चाहिए मयुर पंख, न धुन बंसी मधुर बजाना … कान्हा ..इस युग में भी आना…। जगह जगह बिसात बिछाये, बैठे शकुनि घात लगाये, हाथ सुदर्शन चक्र लिए तुम चमत्कार दिखलाना…, कान्हा… साथ सुदर्शन लाना…, कान्हा ..इस…

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