• सबल- स्वस्थ हो देश

    सबल- स्वस्थ हो देश।।   योग भगाए रोग सब, करता हमें निरोग। तन-मन में हो ताजगी, सुखद बने संयोग।। योग साधना जो करे, भागे उसके भूत। आलस रहते दूर सब, तन रहता मजबूत।। खुश रहते हर पल सदा, जीवन में वो लोग। आत्म और परमात्म का, सदा कराते योग।। योग करें तो रोग सब, भागे…

  • चाभी | Kavita Chabhi

    चाभी ( Chabhi ) कौन कहता है ताले नहीं खुलते केन कहता है रास्ते नहीं मिलते चाभी खोजकर तो ज़रा देखिये तहखाने मे उतरकर तो देखिये हर चीज है मुहैया आपकी खातिर हर ताज के सिक्के बरामद होंगे कौन सी राजशाही चाहिए आपको आपके पुरे हर मुराद होंगे कम नहीं कुदरत के खजाने में आपको…

  • मुझे मिल गयी माँ

    मुझे मिल गयी माँ किसी को धरती मिली और,किसी को आकाश। मैं तो सबसे छोटा था तो, मुझे मिल गयी माँ। स्याह में भी टिमटिमाती, पूछती हर ख्वाब। शून्य में भी लग रहा था, पूरा था संसार। चमकता उज्जवल सा माथा, और चेहरा लाल। आंखों मे जितना ही ढूंढो, दिखता था बस प्यार। चेहरे की…

  • आधुनिक युग विवाह का चलन | मनहर घनाक्षरी छंद

    आधुनिक युग विवाह का चलन सुनो जी बात राज की व्यथा कहूं मैं आज की शादी वाले घर पर काज करवाते हैं बन्ना देखो हीरो लागे बन्नी जी हीरोइन लागे सौंदर्य घर जाकर साज करवाते हैं शादी के जी रश्म रीत भूले हैं शगुन गीत चूल्हा चौका सारे काम दूजा कर जाते हैं बड़ी शर्म…

  • इंसाफ | Laghu Katha Insaaf

    “आप कहते हैं कि हम अपने इलाके के बड़े जमींदार में से आते हैं, कहाँ तक सच हैॽ” जज ने रामबदन सिंह से पूछा। “लोगों की सांस तक कहती हैं।” रामबदन सिंह ने अपनी मूंछें ऐंठते हुए कहा। “इसका मतलब यह कि आप लोगों में अपना दहशत बनाए रखते हैं और किसी को अपनी मर्जी…

  • चिड़ियों से सीखें | Chidiyon se Sikhen

    चिड़ियों से सीखें चिडियों से सीखे हम वैज्ञानिक युग के विक्षिप्त विकसित कुत्सित मानव प्रेम-प्रीतिकी रीति गीत पेड़ की डाली की महकती चहकती दुनिया बेबस,बंटे,झुलसे,त्रस्त मानव को मुक्ति-मंत्र का संदेश जो हमें देते बहुजन हिताय की नीति बरबस हमें सिखाती द्रोह-भावना को मिटाती पाप,लाभ,लोभ-भोग की परवाह किए बिना सब मिल आशियां बनाते शेखर कुमार श्रीवास्तव…

  • रोगों से मुक्ति मिलती है हास्य योग से

    आज का मनुष्य जीवन में बड़ा हताश निराश दिखाई पड़ता है। बचपन की उन्मुक्त हंसी जैसे उसकी जिंदगी से खो सी गई है। यही कारण है कि वह विभिन्न बीमारियों की चपेट में आता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए योग में एक हास्य योग का प्रचार प्रसार बहुत तेजी से फैल…

  • फ़ीजी में हिन्दी : “विविध प्रसंग”

    बिहार की मिट्टी में जन्में ‘डॉ. राजेश कुमार माँझी’ का नाम गिरमिटिया लेखन के लिए साहित्य में एक जाना पहचाना नाम है। आप उप निदेशक ( राजभाषा) इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार में भी कार्यरत रहे हैं वर्तमान में आप दिल्ली के जामिया मिल्लिया में हिन्दी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं ।…

  • मुसाफ़िराना है | Ghazal Musafirana Hai

    मुसाफ़िराना है ( Musafirana Hai ) हम ग़रीबों का यह फ़साना है हर क़दम ही मुसाफ़िराना है यह जो अपना ग़रीबख़ाना है हमको मिलकर इसे सजाना है कितना पुरकैफ़ यह ज़माना है रूठना और फिर मनाना है बीबी बच्चों की परवरिश के लिए जाके परदेश भी कमाना है सारे घर के ही ख़्वाब हैं इसमें…

  • मैं आपकी | Kavita Main Aap ki

    मैं आपकी ( Main Aap ki ) जनम -जनम का प्रीति जुड़ा है । सर्वस्व आपसे पूरा है ।। धर्म, हे प्रभु! आप निभाइए। सुमा के भी नाथ कहाइए।। मांग सिंदुरी नित सजती रहे। पाँव पैंजनियाँ बजती रहे ।। कंगन भी मैं तो खनकाऊँ। नित मैं आपकी ही कहाऊँ।। भक्ति- धारा सदा बहाइए। सुमा के…