Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • जब से तेरी पायल छनक गयी
    कविताएँ

    पैरों की पायल | Kavita Pairon ki Payal

    ByAdmin July 16, 2024July 16, 2024

    पैरों की पायल ( Pairon ki Payal ) तेरे पैरों की पायल मुझे, दिन रात सताती है ! घुँघरू की लगा ठुमका, फिर मुझे बुलाती है !! सुनने पर बढ़ती बेचैनी, बिन सुने चैन नहीं आती ! प्रतिपल बढ़ती बेचैनी, चैन नहीं दे पाती !! रातों की निंद मेरी, लेकर उड़ जाती है ! चाहत…

    Read More पैरों की पायल | Kavita Pairon ki PayalContinue

  • मौन अभिव्यक्ति | Kavita Maun Abhivyakti
    कविताएँ

    मौन अभिव्यक्ति | Kavita Maun Abhivyakti

    ByAdmin July 16, 2024

    मौन अभिव्यक्ति ( Maun Abhivyakti ) जब सूर्य क्षितिज के नीचे होता है, और– आकाश में जब चमक होती है, उस शांति को सँजोये हुए, ये छायाएँ चाँदनी की कोमल, चमक में मिल जाती है, वही भावनाओं की एक ध्वनि, उड़ान भरती है, तब— मैं रात में अपने दिल की, फुसफुसाहट सुनती हूँ। मेरे अन्तःकरण…

    Read More मौन अभिव्यक्ति | Kavita Maun AbhivyaktiContinue

  • मै राही संघर्ष का | Mai Rahi Sangharsh ka
    कविताएँ

    मै राही संघर्ष का | Mai Rahi Sangharsh ka

    ByAdmin July 16, 2024

    मै राही संघर्ष का ( Mai Rahi Sangharsh ka ) मै राही संघर्ष का, नित पथ में बढ़ता जाता हूं। हर आंधी तूफानों से, फौलादी सा टकराता हूं। मैं राही संघर्ष का तीर सहे तलवार सहे, शब्दों के हर तीखे वार सहे। हौसलों से दुश्चक्र मिटाए, जिंदा तन मन प्राण रहे। जोश जज्बा हृदय में…

    Read More मै राही संघर्ष का | Mai Rahi Sangharsh kaContinue

  • स्नेह सुधा बरसाने वाली
    कविताएँ

    स्नेह सुधा बरसाने वाली

    ByAdmin July 15, 2024July 15, 2024

    स्नेह सुधा बरसाने वाली मन मन्दिर अपना है खाली, दिल का सिंहासन भी खाली। तरुणी कहां छुपी जा बैठी स्नेह सुधा बरसाने वाली।। मन को तुम भरमाने वाली, दिल को तुम तरसाने वाली। तरुणी कहां छुपी जा बैठी, स्नेह सुधा बरसाने वाली।। चंचल चितवन से तुम अपने, अनुपम नाच नचाने वाली। तरुणी कहां छुपी जा…

    Read More स्नेह सुधा बरसाने वालीContinue

  • निर्णय लेना है
    कविताएँ

    निर्णय लेना है | Kavita Nirnay Lena Hai

    ByAdmin July 15, 2024

    निर्णय लेना है  ( Nirnay Lena Hai ) बड़े ही अजीब हैं वो लोग जो इंसानों से नफरत करते हैं। दिन रात हिंदू मुस्लिम का राग न जाने क्यों अलापते रहते हैं। या तो वो मानव नही है दानव रूप में जन्म लिये है। इसलिए हम सब लोगों की एकता को नष्ट कर रहे हैं।।…

    Read More निर्णय लेना है | Kavita Nirnay Lena HaiContinue

  • वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane Pal
    कविताएँ

    वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane Pal

    ByAdmin July 15, 2024

    वो सुहाने पल ( Wo Suhane Pal ) याद आते खूब हमको वो सुहाने पल। बैठ पिता के कंधों पर करते हलचल। अठखेलियां आंगन में हंसते मुस्काते। दादा दादी भी घर में फूले नहीं समाते। आस पड़ौस में आना जाना भाता था। खेल खेलने हुजुम बड़ा जम जाता था। बाजारों में रौनक होती चौपालों पर…

    Read More वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane PalContinue

  • तेरी आँखे | Teri Aankhen
    ग़ज़ल

    तेरी आँखे | Teri Aankhen

    ByAdmin July 15, 2024

    तेरी आँखे ( Teri Aankhen ) देती क्या ये इशारा है तेरी आँखे करें दिलकश नज़ारा है तेरी आँखे ! देखीं है जब से खुबसूरत निगाहों को, हुई इश्क -ऐ -सहारा है तेरी आँखे ! मुहब्बत का मिला हमको शगन यारो, मेरी जश्न -ऐ -बहारा है तेरी आँखों ! निशा में हो जैसे चमका अभी…

    Read More तेरी आँखे | Teri AankhenContinue

  • Desh ke Naam
    ग़ज़ल

    आज़ादी ऐ वतन का | Ghazal Azadi – e – Watan Ka

    ByAdmin July 15, 2024

    आज़ादी ऐ वतन का ( Azadi – e – Watan Ka ) बेशक वरक़ वरक़ पे ही कोई नज़र रहे उन्वान दास्तान का हम ही मगर रहे जब तक हैं लाल तेरे यहाँ मादर-ऐ-वतन फहरेगा चोटियों पे तिरंगा ख़बर रहे आज़ादी -ऐ-वतन का ये जलता रहे दिया यारो हवा के रुख पे बराबर नज़र रहे…

    Read More आज़ादी ऐ वतन का | Ghazal Azadi – e – Watan KaContinue

  • ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki Deewaren
    कविताएँ

    ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki Deewaren

    ByAdmin July 15, 2024

    ईंट की दीवारें ( Eent ki Deewaren ) जब तक है जीवन जगत में वक्त का दौर तो चलता रहेगा बंटी है रात और दिन में जिंदगी ये चक्र तो यूँ ही चलता रहेगा मिलेंगे रेत के टीले हर जगह कहीं पर्वतों का झुंड होगा होगी कहीं कहीं खाईं गहरी कहीं खौलता कुआं होगा कट…

    Read More ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki DeewarenContinue

  • आप जब बोलेंगे तो सब
    ग़ज़ल

    आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगे

    ByAdmin July 14, 2024

    आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगे आप जब बोलेंगे तो सब, बोलने लग पायेंगे ! आप चुप होंगे तो सारे, लोग चुप हो जाएंगे !! आप चल दें तो सफर, हरएक हो सकता शुरू आप ठहरेंगे तो सब के, पांव भी रुक जाएंगे !! आप अपना जर्फ दुनिया,में अगर दिखलाएंगे हादसे खुशनुमाई की ,…

    Read More आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगेContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 180 181 182 183 184 … 836 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search