• शायर विनय सागर जायसवाल की अध्यक्षता में हुआ कवि सम्मेलन

    पत्रकारिता दिवस पर विशिष्ट बचपन पत्रिका की प्रधान संपादक राजबाला धैर्य ने एक कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन शायर विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में आज़ाद पैलेस करगैना रोड पर किया। मुख्यातिथि सुरेन्द्र अग्रवाल लाला विशिष्ट अतिथि कल्याण गोंडवी (. गोंडा ) तथा विजय तन्हा (पुवायां) रहे। कार्यक्रम का संचालन राजबाला धैर्य ने…

  • नशा | Kavita Nasha

    नशा ( Nasha ) नशा एक जलती चिता, नशे का नशा, जिस किसी को लगा, कवेलू तलक, उसके घर का बिका! नशा —— एक जलती चिता, नन्हें बच्चों का भविष्य, दांव पर लगा! घर स्वर्ग से नरक का रूप, धारण करने लगा! अन्न मिलता नहीं, तड़पते हैं बच्चे भूख से, विधवा उसकी पत्नी, लगती है…

  • बेवजह | Laghu Katha Bewajah

    हमारी परीक्षाओं का आखिरी दिन था। मुझे आज भी याद है स्कूल का वो दिन और वो बारिश का पानी जब हम सब चारों सखियाँ छाता होने के बावजूद छुट्टी होने के बाद बारिश मे खूब भीगीं थी और कपड़े सूखने के बाद ही घर गई थी क्योंकी हम सब घर से परमीशन लेकर आए…

  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस

    विश्व तंबाकू निषेध दिवस   बस एक कदम, खुशियों की ओर तंबाकू सर्वदा हानिकारक, तन मन धन हीनार्थ बिंदु । विचलित दशा दिशाएं, दूरी यथार्थ आनंद सिंधु । क्रोध वैमनस्य घृणा संग, हर पल नैराश्यता सराबोर । बस एक कदम, खुशियों की ओर ।। तंबाकू मिश्रित विविध पदार्थ, सर्वत्र सहज सुगम उपलब्ध । आरंभ शौक…

  • हे आर्य पुत्र | Kavita He Arya Putra

    हे आर्य पुत्र ( He Arya Putra ) हे आर्य पुत्र, तूफानों में दीप जला दर्श पथ कंटक बाधा , किंचित नहीं घबराना । थोड़ा चिंतन मनन कर, मूल कारण पत्ता लगाना । फिर लगा दुगुनी ताकत, दिखा मनुज जलजला । हे आर्य पुत्र, तूफानों में दीप जला ।। बुलंद हौसलों संग होती, हर मंजिल…

  • घर में राम पधारे | Kavita Ghar me Ram Padhare

    घर में राम पधारे पावन दिवस जनवरी बाईस घर में राम पधारे ! विजई हुआ ये सत्य सनातन धन-धन भाग्य हमारे !! बंदी बना दिया पटना में अवध में गोली चलवाई ! धिक्कार तुम्हें छद्मवेशियों क्या लाज तुम्भें ना आई !! लाल हुआ सरयू का पानी माँ का कोख उजाड़ दिया ! मानवता हो गई…

  • भीषण गर्मी | रोला छन्द

    भीषण गर्मी कहती है सरकार , आज है भीषण गर्मी । पर भाषण में आज , नही है कोई नर्मी ।। हो विद्यालय बंद , हुए हैं बच्चे मूर्छित । खबर यही हो फ्रंट , सभी के मन हो हर्षित ।। हम भी हैं इंसान , करें हम सब मजदूरी । लू की लगे लपेट…

  • पर्यावरण संरक्षण | विश्व पर्यावरण दिवस विशेष

    पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण संरक्षण,आज जरूरी प्रकृति,पर्यावरण सखा हमारी, छेड़-छाड़ लाएगा, विभीषिका, कोरोना काल है दृष्टांत,भयंकर।।। वन,जंगल,वृक्ष,बगीचा,हितैषी, फल-फूल,इंधन,डालपात,ऋषि संजीवनी बुटी,औषधी, भंडार, पर्यावरण से मिले,सुकून,उपहार।।। पीपल,बरगद,तुलसी,मूल्यवान, जरा,आधि,व्याधि,निजात धन वातावरण रहे ठंडा,उर्जावान, पथिक को मिले हवा,छाया,रमण।। वृक्ष सहायक लाने मानसून,राम कटाई से जलसंकट का ख़तरा, जन-जीवन के आगे चुनौती, व्यष्टि नहीं समष्टि से,निदान।।। शहरीकरण से इजाफ़ा,उद्योग, प्रदूषण बढ़ता,सांस…

  • अरुणोदय काल | Kavita Arunoday Kaal

    अरुणोदय काल ( Arunoday Kaal )   निगल रहा सूरज अंधियारी, अहा भोर कितनी प्यारी, उभरा सूर्य अक्स सरोवर, छिटक गईं किरणें पानी पर, अरुणोदय का काल सुहाए, निखरी छटा प्रकृति की भाए, खुली ऑख अंगड़ाई संग, शुरू हुई जीवन की जंग, भानू महायोग है लाया, किरणों ने सब रोग भगाया, नित प्रभात की किरणें…

  • जिक्र होता रहा सियासत का

    जिक्र होता रहा सियासत का   जिक्र होता रहा सियासत का औ दिखावा किया हिफ़ाजत का दिल मे पाले रहे सदा नफरत और बहाना किया सदाकत का जुल्म पर जुल्म की बरसात हुई ढोंग चलता रहा सलामत का पास तो बैठे थे वो पहलू में जज्बा पाले हुए अदावत का मेरे ही संग उनकी साँसे…