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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke Shabd
    कविताएँ

    मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke Shabd

    ByAdmin July 14, 2024

    मेरी कविता के शब्द ( Meri Kavita ke Shabd ) तुम्हारे शब्द निहार रहे हैं मुझे और लज्जा से गढ़ी जाती हूं मैं बंद करके भी देखा है मैंने किताब में खुद को तुम्हारे शब्दों में फिर पढ़ी जाती हूं मैं मेरे कंधों को छूते हुए गुजर रही थी तुम्हारे शब्दों की क्यारी पलकें झुका…

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  • पुजारी | Pujari Laghu Katha
    कहानियां

    पुजारी | Pujari Laghu Katha

    ByAdmin July 14, 2024

    जमना बाजार में खड़ी एक दुकान पर खड़ी कुछ खरीद रही थी कि एक ट्रेक्टर ट्राली में एक सांड के शव को सफेद कपड़े के ऊपर रंग बिरंगे फूलों सें सजा जिसके आगे दो बैंड फ़िल्मी शोक धुन बजाते चल रहे थे, देखा। जैसे ही उसने अपनी गर्दन उसके जलूस को देखने के लिए घुमाई…

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  • बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उपहार
    साहित्यिक गतिविधि

    बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उपहार

    ByAdmin July 14, 2024

    आज बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र के तत्वावधान में आरंभ चैरिटेबल फाउंडेशन संस्थान द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग और स्टेशनरी का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 25 से 30 बच्चों को शिक्षा सामग्री प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथि: श्रीमती श्यामा गुप्ता जी, साहित्यकार श्रीमती पदमा…

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  • Aap hi Bada Gaye
    कविताएँ

    आप ही बदल गए | Aap hi Bada Gaye

    ByAdmin July 14, 2024

    आप ही बदल गए ( Aap hi Bada Gaye ) हम अपने जंजालो में और फंसते चले गए, उन्हे लगा यारों, हम बदल गए । करके नजदीकी, ये दूर तलक भरम गए, कुण्ठा के मस्तक पर ,दाग नया दे गए। खुशी की अपील नहीं मुस्कुराहट मॉगे, आपाधापी की जिन्दगी से अनगिन आप गए। ऐसा नहीं…

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  • एक शादी ऐसा भी
    कविताएँ

    एक शादी ऐसा भी | Ek Shadi Aisa Bhi

    ByAdmin July 14, 2024

    एक शादी ऐसा भी ( Ek Shadi Aisa Bhi ) अनंत-राधिका की शाही शादी को देखा, करोड़ों की कुबेर में लिपटते हुए देखा , हालीवुड,वालीवुड को थिरकते हुए देखा, राजनयिकों,राजाओं की अगुवाई को देखा, योग के शलाकपुरूष का योगाभ्यास को देखा, काशी विश्वनाथ के मठाधीशों को देखा, गरीब-गुरबे ,भूखों की आहट को न सुना ।…

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  • मेरा अस्तित्व | Kavita Mera Astitva
    कविताएँ

    मेरा अस्तित्व | Kavita Mera Astitva

    ByAdmin July 14, 2024August 10, 2024

    मेरा अस्तित्व ( Mera Astitva ) क्या मेरे अस्तित्व के कोई मायने रहेंगे ? अगर मैं उतार भी दूं चेहरे पर से चेहरा मेरे स्वयं का अस्तित्व ही पिघल जायेगा और—- मैं अनाम हो जाऊँगी तेज झंझावतों में उठे धूलकणों की तरह हो चुका होगा जर्जर मेरा अंग-प्रत्यंग मेरा वर्ण धीमा हो जायेगा चेहरा, चेहरा…

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  • Aachary bhikshu
    कविताएँ

    गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस

    ByAdmin July 14, 2024

    गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस – गुरु पूर्णिमा व 265 वें तेरापंथ स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मेरी भावपूर्ण -विनयांजलि ….. हम अपना कल्याण कर लें । जीवन का लक्ष्य महान बना लें । आत्मा की ज्योति जला लें । तप गंगा में स्नान…

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  • ख़याले-यार | Ghazal Khayale-Yaar
    ग़ज़ल

    ख़याले-यार | Ghazal Khayale-Yaar

    ByAdmin July 14, 2024July 15, 2024

    ख़याले-यार ( Khayale-Yaar ) ख़याले-यार से बढ़कर कोई ख़याल नहीं शब-ए-फिराक़ है फिर भी ज़रा मलाल नहीं किसी की सम्त उठा कर निगाह क्या देखें तेरे जमाल के आगे कोई जमाल नहीं जमाले -यार की रानाइयों में खोया हूँ फ़ज़ा-ए-मस्त से मुझको अभी निकाल नहीं उड़ेगी नींद तू खोयेगा चैन दिन का भी दिमाग़ो-दिल में…

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  • एक साथी
    कविताएँ

    एक साथी | Kavita Ek Sathi

    ByAdmin July 14, 2024

    एक साथी ( Ek Sathi ) किसी का किसी से इकरार होता है। समझ लो उससे ही उसे प्यार होता है। ये कब और कहा किससे हो जाये। ये न हम जानते और न ये वो जानते।। दिल हमारा डोलता और भटकता रहता है। कभी सपनों में खोता है तो कभी सपने दिखता है। इसलिए…

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  • दादाजी | Kavita Dada Ji
    कविताएँ

    दादाजी | Kavita Dada Ji

    ByAdmin July 14, 2024

    दादाजी ( Dada Ji ) दादाजी बड़े विद्वान चलते सीना तान l हाथ में छाता उनकी पहचान l मुछे रखते तान सुबह सैर सपाटे में जाते l बैठ पेड़ की छांव आराम फरमाते l छतरी के गुणों का करे बखान l छतरी में गुण तीन धूप से बचाए बारिश से बचाए l उचका लुचा, कुत्ता…

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