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TheSahitya – द साहित्य
  • शिखा खुराना जी की कविताएँ | Shikha Khurana Hindi Poetry
    कविताएँ

    शिखा खुराना जी की कविताएँ | Shikha Khurana Hindi Poetry

    ByAdmin July 26, 2024May 7, 2025

    आपरेशन सिंदूर आओ सिंदूर मिटाने वालों, लहू से प्यास बुझाने वालों।सिंदूर की ताकत तुम अब देखोगे, सिंदूर को लहू बनाने वालों। घर में घुसकर तुम्हारे तुम्हें सबक सिखाने आएं हैं।जांबाज हमारे आसमान से तुमपर आग बरसाएं हैं। हिंदुस्तान क्या कर सकता है,आज तुम्हें दिखाते हैं।मासूमों की मर्मर हत्याओं का मज़ा तुम्हें चखाते हैं। बहुत सहा…

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  • नये रंग भरने वाला था
    ग़ज़ल

    नये रंग भरने वाला था | Ghazal Naye Rang

    ByAdmin July 25, 2024

    नये रंग भरने वाला था ( Naye Rang Bharne Wala Tha ) हमारा जाम मुहब्बत से भरने वाला था कोई उमीद की हद से गुज़रने वाला था जवाब उस से मुहब्बत का किस तरह मिलता वो गुफ़्तगू भी सवालों में करने वाला था ये एक बात ही ज़ाहिर है उसकी आंँखों से ज़रा सी देर…

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  • आखरी सत्य
    कविताएँ

    आखरी सत्य | Kavita Aakhri Satya

    ByAdmin July 25, 2024

    आखरी सत्य ( Aakhri Satya ) बहुत दिनों से मेरी फड़क रही थी आँखे। कोई शुभ संदेश अब शायद मिलने वाला है। फिर एकका एक तुम्हें आज यहाँ पर देखकर। दिल अचंभित हो उठा तुम्हें सामने देखकर।। बहुतों को रुलाया हैं जवानी के दिनों में। कुछ तो अभी जिंदा है तेरे नाम को जपकर। भले…

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  • रैग पिकर और फैशनपुतला | Kavita Ragpicker
    कविताएँ

    रैग पिकर और फैशनपुतला | Kavita Ragpicker

    ByAdmin July 25, 2024

    रैग पिकर और फैशनपुतला पहने हो अति सुंदर कपड़े, पुतले बन कर खड़े हुए । फैशन की इस चकाचौंध में, भरमाने पर अड़े हुए ।। मैंने कचरे से बीना है, बोरा परिधान देख लो । मैं नंगा भी तुमसे सुंदर, ध्यान लगा मुझे देख लो।। तुम में मुझमें फर्क यही तुम, प्राणहीन मैं जीवित नर…

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  • मुकेश बिस्सा की कविताएं
    कविताएँ

    मुकेश बिस्सा की कविताएं | Mukesh Bissa Hindi Poetry

    ByAdmin July 25, 2024April 1, 2026

    दास्तान किसी मोड़ पर ठहरी हुई,वक्त की एक पुरानी पहचान,धूल जमी सी यादों में छुपी,दिल की वो अधूरी दास्तान। कभी हँसी की छांव में पली,कभी आँसुओं में भीगी रात,कभी खामोश लम्हों ने लिखा,कभी बोल उठे जज़्बात। राहों ने जो मोड़ लिए,कदम भी साथ बहकते गए,कुछ चेहरे धुंधले हो गए,कुछ दिल में ही बसते गए। हर…

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  • शारदे
    छंद

    शारदे कृपा करो | रामभद्र संवार्णिक दंडक छंद

    ByAdmin July 25, 2024

    शारदे कृपा करो ( Sharde kripa karo ) शारदे! कृपा करो अखंड ज्ञान दान, हूँ अबोध साधिका प्रसाद-दायिनी, l प्रार्थना न जानती न अर्चना निकाम, लेखनी प्रशस्त हो विचार -वाहिनी! l शुद्ध छंद शुद्ध भाव लेखनी प्रबुद्ध, नृत्य गीत वाद्य की प्रचण्ड नादिनी l आपके समक्ष दीन पातकी अशक्त, एक दृष्टि डाल दे विशाल-भावनी!ll ज्ञान…

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  • गुरु
    विवेचना

    श्रीगुरु चरण सरोज रज

    ByAdmin July 25, 2024

    गुरु चरणों की रज यदि मिल जाए तो यह जीवन धन्य हो जाता है। कबीर दास जी महाराज कहते हैं — यह तन विष की बेलरी , गुरु अमृत की खान । शीश दिए जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान। मनुष्य जीवन ही मिलना एक तो बहुत दुर्लभ माना गया है। उससे भी अधिक…

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  • साये चले | Ghazal Saaye Chale
    ग़ज़ल

    साये चले | Ghazal Saaye Chale

    ByAdmin July 25, 2024

    साये चले ( Saaye Chale ) ऐसे ऐसे अंधेरे कि साये चले पाँव डर डर के हम भी बढ़ाये चले जश्न तेरी ख़ुशी का मनाये चले अश्क पलकों में अपनी छुपाये चले अपनी हर इक ख़ुशी का गला घोंटा कर तेरी महफ़िल को रंगीं बनाये चले रात चमकी थी कुछ देर नन्ही किरण हम उसी…

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  • नैनो में सावन | कुण्ड़लिया छन्द
    छंद

    नैनो में सावन | कुण्ड़लिया छन्द

    ByAdmin July 25, 2024July 25, 2024

    नैनो में सावन ( Naino mein sawan ) नैनो में सावन लिए , करती हूँ मनुहार । ऐसे मत छेड़ो पिया , लगती जिया कटार ।। लगती जिया कटार , बूँद सावन की सारी । आ जाओ इस बार , विरह की मैं हूँ मारी ।। भीगूँ तेरे संग , यही कहता मनभावन । नही…

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  • तेरी दीद के बाद
    ग़ज़ल

    तेरी दीद के बाद | Teri Deed ke Baad

    ByAdmin July 25, 2024

    तेरी दीद के बाद ( Teri deed ke baad ) जहां में कुछ नहीं नायाब तेरी दीद के बाद कहाँ से आये कोई ख़्वाब तेरी दीद के बाद है बेख़बर दिल-ए-बेताब तेरी दीद के बाद जमाल-ए-मस्ती-ए-गरक़ाब तेरी दीद के बाद बनाने वाले ने तुझको बना के जब देखा बनाये फिर कई गिर्दाब तेरी दीद के…

    Read More तेरी दीद के बाद | Teri Deed ke BaadContinue

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