• मन की अपनी बात लिखूँ

    मन की अपनी बात लिखूँ बह मत जाये अब यह काज़ल , आँखों की बरसात लिखूँ । सावन आया प्रियतम आजा , दिल की अपनी बात लिखूँ ।। बह मत जाये अब यह काज़ल … तब डालूँ विरवा में झूला , संग तुम्हारे जब झूलूँ । पाकर पास तुम्हें प्रियतम जब ,गदगद होकर मैं फूलूँ…

  • जिंदगी का राज | Kavita Zindagi ka Raaz

    जिंदगी का राज ( Zindagi ka Raaz ) मेरी मुस्कान का राज लोग पुछते हैं I क्योंकि, मैंने कभी दर्द की नुमाइश नही की I जिंदगी से जो मिला उसे कबूल किया I किसी चीज की मैंने कोई फरमाइश नही की I१I मुश्किल है यारो मुझे समझ पानाI क्योंकि, जीने के अलग है अंदाज मेरे…

  • गौरा न जाई | Gaura na Jai

    गौरा न जाई ( Gaura na Jai ) देखि देखि रूप दूल्हा रोवें मैंना माई पगला के संग हमरी गौरा न जाई।। अईसन न दूल्हा देखा, देखा न बराती रंग रूप देखिके जरि जाए छाती बड़ा दुख होए जिया घबराई…. पगला के संग हमरी गौरा न जाई ….. तन पर भभूत भूत संग नाचे गावे…

  • सब के फुलईले चल

    सब के फुलईले चल सब के फुलईले चलऽ धुल खुशी के उडईले चलऽ कब, कहवा, कईसे रात हो जाई जब ,जईसे ,जहवा जे मिले प्यार् के भेट ओके बढईले चलऽ का टिस, का रिस, का खिस, का विस दिल सगरो के जित ना केहु के कबो दबईले चलऽ प्यार् के ढिबरी जलईले चलऽ रचनाकार – उदय शंकर…

  • टूटने वाली थी | Tootne Wali Thi

    टूटने वाली थी ( Tootne Wali Thi ) टूटने वाली थी पर टूटने नहीं दिया ख़ुद को, नाह इस दिल को! और ना ख़ुद को। संभाला कर रखा इस दिल को सबसे बचा कर अपने जज़्बातो को। समेटती रही उन यादों को कभी नाह वापस आने वाले उन लम्हों को। टूटने वाली थी पर टूटने…

  • धुँधले ख़्याल | Dhundhale Khayal

    धुँधले ख़्याल ( Dhundhale Khayal ) ये लम्बी रातें यूँ कट जाती आँखों आँखों में, जब रेत बनकर भर जाती हैं यादें आँखों में, तमाम तर कोशिशें की है हाल में जीने की, ये ज़िंदगी बीतती जाती है धुँधले ख़्यालों में, सोचा यह दुनियावी मोहब्बतें सुकूं देगी हमें, मगर वो तो मिलती है बस मौत…

  • कस्तूरी गंध | Kavita Kasturi Gandh

    कस्तूरी गंध ( Kasturi Gandh ) तुमको क्या मालूम कि, कितना प्यार किया करती हूं। ठोकर खाकर संभल-संभल,कर सदा बढ़ा करती हूं।‌। रुसवा ना हो जाए मोहब्बत की ये, दुनियां हमारी। मिले उमर लंबी इसको ये, दुआ किया करती हूं।। आशाओं के दीप जलाएं ,हृदय अंधेरी कुटिया। बाती बन में जली प्रियतम, सदा तुम्हारी सुधियां।।…

  • वो लड़की | Laghu Katha Wo Ladki

    मां बाप की पांच संतानों में से एक,सबसे ज्यादा सुंदर,गोरा बदन, काले घने लम्बे बाल, सुंदरता की मिसाल, कोमलांगी कन्या। जहां खड़ी हो जाए, देखने वालों की निगाहें वहीं टिक जाएं। वो सरल है,सहज है, भोली है, कोई फर्क नही पड़ता, लोग क्या करते हैं, पर उसे अपनी मंजिल तक पहुंचना है। परिश्रम में कोई…

  • आशा की काँवड़ | Geet Asha ki Kavad

    आशा की काँवड़ ( Asha ki Kavad ) चढ़ी रही आशा की काँवड़ , झुके हुए इन कंधों पर . हरियाली कुर्बान रही बस, कुछ सावन के अंधों पर . पाँवों को पथरीले पथ ने , दिए सदा मारक छाले . क्रूर काल ने क्षुधित उदर को , भी , गिनकर दिए निवाले . फूलों…

  • बंदरों का अमर प्रेम | Bandaron ka Amar Prem

    हमने मनुष्य में लैला मजनू हीर रांझा आदि के अमर प्रेम की कहानी बहुत पढ़ी है लेकिन बंदर जैसे जीव भी इतने एक निष्ट प्रेमी हो सकते हैं कहना मुश्किल है। प्रेम एक प्रकार की मानसिक स्थिति है। इसका प्रवाह जिस ओर होगा उसी तरह के परिणाम भी प्राप्त होंगे। प्रेम का सहज और सरल…