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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ganaadhipati Gurudev Shri Tulsi
    कविताएँ

    गणाधिपति गुरुदेव श्री तुलसी के 28 वें महाप्रयाण दिवस

    ByAdmin June 18, 2024June 18, 2024

    ओम् गुरुदेवाय नमः ! आज से 27 वर्ष पूर्व तेरापंथ धर्म संघ के नवम अधिशास्ता , अणुव्रत को जन – जन तक पहुँचाने वाले आचार्य श्री तुलसी सदा – सदा के लिये इस धरा से विदा हो गये । गुरुदेव तुलसी के चरणों में मेरा भावों से शत – शत वन्दन । गुरू तुलसी का…

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  • मिच्छामी दुक्कडम | Natika Micchami Dukkadam
    नाटक

    मिच्छामी दुक्कडम | Natika Micchami Dukkadam

    ByAdmin June 16, 2024

    पात्र परिचय : 1 – नव्या एक स्कूल गर्ल। उम्र 17 वर्ष 2 – नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष 3 – झलक कॉलेज बॉय उम्र 20 वर्ष 4 – मां उम्र 50 वर्ष 5 – पिता उम्र 54 वर्ष 6 – नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75 वर्ष 7…

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  • पिता का महत्व
    कविताएँ

    पिता का महत्व | Kavita Pita ka Mahatva

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    पिता का महत्व ( Pita ka Mahatva ) माता होती है धरती सम, तो पितु होते हैं आसमान। माता देती है हमें ठौर, तो पितु करते छाया प्रदान।। अंदर ही अंदर घूंटे पर, नयनों में नीर नहीं लाते। कुछ भी तो नहीं हुआ कहकर, हैं वे नित ऐसे मुस्काते ।। एक पितु स्वयं दुख सहकर…

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  • राजेंद्र रुंगटा
    कविताएँ

    राजेंद्र रुंगटा की कविताएं | Rajendra Rungta Hindi Poetry

    ByAdmin June 16, 2024April 6, 2026

    सफल होना सजल हैं नैन मेरे प्रिय प्रतीक्षा में।सभी पढ़ कर सफल होना परीक्षा में।।कदा ना हो सफल विचलित कभी ना हो।सभी सीखो सफल होकर विजय चाहो।। लगी चोटें,नही मानी, कभी हारी।बने राही, जटिल राहें,विजय धारी।।भले संगी, मिले ताकत, सभी जाने।प्रथम तोले ,परख बोले, सभी माने।। भूमि पूजे, मिले अन धन, हमें पाला।अटल मानो, धरा…

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  • गुडियाँ तुम्हारी
    कविताएँ

    गुडियाँ तुम्हारी | पितृ दिवस पर आधारित डॉ. ऋतु शर्मा की कविता

    ByAdmin June 16, 2024

    गुडियाँ तुम्हारी बाबा मैं पली भले ही माँ की कोख में पर बढ़ी हर पल आपकी सोच में आप ही मेरा पहला प्यार आप ही मेरे पहले सुपर हीरो आपकी ही अंगुली पकड़ कर पहला कदम इस धरा पर रखा आपके ही भरोसे खुद पर भरोसा रखा थकी जो कभी चलते चलते आपने ही अपने…

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  • मैं शून्य हूँ
    कविताएँ

    मैं शून्य हूँ | Kavita Main Sunay Hoon

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    मैं शून्य हूँ ( Main Sunay Hoon ) मैं शून्य हूँ जिसे शिखर का अभिमान है आवारगी है रगों में मेरी जिसका सहारा अम्बर है मैं अस्तित्व हूँ बूंद की जिसे साहिल का गुमान है मैं शब्द हूँ जिसका ये सारा जहां है मैं तुम में हूँ जो तुम्हारा निशां है तुम पिता हो मेरे…

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  • हे मां रजनी
    कविताएँ

    हे मां रजनी

    ByAdmin June 16, 2024

    हे मां रजनी मां रजनी सा ना कोई उपकारी l पूरा भूमंडल मां तेरा आभारी l पूरा जग तेरा वंदन करता है l नमन तुझे भगवान भास्कर भी करता है l मां समय की तू बड़ी पाबंद l नित्य अपने समय पर आती है l फैला तम की चादर थके मांदे भास्कर को ले आगोश…

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  • पापा है आधार !!
    कविताएँ

    पापा है आधार !!

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    पापा है आधार !! हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार ! ठोक पीट जो डांट से, हमको दे आकार !! सिर पे ठंडी छाँव-सा, पिता नीम का पेड़ ! कड़वा लगता है मगर, है जीवन की मेड़ !! पाई-पाई जोड़ता, पिता यहाँ दिन रात ! देता हैं औलाद को, खुशियों की सौगात !!…

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  • हक़दार नहीं थे | Ghazal Haqdaar Nahi The
    ग़ज़ल

    हक़दार नहीं थे | Ghazal Haqdaar Nahi The

    ByAdmin June 16, 2024

    हक़दार नहीं थे ( Haqdaar Nahi The ) कुछ दोस्त हमारे ही वफ़ादार नहीं थे वरना तो कहीं हार के आसार नहीं थे ख़ुद अपने हक़ों के हमीं हक़दार नहीं थे हम ऐसी सियासत के तलबगार नहीं थे झुकने को किसी बात पे तैयार नहीं थे क्यों हम भी ज़माने से समझदार नहीं थे हर…

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  • सोशल मीडिया पर हरियाणवी रागनी एवं रचनाओं से समाज को संदेश देते मौजु डॉक्टर दिनोद
    साहित्यिक गतिविधि

    सोशल मीडिया पर हरियाणवी रागनी एवं रचनाओं से समाज को संदेश देते मौजु डॉक्टर दिनोद

    ByAdmin June 16, 2024June 16, 2024

    (पशु-सेवा को समर्पण के साथ-साथ माैजु डॉक्टर लेखन क्षेत्र में आगे बढ़ते गए। पिछले दो दशक से मौजु डॉक्टर अपने लिखे गीतों-कविताओं के साथ-साथ हमारे प्राचीन/वरिष्ठ लोक कवियों की रचनाओं को समाज के सामने लाकर समाज को हरियाणावी संस्कृति से जोड़ने का अतुल्य प्रयास कर रहे हैं। पेशे से पशु चिकित्सा एवं विकास सहायक मनोज़…

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