संयम करना सिखा दिया

संयम करना सिखा दिया

संयम करना सिखा दिया

तेरे प्यार ने सिखा दिया,
कैसे दर्द को हँसते हुए सहना है।
तुझे अपनी यादों में बसाकर,
तुझमें ही खोया रहना है।

तेरे ख्यालों ने समझाया,
दूरी को कैसे सहेजा जाता है।
तेरी याद मात्र से भी मुस्काना,
यह प्यार में कितना मज़ा आता है।

तेरी बातों की मिठास,
हर दर्द को मीठा कर जाती है।
तेरी दूरी का कड़वा घूंट पीकर भी,
मेरे दिल की धड़कनें संभल जाती हैं।

तेरी मोहब्बत की गहराई ने,
मुझे खुद में डूबना सिखा दिया।
तेरे लौट आने की आस ने,
इंतज़ार करना सिखा दिया।

कवि : प्रेम ठक्कर “दिकुप्रेमी”
सुरत, गुजरात

यह भी पढ़ें :

मोहब्बत का जादू | Kavita Mohabbat ka Jadu

Similar Posts

  • अखंड भारत | Akhand Bharat

    अखंड भारत  ( Akhand Bharat )   अखंड भारत , अद्भुत अनुपम नजारा अनूप वंदन सनातन धर्म, कर्म धर्म मोहक पावन । मानवता सदा श्री वंदित, सर्वत्र समृद्धि बिछावन । स्नेह प्रेम अपनत्व अथाह, सदाचारित परिवेश सारा । अखंड भारत,अद्भुत अनुपम नजारा ।। नदी पर्वत मैदान पुनीत, समरसता मृदुल स्वर । सत्य नित्य मनुज संगी,…

  • दिल के घाव | Dil ke Ghaw

    दिल के घाव ( Dil ke ghaw )    जानता हूं तेरी हर बात मैं जानता हूं तेरे हर जज्बात मैं सुनना चाहता हूं तेरे लबों से मिटा दें दिल के हर घाव को और सुना दें मुझे जी भरकर पढ़ रहा हूं तेरी कश्मकश को पढ़ रहा हूं तेरे मन को छुपी नहीं है…

  • चंद्रयान | Chandrayaan

    चंद्रयान ( Chandrayaan )   खुशियां मनाओ सब मिलकर प्यारे, चांद पर पहुंच गए अब कदम हमारे। चंद्रयान की सफल लैंडिंग पर, गूंज रहा हमारा नाम पूरी दुनिया भर। स्पेस रिसर्च के फील्ड में अब हम भी आगे बढ़ जायेंगे, नित नई खोजों से हम अब कई राज़ के पर्दे उठाएंगे। भारत के ज्ञान विज्ञान…

  • धनतेरस का त्योहार आया

    धनतेरस का त्योहार आया जगमग जगमग चांद सितारेमाता लक्ष्मी के चरण पधारे। व्यापारियों के भाग्य संवारेधनतेरस पर बज रहे नगाड़े। हो रहा दीपावली का शुभारंभनव वर्ष का सफल प्रारंभ। सभी खुशी-खुशी गाये मल्हारधनतेरस का आया है त्यौहार। आज झालर दिपों से सजी सभी की गेहमन के नभ से बरसे माधुरीम नेह। पुजे कुबेर संग धनवंतरी…

  • मै शिक्षक हूं | Main Shikshak Hoon

    मै शिक्षक हूं ( Main Shikshak Hoon ) शिक्षक बनके एक सुसंस्कृत समाज बनाना चाहती हूं मैं ज्ञान की पूंजी देकर योग्य मानव बनाना चाहती हूं मैं समाज में आत्मविश्वास का दीप जलाकर मुश्किलों से लड़ना सिखाती हूं मैं मन क्रम वचन से बाती बन खुद जलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाना चाहती हूं मैं कोरे…

  • दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला | Kavita Duniya ka Mela

    दुनिया के मेले में हर शख्स अकेला   अकेले ही चलना बंदे दुनिया का झमेला है। दुनिया के मेले में यहां हर शख्स अकेला है। आंधी और तूफानों से बाधाओं से लड़ना है। संघर्षों से लोहा लेकर बुलंदियों पर चढ़ता है। हिम्मत हौसला जुटा लो धीरज भी धरना है। रंग बदलती दुनिया में संभल कर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *