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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • शिव और पार्वती
    दोहे

    भावानुवाद विधा दोहा

    ByAdmin June 23, 2024

    भगवान शिव और पार्वती के मध्य हुए रोचक वार्तालाप का भावानुवाद प्रस्तुत है ! कवि का वक्रोक्ति-चमत्कार द्रष्टव्य है। मूल श्लोक इस प्रकार है — कस्त्वं शूली मृगय भिषजं नीलकण्ठ: प्रियेSहम् केकामेकां कुरु पशुपति: नैव दृष्टे विषाणे। स्थाणुर्मुग्धे ! न वदति तरु: जीवितेश: शिवाया: गच्छाटव्यामिति हतवचा पातु वश्चन्द्रचूड़ ।। शिव -गौरा संवाद द्वार बंद शिव…

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  • धर्म एक स्मार्ट बिजनेस | Kahani Dharm ek Smart Business
    कहानियां

    धर्म एक स्मार्ट बिजनेस | Kahani Dharm ek Smart Business

    ByAdmin June 22, 2024

    सुधीर जो भी काम करता अक्सर उसमें असफल हो जाता। किसी प्रकार से उसका घर चल पा रहा था। उसे कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करें ? उसने एक दुकान कपड़ों की खोला लेकिन वह भी बंद करनी पड़ी। उसके पिताजी कुछ झाड़ फूंक किया करते थे। बचपन में वह उन्हें ऐसा करते…

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  • झरती बुंँदियों  संग आखरों  की जुगलबंदी
    कविताएँ

    झरती बुंँदियों संग आखरों की जुगलबंदी

    ByAdmin June 21, 2024

    झरती बुंँदियों संग आखरों की जुगलबंदी…   सावनी सहर का आलम गर्म चाय की प्याली और हम पसंदीदा पुस्तक का साथ नर्म – नम बूंँदों की तुकबंदी ऐसी बंदिश इस उजास में रच देती है सबसे सुहाने पल। आंँगन बुहारती बूँदें आनंद वर्षा में भिगो भावों की तपिश को शीतल कर देती है कि नई…

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  • जीवन एक संगीत | Kavita Jeevan ek Sangeet
    कविताएँ

    जीवन एक संगीत | Kavita Jeevan ek Sangeet

    ByAdmin June 21, 2024

    जीवन एक संगीत ( Jeevan ek Sangeet ) प्रकृति की कण-कण में है संगीत। जीवन के हर क्षण क्षण में है संगीत। वर्षा की गिरती बूंदों में संगीत। बादलों की गर्जनों में संगीत। सर सर बहती हवाओं में संगीत। साज और सुरों के बिना सुना है संसार। मधुर स्वर बहती बांसुरी और सितार में संगीत।…

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  • संतान रत्न
    सिनेमा

    संतान रत्न | Film Script Santaan Ratna

    ByAdmin June 21, 2024July 2, 2024

    संतान रत्न ( फिल्म स्क्रिप्ट ) भाग : 1 एक गरीब महिला छोटी बच्ची को अपने आँचल से दूध पिलाती हुई अधेड अवस्था मे एक छोटे से पुल से टिकी हुई,लोग निकलते देखते बात-कुबात कहते जा रहे हैं | तभी एक महिला(सन्नो) वहां से गुजरी,बड-बडाते हुए पास आई देखा तो महिला मर चुकी थी l…

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  • हर समस्या का समाधान है योग
    विवेचना

    हर समस्या का समाधान है योग

    ByAdmin June 21, 2024June 21, 2024

    21 जून को हम धरतीवासी योग को योग दिवस के रूप में मनाते हैं। भौगोलिक दृष्टिकोण से 21 जून, उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे बड़ा दिन होता है। बड़ी अच्छी बात यह है कि योग की उत्पत्ति हमारे भारत से हुई है। हजारों सालों से योग साधना हमारे मानसिक तथा रोजमर्रा के जीवन में व्यवहरित होती…

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  • डूबते को तिनके का सहारा
    कविताएँ

    डूबते को तिनके का सहारा | Kavita Doobte ko Tinke ka Sahara

    ByAdmin June 21, 2024

    डूबते को तिनके का सहारा ( Doobte ko Tinke ka Sahara ) डूबते को तिनके का कोई सहारा मिल जाए। मंझधार में हमको कोई किनारा मिल जाए। रिश्तो में भी प्रेम भरी कोई रसधारा बह जाए। मुश्किलों की क्या बिसात दर्द सारा ढह जाए। तूफानों में कश्तियों को हौसला मिल जाए। ठान ले इंसान गर…

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  • आओ मिलकर योग करें
    कविताएँ

    आओ मिलकर योग करें | Kavita Aao Milkar Yog Kare

    ByAdmin June 21, 2024

    आओ मिलकर योग करें ( Aao Milkar Yog Kare )   आओ मिलकर योग करें। तन मन से रोगों को दूर करें। स्वास्थ्य हमारा अच्छा सब कुछ अच्छा हो। रोग ग्रसित अब नहीं देश का बच्चा हो। सूर्योदय से पहले उठकर खत्म नित्य क्रिया करें। जिसकी निरोगी काया जीवन वही जिया करें। सांसों को भरना…

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  • बहाना | Kavita Bahana
    कविताएँ

    बहाना | Kavita Bahana

    ByAdmin June 21, 2024June 21, 2024

    बहाना ( Bahana ) पूजा बिन नहाए के, स्वीकार करो नाथ, पानी नहीं आए है, हम धोए पाॅव हाॅथ, पूजा खाए पिए की, स्वीकार करो नाथ, लो वीपी के मरीज हम, चकराए हमरा माथ, पूजा कीर्तन भजन की, स्वीकार करो नाथ, हम अकेले रहते हैं, कोई न हमरे साथ, पूजा मेरे भंडारे की, स्वीकार करो…

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  • एक स्त्री क्या चाहती है
    कविताएँ

    एक स्त्री क्या चाहती है

    ByAdmin June 21, 2024

    ” जानते हो एक स्त्री क्या चाहती है?” सम्मान और स्वाभिमान के साथ, समाज में सर उठाकर जीना…..। उसकी सहमति से उसके तन मन, पर अपना अधिकार जमाना …..। उसके सम्मान को ना ठेस पहुंचाये , उसे केवल भोग की वस्तु न मानें, उसके अस्तित्व को तार तार न करें…..। वह नहीं चाहती कि उसकी…

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