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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Karwa Chauth Vrat
    कविताएँ

    करवा चौथ व्रत | Karwa Chauth Vrat

    ByAdmin October 31, 2023November 1, 2023

    करवा चौथ व्रत ( Karwa Chauth Vrat )   कार्तिक मास की चतुर्थी का दिन है शुभ आया, सब सुहागिनों देखे इस दिन चांद में पति की छाया। करवाचौथ के व्रत में जो भी करवा मां का पूजन करे, अमर सुहाग रहे उसका पति नित नव उन्नति करे। करक चतुर्थी का यह दिन कहलाता है…

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  • Zindagi ki Bewafai
    ग़ज़ल

    ज़िन्दगी की बेवफाई | Zindagi ki Bewafai

    ByAdmin October 31, 2023

    ज़िन्दगी की बेवफाई ( Zindagi ki Bewafai )    कहां हर वक्त काबू में यहां हालात होते हैं बड़ी मुश्किल में यारों बारहा दिन रात होते हैं। कभी जो पास थे दिल के वो लगते अजनबी से हैं वही रिश्ते मगर क्यों मुख़्तलिफ़ जज़्बात होते हैं। भुला देता है दिल रंगीनियां रोटी की उलझन में…

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  • Poem On Sardar Vallabh Bhai Patel
    कविताएँ

    सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर विशेष

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    सरदार वल्लभ पटेल जयंती और इंदिरा गांधी पुण्य तिथि पर कुछ पंक्तियां   द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद धरा अति आह्लाद सरदार पटेल इंदिरा जीवन, अद्भुत अनुपम व विशेष । राष्ट्र निर्माण एकता अभिवंदन, रमा रज रज खुशियां अधिशेष । इक्कतीस अक्टूबर अनूप दिवस, एक्य जयंती द्विज पुण्यता याद । द्वि विभूति लौह उपमा, हिंद…

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  • Dheere Dheere
    कविताएँ

    धीरे धीरे | Dheere Dheere

    ByAdmin October 31, 2023

    धीरे धीरे ( Dheere dheere )    होता है प्यार ,मगर धीरे धीरे उठती है नजर,मगर धीरे धीरे चढ़ता है खुमार,मगर धीरे धीरे होता है इजहार,मगर धीरे धीरे…. खिलती है कली,मगर धीरे धीरे आते हैं भंवरे ,मगर धीरे धीरे होती है बेकरारी ,मगर धीरे धीरे बढ़ता है इंतजार ,मगर धीरे धीरे…. लरजते हैं होठ,मगर धीरे…

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  • Sada Tript
    कविताएँ

    उर तृषा सदा तृप्त | Sada Tript

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    उर तृषा सदा तृप्त ( Ur trisha sada tript )    उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर पगडंडियां व्याकुल दिग्भ्रमित, उच्चवाचन मरीचि प्रभाव । सुख समृद्धि मंगलता दूर, निर्णयन क्षमता अभाव । अथक श्रम सफलता चाहना, विराम पल उत्सर्ग कर । उर तृषा सदा तृप्त, नेह से संसर्ग कर ।। नैतिक आचार विचार,…

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  • Cycle ki Sawari
    कविताएँ

    साइकिल की सवारी | Cycle ki Sawari

    ByAdmin October 31, 2023October 31, 2023

    साइकिल की सवारी ( Cycle ki sawari )    स्वस्थ रहना है तो प्यारे लो साइकिल चलाओ। तंदुरुस्ती का राज अनोखा जीवन में अपनाओ। साइकिल की करें सवारी प्रदूषण ना हो भारी। हाथ पांव में जान हो सब सांसे बुलंद हो हमारी। तन हो चंगा मन पावन हो चुस्ती फुर्ती का है राज। सुबह-सुबह साइकिल…

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  • Agni Pariksha
    कविताएँ

    अग्नि परीक्षा | Agni Pariksha

    ByAdmin October 31, 2023

    अग्नि परीक्षा ( Agni pariksha )    सीता आज भी पूछ रही है, हे नाथ, आप तो अवतरित हुए थे, जगत के कल्याण हेतु, जगत पिता है आप, नारायण के अवतार हैं, फिर भी आपको नहीं विश्वास है, हमारी पवित्रता पर, फिर कैसे कहूं कि, आप भगवान है। आखिर क्यों, युगों युगों से, स्त्री को…

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  • Poem in Hindi on Indira Gandhi
    कविताएँ

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira Gandhi

    ByAdmin October 31, 2023

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री ( Pratham mahila pradhanmantri )    बचपन में पुकारते इन्दु प्रियादर्शिनी के नाम, श्री मती कमला नेहरू इनकी माता का नाम। श्री जवाहरलाल नेहरू की एक मात्र सन्तान, अनेंक उपलब्धियाॅं आपने की है अपने नाम।। आज भी मुॅंह बोलते आपके किये हुऍं काम, प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाॅंधी महान। असहयोग आन्दोलन में…

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  • पीढ़ी का भविष्य
    कविताएँ

    पीढ़ी का भविष्य | Pidhi ka Bhavishya

    ByAdmin October 30, 2023

    पीढ़ी का भविष्य ( Pidhi ka bhavishya )   चाहते हो यदि रखना सुरक्षित कल के भविष्य को तुम अपने तब खोलिए तुम अब आंख अपनी बदलते दृश्य को भी जरा समझिए… पूर्वानुमान ही रचता है भविष्य वर्तमान तो केवल बचाता है भविष्य हाथों तुम्हारे ही होगा निर्भर भविष्य अतीत भी तुम्हे दिखलाता भविष्य….. कलम…

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  • अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut hai
    ग़ज़ल

    अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut hai

    ByAdmin October 30, 2023

    अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है ( Apno ne mujhko rulaya bahut hai )   वफ़ा से ही रिश्ता निभाया बहुत है किसी को यूं अपना बनाया बहुत है जो तकलीफ दिल को बहुत हो रही अब किसी से यहाँ दिल लगाया बहुत है वही मेरे ऊपर हंसा है यहाँ तो जिसे हाल दिल का…

    Read More अपनों ने मुझको रुलाया बहुत है | Rulaya Bahut haiContinue

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