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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • उसकी आवाज़  | Ghazal Uski Awaaz
    ग़ज़ल

    उसकी आवाज़ | Ghazal Uski Awaaz

    ByAdmin August 13, 2024

    उसकी आवाज़ ( Ghazal Uski Awaaz ) दिल को राह़त सी दिखाई दी है। उसकी आवाज़ सुनाई दी है। कौन कहता है कमाई दी है। उसने बस नाज़ उठाई दी है। उसके बातिन में यही है शायद। उसने जब दी है बुराई दी है। मेरे बारे में तुम्हें उसने फिर। जो ख़बर दी है हवाई…

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  • लुटती जाए द्रौपदी जगह-जगह पर आज
    विवेचना

    लुटती जाए द्रौपदी जगह-जगह पर आज

    ByAdmin August 13, 2024

    अगर यह बलात्कार संस्कृति नहीं है, जिसे समाज के समझदार पुरुषों और महिलाओं, संस्थानों और सरकारी अंगों द्वारा समर्थित और बरकरार रखा जाता है, तो यह क्या है? आप सभी कानून, सभी तेज़ अदालतें, यहाँ तक कि मौत की सज़ा भी ला सकते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदल सकता जब तक कि एक समान…

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  • महेन्द्र सिंह प्रखर की ग़ज़लें
    मुक्तक

    महेन्द्र सिंह प्रखर के मुक्तक | Mahendra Singh Prakhar ke Muktak

    ByAdmin August 13, 2024November 24, 2024

    ( 13 ) माँ के हाथों का खाना कब कच्चा लगता है । साठ साल का बेटा उसको बच्चा लगता है । कोई कितना भी प्रेम करे जग में मुझसे – बस माँ का ही प्यार जगत में सच्चा लगता है ।। ( 12 ) हमें तो बोलना भी माँ सिखाती है सुनों हिंदी ।…

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  • Kavita Kala Sanskriti
    कविताएँ

    कला संस्कृति | Kavita Kala Sanskriti

    ByAdmin August 13, 2024

    कला संस्कृति ( Kala Sanskriti ) मेरे तेरे होने का कोई प्रणाम चाहिए। कला और संस्कृति का कोई आधार चाहिए। बिना आधार के क्या बचा पाएंगे संस्कृति को। जो हमारे पूर्वजो की बहुत बड़ी धरोहर है।। कला का संस्कृति पर बड़ा उपकार होता है। संस्कृति के चलते ही कला उदय होता है। दोनों के मिलन…

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  • Priya Gupta
    कविताएँ

    प्रिया गुप्ता की कविताएँ | Poems by Priya Gupta

    ByAdmin August 13, 2024

    शीतल रहे ये धरा ले पूजा की थाली मैया आया तेरे द्वार मैं नादान बालक मैया भक्ति करो स्वीकार l अक्षत, चना चुनरी चढ़ाऊ श्रीफल, नीम से तुझे मनाऊं स्वस्थ,शीतल रहे ये धारा ढोल मंजीरा आज बजाऊं l मां शीतला के दरबार में नमन करते है बारंबार भर दो सबकी झोली मैया आए जो तेरे…

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  • Hamre Deshwa
    कविताएँ

    सुलग रही है | Kavita Sulag Rahi Hai

    ByAdmin August 13, 2024August 13, 2024

    सुलग रही है ( Sulag Rahi Hai ) सुलग रही है मातृभूमि के ,सीने पर चिंगारी । आज उऋण होने की कर लें ,हम पूरी तैयारी ।। जगह जगह बारूद बिछी है ,जगह जगह हैं शोले ग़द्दारों को थमा दिये हैं,दुश्मन ने हथगोले लूटपाट क्या ख़ून खराबा, सब इनसे करवा कर भरता है वो अभिलाषा…

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  • राम ही राम सब | Geet Ram hi Ram Sab
    गीत

    राम ही राम सब | Geet Ram hi Ram Sab

    ByAdmin August 12, 2024August 12, 2024

    राम ही राम सब ( Ram hi Ram Sab ) राम ही राम सब नित्य रटते रहे । राम सबके हृदय नित्य बसते रहे ।। राम ही राम सब … राम से कौन है देख जग में बड़ा । कौन सम्मुख उनके हुआ है खड़ा ।। आज विपदा वही हर भगत की हरे । आज…

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  • स्वतंत्रता का उपहार | Kavita Swatantrata ka Upahar
    बाल साहित्य

    स्वतंत्रता का उपहार | Kavita Swatantrata ka Upahar

    ByAdmin August 12, 2024August 12, 2024

    स्वतंत्रता का उपहार ( Swatantrata ka Upahar ) आए निडर हो कर वो, किया त्याग और बलिदान । गर्व करते हैं हम उन पर, जिन्होंने दी अंग्रेजों को हार । बापू की लाठी, आज़ाद का तेज़, भगत का नारा और लक्ष्मीबाई की तलवार। वो हैं हमारे वीर महान, जिन से मिला आजादी का उपहार। पुरनित…

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  • हॉकी का कांस्य पदक
    कविताएँ

    हॉकी का कांस्य पदक | Kavita Hockey Kansya Padak

    ByAdmin August 12, 2024

    हॉकी का कांस्य पदक ( Hockey Kansya Padak ) भारत के शेरों ने फिर परचम लहराया है। पेरिस में हॉकी का कांस्य पदक आया है। जुनून,जज़्बे ने दिलों को जीत लिया मधुर। गर्व से भारतवासियों का सिर ऊंचा उठाया है। हॉकी के मैदान में तिरंगा शान से फहराया है। हर चुनौती को वीरों ने वीरता…

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  • जय हो बिहारी जय हो बिहार
    भोजपुरी कविता

    जय हो बिहारी जय हो बिहार

    ByAdmin August 12, 2024

    जय हो बिहारी जय हो बिहार दाल-भात चोखा संगे आचार बर्गर पिज्जा के का औकात नुडल चाउमिन के बड़का बाप लिट्टी चोखा पे घी तब छाछ देसी जोगाड अउर देसी अंदाज जय हो बिहारी जय हो बिहार धोती कुर्ता अउर गमछा पे नाज़ भुजा ,चिवड़ा, मिठठा, मरचा,अचार लाई, तिलुआ, अउर बन्हाला केसार पुआ-पुडी अउर ठेकुआ…

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