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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • वो लड़की
    कहानियां

    वो लड़की | Laghu Katha Wo Ladki

    ByAdmin August 10, 2024August 10, 2024

    मां बाप की पांच संतानों में से एक,सबसे ज्यादा सुंदर,गोरा बदन, काले घने लम्बे बाल, सुंदरता की मिसाल, कोमलांगी कन्या। जहां खड़ी हो जाए, देखने वालों की निगाहें वहीं टिक जाएं। वो सरल है,सहज है, भोली है, कोई फर्क नही पड़ता, लोग क्या करते हैं, पर उसे अपनी मंजिल तक पहुंचना है। परिश्रम में कोई…

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  • आशा की काँवड़
    गीत

    आशा की काँवड़ | Geet Asha ki Kavad

    ByAdmin August 10, 2024

    आशा की काँवड़ ( Asha ki Kavad ) चढ़ी रही आशा की काँवड़ , झुके हुए इन कंधों पर . हरियाली कुर्बान रही बस, कुछ सावन के अंधों पर . पाँवों को पथरीले पथ ने , दिए सदा मारक छाले . क्रूर काल ने क्षुधित उदर को , भी , गिनकर दिए निवाले . फूलों…

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  • बंदरों का अमर प्रेम | Bandaron ka Amar Prem
    कहानियां

    बंदरों का अमर प्रेम | Bandaron ka Amar Prem

    ByAdmin August 10, 2024

    हमने मनुष्य में लैला मजनू हीर रांझा आदि के अमर प्रेम की कहानी बहुत पढ़ी है लेकिन बंदर जैसे जीव भी इतने एक निष्ट प्रेमी हो सकते हैं कहना मुश्किल है। प्रेम एक प्रकार की मानसिक स्थिति है। इसका प्रवाह जिस ओर होगा उसी तरह के परिणाम भी प्राप्त होंगे। प्रेम का सहज और सरल…

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  • नाग पंचमी | Poem Nag Panchami
    कविताएँ

    नाग पंचमी | Poem Nag Panchami

    ByAdmin August 10, 2024

    नाग पंचमी ( Nag Panchami ) गाय दुग्ध मे नहलाते नागों को नाग लोक मे, जले अग्नि मे महाभारत काल नाग यज्ञ में, रक्षा नागों की ब्राम्हण आस्तिक ने रोंक यज्ञ की, श्रावण शुक्ल पंचमी का दिन था यही विपुल, भाई बहन की है कथा इसमें बड़ी पावन, हम हर्षाते नागपंचमी कह इसे मनाते, दूं…

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  • खुद का विश्वास
    कविताएँ

    खुद का विश्वास | Khud ka Vishwas

    ByAdmin August 10, 2024

    खुद का विश्वास ( Khud ka Vishwas ) इस जमाने में लड़ाई स्वयं लड़ना पड़ता है। गैरो के भरोसे तो सिर्फ धोख़ा ही मिलता है। इसलिए भरोसा रखो तुम अपने बाजूओं पर। कामयाबी चूमलेगी निश्चित ही तुम्हारे खुदके कदम।। बड़ा टेड़ा है ये जमाना हाथो से रोटी छीनता है। भुजाओं में है तगाद तो शूरवीर…

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  • डॉ. सत्यवान सौरभ : छोटी उम्र से हरियाणा के साहित्यिक क्षितिज पर निरंतर सृजनरत
    कहानियां

    डॉ. सत्यवान सौरभ : छोटी उम्र से हरियाणा के साहित्यिक क्षितिज पर निरंतर सृजनरत

    ByAdmin August 9, 2024August 10, 2024

    लेखन में भी संपादकीय लेखक के रूप में आपने विशिष्ठ पहचान कायम की है। सभी विधाओं पर आपका लेखन हरियाणा तक ही सीमित नहीं रह कर देश के संदर्भ में भी व्यापक स्वरूप लिए हैं। आपके आलेख और पुस्तकें तथ्यात्मक, सूचनात्मक और शोध परक होने से शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध हुए हैं। इनकी रचनाएं…

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  • चिकित्सा देश की रीढ़
    विवेचना

    चिकित्सा देश की रीढ़

    ByAdmin August 9, 2024

    यह भारत देश नित्य निरंतर विकास के पथ पर एक नये उत्साह नवीन ऊर्जा के साथ बढ़ रहा है इसमें कोई संशय नहीं की आने वाले वर्षों में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। हमारे देश की चिकत्सा व्यवस्था एवं औषधि उद्योग का विश्व ने लोहा मना है कोरोना काल में औषधीय मदद हो या टीका करण…

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  • उम्मीद
    कविताएँ

    उम्मीद | Poem Ummeed

    ByAdmin August 9, 2024

    उम्मीद ( Ummeed ) एक उम्मीद सी,दिल में रहती है । जो प्यार से, हमसे कहती है । चिंताएं सारी ,छोड़ भी दो । खुशियों से , नाता जोड़ ही लो । वो दिन भी, जल्दी आयेगा । मन ,आनंदित हो जायेगा । जब साथ, मिलेगा अपनों का । संग संग देखे , सब सपनों…

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  • इस ह़िमाक़त में क्या है
    ग़ज़ल

    इस ह़िमाक़त में क्या है | Ghazal Is Himaqat Mein Kya Hai

    ByAdmin August 9, 2024August 9, 2024

    इस ह़िमाक़त में क्या है ( Is Himaqat Mein Kya Hai ) बताओ तुम्हीं इस ह़िमाक़त में क्या है। किसी की क़बाह़त,इहानत में क्या है। क़रीब उनके बैठो तो आए समझ में। बुज़ुर्गाने दीं की हिदायत में क्या है। झुकाकर तो देखो कभी अपने सर को। समझ जाओगे ख़ुद इ़बादत में क्या है। वो ज़ालिम…

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  • फैसला दिल का
    ग़ज़ल

    फैसला दिल का | Ghazal Faisla Dil Ka

    ByAdmin August 9, 2024August 9, 2024

    फैसला दिल का ( Faisla Dil Ka ) जानता हूँ मैं फैसला दिल का इक हँसीं से है सामना दिल का क्यों समझते अलग मुझे उससे एक वो ही है रहनुमा दिल का किसलिए अब बुरा कहें उसको उसने जोड़ा है आइना दिल का जब भी उस पर नज़र पड़ी मेरी मुझको लगता वो देवता…

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