Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • मतलबी | Kavita Matlabi
    कविताएँ

    मतलबी | Kavita Matlabi

    ByAdmin July 24, 2024

    मतलबी ( Matlabi ) मतलबी म+तलबी मत+लबी मतल+बी म त ल बी । म=मैं त=तुम ल=लगन बी=बीतना अर्थात मेरा या तुम्हारा किसी लगन में बीत जाना खरच हो जाना क्या ग़लत है किसी का मतलबी हो जाना।। डॉ. जगदीप शर्मा राही नरवाणा, हरियाणा। यह भी पढ़ें :- गुरु ज्ञान की ज्योत | Guru Gyan ki…

    Read More मतलबी | Kavita MatlabiContinue

  • ख़ुद पर विश्वास क्यों नहीं करते
    कविताएँ

    ख़ुद पर विश्वास क्यों नहीं करते | Kavita Khud Par

    ByAdmin July 24, 2024

    ख़ुद पर विश्वास क्यों नहीं करते ( Khud par vishwas kyon nahi karte ) ख़ुद पर विश्वास, क्यों नहीं करते? जो करना है, आज क्यों नहीं करते ? छूना चाहते हो आकाश यदि, तो फिर तुम,प्रयास क्यों नहीं करते ? कुछ भी नहीं , इस जग में असंभव। इस बात पर, विश्वास क्यों नहीं करते…

    Read More ख़ुद पर विश्वास क्यों नहीं करते | Kavita Khud ParContinue

  • जीवन एक यात्रा | Kavita Jeevan ek Yatra
    कविताएँ

    जीवन एक यात्रा | Kavita Jeevan ek Yatra

    ByAdmin July 24, 2024

    जीवन एक यात्रा ( Jeevan ek yatra )  जीवन एक यात्रा है, सपनों का साज है, खुशियों की बगिया है, दुखों का भी राज है। उजालों की मस्तियाँ हैं, अंधेरों का ख्याल है, कभी-कभी कांटों की चुभन, कभी फूलों की माल है। राहें हैं कठिनाइयों की, संघर्ष का मैदान है, हिम्मत से जो चले यहाँ,…

    Read More जीवन एक यात्रा | Kavita Jeevan ek YatraContinue

  • आप की याद | Nagma Aapki Yaad
    गीत

    आप की याद | Nagma Aapki Yaad

    ByAdmin July 24, 2024

    आप की याद ( Aapki Yaad ) आप की याद आई तो आती रही। नींद आंखों से मेरी उड़ाती रही। इतना बेचैन दिल को किया हाय रे। एक पल भी न सोने दिया हाय रे। सिलसिला रात भर यह ही जारी रखा। ख़्वाबे ग़फ़लत से मुझको जगाती रही। आप की याद आई तो आती रही।…

    Read More आप की याद | Nagma Aapki YaadContinue

  • aayie
    गीत

    आइए आ जाइए | नग़मा

    ByAdmin July 24, 2024July 24, 2024

    आइए आ जाइए ( Aaiye aa jaiye ) सीधा – साधा रास्ता है आइए आ जाइए। दिल का दरवाज़ा खुला है आइए आ जाइए। आप ही के नाम की तख़्ती लगी है बाख़ुदा। आप की आहट पे ही घंटी बजी है बाख़ुदा। आप ही के वास्ते मह़फ़िल सजी है बाख़ुदा। रुख़ पे क्यों शर्म-ओ-ह़या है…

    Read More आइए आ जाइए | नग़माContinue

  • मन का सावन
    कविताएँ

    मन का सावन | छंदमुक्त गीत

    ByAdmin July 24, 2024

    मन का सावन ( Man ka Sawan ) कोकिला, पपीहा के मधुर बोल, बारिश की रिमझिम, हरियाली चहुँओर। साजन की याद सताये, रह-रहकर, आया सावन माह देखों झूमकर–2 झूले पड़ गये, डाली-डाली बम-बम बोले, हर गली-गली–2 कजरी की धुन,लगे मनभावन–2 बहुत सताता है ये, मन का सावन –2 मादकता में ,अवगाहन धरती, वर्षा का रस…

    Read More मन का सावन | छंदमुक्त गीतContinue

  • सावन में मिलन | Kavita Sawn Mein Milan
    कविताएँ

    सावन में मिलन | Kavita Sawn Mein Milan

    ByAdmin July 24, 2024

    सावन में मिलन ( Sawn Mein Milan ) आ गई हुई सावन में कुछ दिनों के लिए मायके। जिया लग नही रहा मेरा अब उनके बिना यहाँ। मिलने की राह में हम बहुत व्याकुल हो रहे। करें तो क्या करें अब की मिलन हमारा हो जाये।। पिया की राह में आँखें उन्हें निहार रही है।…

    Read More सावन में मिलन | Kavita Sawn Mein MilanContinue

  • गला कटे तत्काल | Gala Kate Tatkal
    कविताएँ

    गला कटे तत्काल | Gala Kate Tatkal

    ByAdmin July 24, 2024

    गला कटे तत्काल ( Gala Kate Tatkal ) कत्ल करे दुश्मन बने, बदल गई वो चाल। करके देखो नेकियाँ, गला कटे तत्काल।। जो ढूंढे हैं फायदा, उनका क्या परिवार। संबंधों की साधना, लुटती है हर बार।। नकली है रिश्ते सभी, नहीं किसी में धीर। झूठी है सद्भावना, समझेंगे क्या पीर।। सब कुछ पाकर भी रहा,…

    Read More गला कटे तत्काल | Gala Kate TatkalContinue

  • सुशीला जोशी के दोहे | Sushila Joshi ke Dohe
    दोहे

    सुशीला जोशी के दोहे | Sushila Joshi ke Dohe

    ByAdmin July 24, 2024

    सुशीला जोशी के दोहे ( Sushila Joshi ke Dohe ) मेरा भारत देश सूरज की पहली किरण,गति ऊषा सन्देश । अंगड़ाई ले जगता,मेरा सुंदर देश ।। 1।। झरनों में जीवन बसा,नदियों में आदेश । प्रगति राह पर दौड़ता, देखो भारत देश ।। 2।। सुमन शूल का साथ ले, धर जोगी का वेश । सूर्य उजाला…

    Read More सुशीला जोशी के दोहे | Sushila Joshi ke DoheContinue

  • सौगात सावन में
    ग़ज़ल

    सौगात सावन में | Saugaat Sawan Mein

    ByAdmin July 24, 2024July 24, 2024

    सौगात सावन में ( Saugaat Sawan Mein ) तुम्हारी चाहतें हमको मिली सौगात सावन में । जताकर प्यार को अब हम करें शुरुआत सावन में ।१ बढ़ाना है नहीं तुझसे मुझे अब राबता कोई सतायेगा मुझे फिर से तू हर इक रात सावन में ।। २ झुकाकर क्यों नयन बैठे हमें अब लूटने वाले। सुना…

    Read More सौगात सावन में | Saugaat Sawan MeinContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 172 173 174 175 176 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search