Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • दुनिया-ए-फ़ानी
    शेरो-शायरी

    दुनिया-ए-फ़ानी | Duniya-e-Fani

    ByAdmin August 8, 2024August 8, 2024

    दुनिया-ए-फ़ानी ( Duniya-e-Fani ) अपने लिए ही वक्त कम पड़ने लगा है. दुनिया-ए-फानी में मान रमने लगा है. न जाने क्या पाने के ज़िद है इस दिल को. फुज़ूल ख़ुदा की नेअमत लगने लगा है. हर वक्त एक अजीब सा शोर बरपा है. कुछ मिलकर खो जाने का धड़का है. नाकामयाबी के डर से दिल…

    Read More दुनिया-ए-फ़ानी | Duniya-e-FaniContinue

  • बांग्लादेश : भारत के लिए रणनीतिक चुनौती
    विवेचना

    बांग्लादेश : भारत के लिए रणनीतिक चुनौती

    ByAdmin August 7, 2024

    शेख हसीना भारत समर्थक हैं , इसलिए उनकी अनुपस्थिति बांग्लादेश में चीनी बढ़त को आमंत्रित कर सकती है , जो भारत के प्रभाव को चुनौती दे सकती है। बांग्लादेश में बेल्ट एंड रोड पहल के तहत चीन की हालिया पहल को और गति मिल सकती है, जिससे भारत की रणनीतिक बढ़त कम हो सकती है।…

    Read More बांग्लादेश : भारत के लिए रणनीतिक चुनौतीContinue

  • 78वाँ स्वतंत्रता दिवस | 78th Independence Day
    कविताएँ

    78वाँ स्वतंत्रता दिवस | 78th Independence Day

    ByAdmin August 7, 2024

    78वाँ स्वतंत्रता दिवस ( 78th Independence Day ) आजादी पर्व पर चेतन निज घट में रमना हैं । क्या खोया क्या पाया उसका चिन्तन करना हैं । आजादी पर्व पर चेतन – ।।ध्रुव ॥ हमारा अवचेतन मन है ऐसा संग्राहलय । जिसे कहते है सुचिन्तित विचारों का आलय।। आजादी पर्व पर चेतन – ।।ध्रुव ॥…

    Read More 78वाँ स्वतंत्रता दिवस | 78th Independence DayContinue

  • दिगम्बर जैन मुनि | Digambara Jain Muni
    विवेचना

    दिगम्बर जैन मुनि | Digambara Jain Muni

    ByAdmin August 7, 2024

    जैन मुनियों के बारे में बहुत से लोगो को जानकारी न होने के कारण बहुत सारी गलत धारणाये मन में व्याप्त है। जिसके कारण लोग उन्हें सही ठंग समझ नहीं पाते है और उन्हें भला बुरा कहते है। जबकि हकीकत कुछ और ही होती है। हम आज अपने लेख के द्वारा आपको उनके बारे में…

    Read More दिगम्बर जैन मुनि | Digambara Jain MuniContinue

  • डॉ. राही की कविताएं
    कविताएँ

    डॉ. राही की कविताएं | Dr. Rahi Hindi Poetry

    ByAdmin August 7, 2024November 8, 2024

    हृदि समंदर ! मन के अन्दर ! एक समन्दर ! एक समन्दर ! मन के अन्दर । गहरा – उथला उथला – गहरा तट पे बालू – रेत समन्दर । इच्छाओं की नीलिमा ले मन का है आकाश समन्दर। इसमें सपनों के मोती हैं संघर्षों की प्यास समन्दर। इसके गहरे पानी पैठ अनुभव के हैं…

    Read More डॉ. राही की कविताएं | Dr. Rahi Hindi PoetryContinue

  • सांवरे की बंसी
    कविताएँ

    सांवरे की बंसी | Kavita Sanware ki Bansi

    ByAdmin August 6, 2024August 6, 2024

    सांवरे की बंसी ( Sanware ki Bansi ) सताने लगी है सांवरे की बंसी, रिझाने लगी है सांवरे की बंसी, मुझे रात औ दिन ख्याल है उसका ही, जगाने लगी है सांवरे की बंसी, कभी गीत गाके सुनाए है बंसी, कभी प्रीत मुझसे जताए है बंसी, मुझे आज कल वो लुभाए है इतना, सभी चैन…

    Read More सांवरे की बंसी | Kavita Sanware ki BansiContinue

  • क्या दुनिया को संदेश दे रहा है जलता हुआ बांग्लादेश?
    विवेचना

    क्या दुनिया को संदेश दे रहा है जलता हुआ बांग्लादेश?

    ByAdmin August 6, 2024August 8, 2024

    आरक्षण के मुद्दे पर बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया, वहाँ की प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। अपने देश भारत में भी इन दिनों जाति को लेकर घमासान मचा हुआ है। बांग्लादेश हिंसा की आग में सुलग रहा है। हिंसा के बीच हालात बेहद खराब हो गए हैं। हजारों लोग सड़कों पर उतरकर…

    Read More क्या दुनिया को संदेश दे रहा है जलता हुआ बांग्लादेश?Continue

  • दो पीढ़ी का मिलन | Geet Do Pidhi ka Milan
    गीत

    दो पीढ़ी का मिलन | Geet Do Pidhi ka Milan

    ByAdmin August 6, 2024August 6, 2024

    दो पीढ़ी का मिलन ( Do Pidhi ka Milan ) जमाने को समझो चलो उसके संग। नई पुरानी पीढ़ी का हो जायेगा मिलन। अपनी पुरानी बातें न छोड़ो तुम। तो ही जीवन में तुम्हें मिलेगा सुकून। रखो ख्याल दोनों मान सम्मान का। यही मूल मंत्र है जीवन को जीने का।। जमाने को समझो चलो उसके…

    Read More दो पीढ़ी का मिलन | Geet Do Pidhi ka MilanContinue

  • Kavita Hey Maa
    कविताएँ

    तुम ही तो माँ | Kavita Tum Hi to Maa

    ByAdmin August 5, 2024

    तुम ही तो माँ ( Tum Hi to Maa ) सुबह सवेरे जब तुम मुझे उठाती थी, एक रौशनी सी मेरे आंखों को छू कर जाती थीं। उठ कर, हाथों से जब मैं आंखें मलती थी, ” सुबह हो गई बेटा ” कह कर तुम सीने से मुझे लगाती थी। देख कर तुम्हारी प्यारी सी…

    Read More तुम ही तो माँ | Kavita Tum Hi to MaaContinue

  • शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था द्वारा शिव के द्वार कविता की फुहार कार्यक्रम आयोजित

    ByAdmin August 5, 2024

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में सावन महोत्सव के अंतर्गत नानसागेट बड़ा शिव मंदिर में रविवार को नीलकंठ महादेव की आराधना में शिव के द्वार कविता की फुहार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शब्दाक्षर प्रदेश अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की तथा मुख्य अतिथि नगरपालिका उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया थे। विशिष्ट अतिथि महंत…

    Read More शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था द्वारा शिव के द्वार कविता की फुहार कार्यक्रम आयोजितContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 163 164 165 166 167 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search