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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मैं आपकी | Kavita Main Aap ki
    कविताएँ

    मैं आपकी | Kavita Main Aap ki

    ByAdmin June 18, 2024June 18, 2024

    मैं आपकी ( Main Aap ki ) जनम -जनम का प्रीति जुड़ा है । सर्वस्व आपसे पूरा है ।। धर्म, हे प्रभु! आप निभाइए। सुमा के भी नाथ कहाइए।। मांग सिंदुरी नित सजती रहे। पाँव पैंजनियाँ बजती रहे ।। कंगन भी मैं तो खनकाऊँ। नित मैं आपकी ही कहाऊँ।। भक्ति- धारा सदा बहाइए। सुमा के…

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  • मैं गंगा हूं | Kavita Main Ganga Hoon
    कविताएँ

    मैं गंगा हूं | Kavita Main Ganga Hoon

    ByAdmin June 18, 2024

    मैं गंगा हूं ( Main Ganga Hoon ) हिमालय की गोद में बस्ती हूं काटकर पहाड़ों को अपने साहस से सरल भाव में बहती हूं ऐसी मै गंगा हूं। लेकर सबको अपने साथ चलती हूं चाहे कंकड़ पत्थर रेत या पेड़ बंजर भूमि उपजाऊ बना दुं ऐसी मै गंगा हूं। प्यासे की प्यास बुझाती बिछड़ों…

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  • अतुल्य भारत
    कविताएँ

    अतुल्य भारत | Kavita Atulya Bharat

    ByAdmin June 18, 2024June 18, 2024

    अतुल्य भारत ( Atulya Bharat ) अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि सर्व धर्म समभाव छटा, स्नेह प्रेम भाईचारा अनंत । विविधता अंतर एकता, जीवन शैली संस्कार अत्यंत । खेती संग खुशहाली अथाह, परिश्रमी ओज सम रवि । अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि ।। दक्षिणी एशिया वृहत्तर राष्ट्र, पर्यटन क्षेत्र अति उत्तम । उत्तर शोभा दिव्य…

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  • जब जब सुरसा बदन बढ़ावा | आलेख
    विवेचना

    जब जब सुरसा बदन बढ़ावा | आलेख

    ByAdmin June 18, 2024June 18, 2024

    सुरसा बाधा का प्रतीक है। जीवन में हम जब श्रेष्ठ कार्य करने चलते हैं तो अनेकानेक लोग बाधाएं उत्पन्न किया करते हैं । अब हमें चाहिए कि हनुमान जी की तरह उन बाधाओं को खत्म करके अपने लक्ष्य की तरफ कदम आगे बढ़ाएं । जीवन में आने वाले ऐसी बाधाओं से बिना घबराए उन बाधाओं…

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  • बड़प्पन से बड़े होते हैं
    कविताएँ

    बड़प्पन से बड़े होते हैं

    ByAdmin June 18, 2024June 18, 2024

    बड़प्पन से बड़े होते हैं जो बड़े कद में हो गए ऊंचे ऊंचे पद पर हो गए। अंतर्मन विकार भरा हो तो स्वार्थ में जो खो गए। दिल दरिया सा जो रखते बड़प्पन से बड़े होते हैं। औरों की मदद जो करते लाखों हाथ खड़े होते हैं। वटवृक्ष की भांति देते सबको शीतल ठंडी छांव।…

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  • महर्षि वाल्मीकि और बाल्मिकी समाज
    विवेचना

    महर्षि वाल्मीकि और बाल्मिकी समाज

    ByAdmin June 18, 2024

    आश्रम का पूरा वाल्मीकि समाज राम कथा का गायन करता था। यह समाज राम कथा गा-गाकर राममय हो गया था। दूर-दूर से श्रोतागण इस संगीत की धारा का रसास्वादन करने के लिए पहुंचते थे। एक ऐसा वाल्मीकि समाज आकार ग्रहण कर रहा था जिसमें चारों वर्णों की योग्यता समाहित थी। वाल्मीकि समाज और राम कथा…

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  • कब बरसी सवनवाँ
    कविताएँ

    कब बरसी सवनवाँ | कजरी

    ByAdmin June 18, 2024

    कब बरसी सवनवाँ टप-टप चुवेला पसीनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। लुहिया के चलले से सूखेला कजरवा, ऊपरा से नीचवाँ कब बरसी बदरवा। गरमी से आवें न पजरवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। टप-टप चुवेला पसीनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। ताल-तलइया,नदिया,पोखरी सुखैलीं, अपने बलम के हम गोनरी सुतऊलीं। चिरई जुड़ाई कब खोंतनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। टप-टप…

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  • Kavita Maayka
    कविताएँ

    मायका | Kavita Maayka

    ByAdmin June 18, 2024

    मायका ( Maayka ) मायके का तो रगँ ही अलग है हर दिन एक मेला सा लगता है रिश्ते-नाते दोस्त पडोसी हर कोई मिलने आता है पल भर मे मिट जाती है थकान सफर की जब भाभी हाथो की चाय पिलाती है दो घूट भरते ही माँ की याद दिला जाती है खिल जाते है…

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  • सत्यम शिवम् सुंदरम नाटिका (एकांकी) | Natika Satyam Shivam Sundaram
    नाटक

    सत्यम शिवम् सुंदरम नाटिका (एकांकी) | Natika Satyam Shivam Sundaram

    ByAdmin June 18, 2024September 18, 2024

    पात्र परिचय: 1) बूढी महिला उम्र 80वर्ष। 2) शिवानी उम्र 55 वर्ष। 3) सुंदरी उम्र 25 वर्ष। 4) सती उम्र 24 वर्ष। 5) भोलेनाथ उम्र 27 वर्ष। 6) कामवाली महिला उम्र 40 वर्ष। 7) काम वाली लड़की उम्र 20 वर्ष। 8) वकील उम्र 38 वर्ष। मंच व्यवस्था: एक बड़ा सा भव्य हॉल। आलीशान झूमर ऊपर…

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  • गुरुदीन वर्मा की कविताएं | Gurudeen Verma Hindi Poetry
    कविताएँ

    गुरुदीन वर्मा की कविताएं | Gurudeen Verma Hindi Poetry

    ByAdmin June 18, 2024June 24, 2024

    मुझसे नाराज कभी तू होना नहीं मुझसे नाराज, कभी तू होना नहीं। दूर मुझसे, कभी तू होना नहीं।। तू है मेरी खुशी, तू है मेरा ख्वाब। मुझसे बेवफा, कभी तू होना नहीं।। मुझसे नाराज—————-।। मेरी इस बात को, लतीफा तुम मत कहो। झूठ मुझसे कभी भी, कोई तुम मत कहो।। गर कभी तुमसे, हो जाऊँ…

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