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TheSahitya – द साहित्य
  • शब्दाक्षर राजस्थान प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड की कार्यकारिणी का गठन
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर राजस्थान प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड की कार्यकारिणी का गठन

    ByAdmin May 19, 2024May 20, 2024

    शेखावाटी के प्रसिद्ध सेवा के लिए समर्पित वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ दयाशंकर जांगिड को ‘‘शब्दाक्षर’’ राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने राजस्थान प्रदेश के लिए गत माह प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है। विगत सायं जांगिड अस्पताल परिसर में कार्यकारिणी का विस्तार किया गया जिसमें संरक्षक वरिष्ठ चिकित्सक व कवि डाॅ लक्ष्मीकांत शर्मा…

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  • काव्य से बुद्धत्व की ओर :  साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश पाठमंच का साहित्यिक आयोजन
    साहित्यिक गतिविधि

    काव्य से बुद्धत्व की ओर : साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश पाठमंच का साहित्यिक आयोजन

    ByAdmin May 19, 2024

    “बुद्ध मानव की सर्वोत्कृष्ट विशुद्ध अवस्था का सुंदर चित्रण “… डॉ. कौशल किशोर “काव्य से बुद्ध की ओर” पहुंचा समाज का प्रबुद्धपाठमंच का साहित्यिक आयोजन छिंदवाड़ा :- साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, की इकाई पाठक मंच (बुक क्लब) छिंदवाड़ा के साहित्यिक आयोजन में बुद्ध पूर्णिमा के पूर्वावसर पर “काव्य से बुद्धत्व…

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  • Kavita Jeena Marna
    कविताएँ

    जीना मरना | Kavita Jeena Marna

    ByAdmin May 19, 2024

    जीना मरना ( Jeena Marna )   घुट घुट कर जीने से मरना बेहत्तर घुटने टेक कर जीने से मरना बेहत्तर अकेले आये हो आज़ाद बन कर जीना ग़ुलाम बन कर जीने से मरना बेहत्तर सिर ऊंचा कर जीओ अदब एह़तराम से बेज़मीर बन कर जीने से मरना बेहत्तर पराये मह़ल से अपनी झुग्गी झौंपड़ी…

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  • Ghazal Ban Jaaiye
    ग़ज़ल

    सदी बन जाइए | Ghazal Sadi Ban Jaaiye

    ByAdmin May 19, 2024May 19, 2024

    सदी बन जाइए ( Sadi Ban Jaaiye )   आप इक इतिहास इक युग इक सदी बन जाइए बात यह सबसे बड़ी है आदमी बन जाइए बह रहे जो आँख से उन आंसुओं को पोछ कर बा- ख़ुशी दे दूसरों की जिंदगी बन जाइए सोचिए मत आप कुछ ज्यादा यहाँ पर कौन क्या आ किसी…

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  • Ram Hey Ram
    कविताएँ

    हे राम तुम्हारे भारत में

    ByAdmin May 19, 2024

    हे राम तुम्हारे भारत में मर्यादा का अंत हो रहा कैसा ये षड्यंत्र हो रहा ! जाति-धर्म मजहब में बंटकर मानवता का अंत हो रहा!! दुर्जन का उत्थान हों रहा सज्जन अब निष्प्राण हो रहा! अबला संग दुष्कृत्य हो रहा ऐसा क्यों कुकृत्य हो रहा!! हे राम तुम्हारे भारत में दानव क्यों उन्मत्त हो रहा…

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  • Kavita Man
    कविताएँ

    मन | Kavita Man

    ByAdmin May 18, 2024

    मन ( Man )   मत पूछो ये चंचल मन , भला कहां कहां तक जाएं कभी पुरानी यादों में झांके, कभी कही यूहीं खो जाएं ।। कभी अकेला ही मस्त रहें, कभी ये तन्हां महसूस करें कभी ढूंढे किसी का साथ कभी अलग थलग हो जाएं।। मत पूछो इस मन की तुम ये क्या…

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  • जानते हैं | Ghazal Jante Hain
    ग़ज़ल

    जानते हैं | Ghazal Jante Hain

    ByAdmin May 18, 2024May 18, 2024

    जानते हैं ( Jante Hain ) वो रहते कहाँ हैं पता जानते हैं । कि उनकी सभी हम अदा जानते हैं ।।१ लगा जो अभी रोग दिल को हमारे ।। न मिलती है इसकी दवा जानते हैं ।।२ मनाएं उन्हें हम भला आज कैसे । जिन्हें आज अपना खुदा जानते हैं ।।३ मिटेगा नहीं ये…

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  • है इबादत मुहब्बत
    ग़ज़ल

    है इबादत मुहब्बत | Hai Ibadat Muhabbat

    ByAdmin May 18, 2024May 20, 2024

    है इबादत मुहब्बत ( Hai Ibadat Muhabbat ) है इबादत मुहब्बत, मुहब्बत करें शहर में क्यों किसी से अदावत करें मुल्क पर राज करना अलग बात है हो सके तो दिलों पर हुकूमत करें आँच आने न देंगें वतन पर कभी मिल के हम नेकियों की हिदायत करें दोस्तों से कहो आज फिर मुल्क के…

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  • जय तुलसी मैय्या
    कविताएँ

    जय तुलसी मैय्या | Kavita Tulsi Maiya

    ByAdmin May 18, 2024

    जय तुलसी मैय्या ( Jay Tulsi Maiya )   बड़ा ही सुन्दर बड़ा ही पावन है यह त्योंहार, माॅं लक्ष्मी धरा पधारी लेकर तुलसी अवतार। कार्तिक शुक्ल‌-पक्ष एकादशी दिन शानदार, आशीष भक्तों पर बरसता इसरोज भरमार।। मंगल कार्यों का इस-रोज से होता शुरुआत, तुलसी-द्वार सालिगराम पधारे लेकर बारात। भक्ति की पावन प्रथा नाचते गाते सारी…

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  • धेनु की करुण पुकार
    कविताएँ

    धेनु की करुण पुकार

    ByAdmin May 18, 2024May 18, 2024

    धेनु की करुण पुकार मैं धेनु अभागन तड़प रही कोई तो मेरी रक्षा कर मैं घूम रही मारे-मारे अब तो अनुग्रह की वर्षा कर मुझे पेट की कोई पड़ी नहीं बस प्राण हमारा तुम बख्शो मेरी मजबूरी को जान स्वयं मानव मेरी तुम लाज रखो मुझे त्रेता द्वापर में पूजा माँ की गरिमा पाई थी…

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