Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • तुम बिन अधूरे हैं हम
    कविताएँ

    तुम बिन अधूरे हैं हम

    ByAdmin March 3, 2025March 3, 2025

    तुम बिन अधूरे हैं हम तेरी यादों में हर रोज़ जलते रहे,तेरी राहों में उम्मीदें पलते रहे।दिल में बस एक ही है ग़म,दिकु, तुम बिन अधूरे हैं हम। चाँद भी खोया है, रातें भी है सूनी,बिखरी हुई साँसों में ख्वाहिशें मैंने है बुनी।हर धड़कन लगती है जैसे भरम,दिकु, तुम बिन अधूरे हैं हम। सावन की…

    Read More तुम बिन अधूरे हैं हमContinue

  • नारी शक्ति
    आलेख

    नारी शक्ति: संस्कारों की जननी, समाज की रीढ़

    ByAdmin March 2, 2025March 2, 2025

    सम्माननिया नारी शक्ति जीवन मे अनेक अहम भूमिकाओं का निर्वहन करती है । आज की महिला शक्ति एक बेटी, एक बहिन, एक माँ, एक पत्नी , एक कार्यकर्ता आदि जैसे अहम दायित्वों को समन्वय के साथ सफलता पूर्वक निभाती है । वे घर, परिवार, समाज एवं अपने दोस्ती का एक साथ कुशल निर्वहन कर सकने…

    Read More नारी शक्ति: संस्कारों की जननी, समाज की रीढ़Continue

  • कवि और शिक्षक मुकेश कुमार बिस्सा “वंदेमातरम् अवार्ड २०२५ “से सम्मानित
    साहित्यिक गतिविधि

    कवि और शिक्षक मुकेश कुमार बिस्सा “वंदेमातरम् अवार्ड २०२५ “से सम्मानित

    ByAdmin March 2, 2025March 2, 2025

    नई दिल्ली स्थित अनुराग्यम् द्वारा “वंदे मातरम् अवॉर्ड 2025’ के माध्यम से 60 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों ने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है और अपने समर्पण, उत्कृष्ट सेवा एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों से राष्ट्र की भावना को सशक्त किया है। भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर…

    Read More कवि और शिक्षक मुकेश कुमार बिस्सा “वंदेमातरम् अवार्ड २०२५ “से सम्मानितContinue

  • बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura Poetry
    कविताएँ

    बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura Poetry

    ByAdmin March 2, 2025June 14, 2025

    युवा पीढ़ी आज का भविष्य है उनके कंधों पर समाज की उम्मीदें हैं।उनके सपनों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है। युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार है,वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।उनके पास समाज की समस्याओं का समाधान है। युवा पीढ़ी आज की सबसे बड़ी ताकत है,वे समाज को आगे…

    Read More बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura PoetryContinue

  • सुमन सिंह याशी की ग़ज़लें | Suman Singh Yashi Poetry
    ग़ज़ल

    सुमन सिंह याशी की ग़ज़लें | Suman Singh Yashi Poetry

    ByAdmin March 2, 2025July 10, 2025

    असर आज भी है अगरचे तूफ़ानात घर आज भी हैदुआओं में उसके असर आज भी है II शब-ए-चाँदनी ग़ैर हाज़िर तो क्या ग़म Iसितारों से जगमग सहर आज भी है II गजब की कशिश है कि बिन गुफ़्तगू भी Iदिलों की समझ किस कदर आज भी है II समझते समझते समझ आ गया है Iसमझना…

    Read More सुमन सिंह याशी की ग़ज़लें | Suman Singh Yashi PoetryContinue

  • आज का रंग- गाइड के संग
    आलेख

    आज का रंग- गाइड के संग

    ByAdmin March 2, 2025March 2, 2025

    जो खुद के लिये जीता उसका एक दिन मरण पर जो…दूसरों के लिये जीता हमेशा उसका स्मरण…!!!मिडिल क्लास होने का फायदा-चाहे BMW का भाव बढ़े या AUDI का या फिर नये वर्जन का I PHONE लॉन्च हो जाये,कोई फर्क नहीं पड़ता…!!दर्जी शायर भी था- नाप लेते बोला-अपने ज्यादा हों तो आस्तीन में गुंजाइश रख दूँ…!!!जरूरी…

    Read More आज का रंग- गाइड के संगContinue

  • अब चली आओ
    कविताएँ

    अब चली आओ

    ByAdmin March 2, 2025March 2, 2025

    अब चली आओ तेरी राहों में हर दिन गुजरता है,तेरी यादों में हर पल सिसकता है,दिल को समझाऊँ कैसे,अब तुम ही बताओ,अब नहीं सहा जाता, बस जल्दी से चली आओ। सपनों में आकर फिर दूर चली जाती हो,दिल की पुकार को अनसुना कर जाती हो,बेकरार दिल को अब और ना तड़पाओ,अब नहीं सहा जाता, बस…

    Read More अब चली आओContinue

  • सीमा पाण्डेय ‘नयन’ की ग़ज़लें
    ग़ज़ल

    सीमा पाण्डेय ‘नयन’ की ग़ज़लें | Seema Pandey Nayan Poetry

    ByAdmin March 1, 2025July 6, 2025

    नई आदत लगा ली है वहम की आजकल उसने नई आदत लगा ली है,कोई हो वाकया शक की नज़र मुझ पर ही डाली है। यहां सौ सौ बखेड़े जान को मसरूफ़ियत इतनीनहीं फुरसत तुम्हें तो ये बताओ कौन खाली है। बढ़ी है बात तो कुछ तो तुम्हारी भी ख़ता होगी,कभी बजती नहीं इक हाथ से…

    Read More सीमा पाण्डेय ‘नयन’ की ग़ज़लें | Seema Pandey Nayan PoetryContinue

  • टूटते हुए परिवार
    कविताएँ

    टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियां

    ByAdmin March 1, 2025March 1, 2025

    टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियां टूटते हुए परिवार की कहानी बहुत दर्दनाक है,बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत मुश्किल है।वह अपने परिवार से दूर हो जाती है,और अपने बच्चों को अकेला छोड़ जाती है।उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है। बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत संघर्षपूर्ण है,वह अपने परिवार के लिए संघर्ष करती है।लेकिन उसके संघर्ष…

    Read More टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियांContinue

  • सशक्त मैं समय हूँ
    कविताएँ

    सशक्त मैं समय हूँ

    ByAdmin March 1, 2025March 1, 2025

    सशक्त मैं समय हूँ वस्त्र मैं हूँ – अस्त्र मैं हूँ,शस्त्रों में शशक्त मैं हूं। धड़ कटे प्रलय मचे जो मैं रुकूं ना हो सके ये,समय मैं, समर्थ मैं जो रुकूं मैं ना हो सके ये। हो जाए संभव अगर यह बोलूं ना समय मैं खुदको,खंजरों-कटारों से जो सर्व शक्तिमानों से। बेड़ियों से जकड़ लो,तुम…

    Read More सशक्त मैं समय हूँContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 34 35 36 37 38 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search