• सुकूँ | Ghazal Sukoon

    सुकूँ ( Sukoon ) कभी सच्चा ये मंज़र हो नहीं सकता ग़लत पथ पर कलंदर हो नहीं सकता अमर है इस जहां में प्यार सदियों से फ़ना ये ढाई आखर हो नहीं सकता दुआ माँ बाप की जिसने नहीं ली है सुकूँ उसको मयस्सर हो नहीं सकता मेरी इनकम ये मुझसे कहती है हर दिन…

  • आप भी | Ghazal Aap Bhi

    आप भी ( Aap Bhi ) ह़ुज़ूर आप भी कैसा कमाल करते हैं। ज़रा सी बात पे लाखों सवाल करते हैं। सितम ये कैसे वो ज़ोहरा जमाल करते हैं। हर एक गाम पे हम से क़िताल करते हैं। अजीब ह़ाल रक़ीबों का होने लगता है। वो जब भी बढ़ के हमारा ख़याल करते हैं। हमेशा…

  • हम ने देखा है | Ghazal Hamne Dekha hai

    हम ने देखा है ( Hamne dekha hai ) नारसीदा से किसी पैमान सी। हर ख़ुशी है कॉंच के गुलदान सी। हम ने देखा है बहुत ही ग़ौर से। ज़िन्दगी है जंग के मैदान सी। कहने को दाना बहुत है दिल मगर। हरकतें करता है कुछ नादान सी। काम देखो तो हैं शैतां से बुरे।…

  • हरियाली तीज उत्सव | Hariyali Teej Utsav

    परिचय हरियाली तीज उत्सव, जिसे तीज के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में मनाया जाता है। यह हिंदू महीने श्रावण के शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन पड़ता है। 2024 में, यह 7अगस्त को मनाया जाएगा। यह त्यौहार देवी पार्वती को समर्पित है, जो…

  • ज़ख़्म हुए नासूर | Zakhm Hue Nasoor

    ज़ख़्म हुए नासूर ( zakhm hue nasoor ) बिखरी यादें टूटे सपने, क्या तुमको दे पाऊंगी। ज़ख़्म मेरे नासूर हुए हैं, कैसे ग़ज़ल सुनाऊंगी।। हक था तुम्हारा मेरे यौवन की, खिलती फुलवारी पर। पर तुम माली बन न पाए, मैं पतझड़ बन जाऊंगी।। ज़ख्म मेरे नासूर हुएं हैं कैसे ग़ज़ल सुनाऊंगी। मेरी मुस्काने और खुशियां,…

  • जीवन के रंग | Jeevan ke Rang

    जीवन के रंग ( Jeevan ke Rang ) जिंदगी ने जिंदगी से कुछ सवाल किये है। जिंदगी ने जिंदगी को उनके जबाव दिये है। कभी खुशी के लिए कभी गम के लिए। फिर भी जिंदगी को संतुष्ट नही कर पाये।। जिंदगी को जग में सब खुशी से जीना चाहता है। फूलों की चाहत को दिलमें…

  • स्टार बनने की चाह में मैडल के लिए तरसते हम

    आबादी के लिहाज़ से छोटे से मुल्क ऑस्ट्रेलिया की अकेली खिलाड़ी एम्मा मैकेन ने टोक्यो ओलंपिक-2021 में 4 गोल्ड व 3 ब्रॉन्ज़ मैडल जीते। ऑस्ट्रेलिया में उसे कोई पूछने तक नहीं आया,क्योंकि वहां के लोगों या सरकार के लिए या राज नेताओं के लिए यह उपलब्धि कोई खास मायने नहीं रखती। और दूसरी तरफ हम…

  • इंसानियत खो गई | Insaniyat Kho Gayi

    इंसानियत खो गई ( Insaniyat Kho Gayi ) बिछुड़न की रीति में स्वयं को पहचाना भीडतंत्र में बहुत प्रतिभावान हूँ जाना ।।1। नयन कोर बहते रहे शायद कभी सूखे राधा का चोला उतार पार्वती सरीखे ।।2। तुम गए ठीक से, पर सबकुछ ठीक क्यूँ नहीं गई इरादे वादे सारे तेरे गए पर याद क्यूँ नहीं…

  • हालात-ए-बयां | Halat-e-Bayaan

    हालात-ए-बयां ( Halat-e-Bayaan ) कोई मेरा अपना बेगाना हो गया। पल में मेरा प्यार फसाना हो गया। करता था मैं भी मोहब्बत की बातें, अब उन बातों को जमाना हो गया! तुमसे दूर रहना कातिलाना हो गया, गुम हुए होश दिल दीवाना हो गया। हँसा देता हूँ मैं लोगों को इक पल में, मुझे मुस्कुराए…

  • दुनिया-ए-फ़ानी | Duniya-e-Fani

    दुनिया-ए-फ़ानी ( Duniya-e-Fani ) अपने लिए ही वक्त कम पड़ने लगा है. दुनिया-ए-फानी में मान रमने लगा है. न जाने क्या पाने के ज़िद है इस दिल को. फुज़ूल ख़ुदा की नेअमत लगने लगा है. हर वक्त एक अजीब सा शोर बरपा है. कुछ मिलकर खो जाने का धड़का है. नाकामयाबी के डर से दिल…