• ये मछलियां

    ये मछलियां ! मछलियां अक्सर ज़िन्दा रह जाती हैंअपने गिल्स फड़फड़ाते,छिपा जाती है लिंब। स्त्री भी ज़िंदा रह जाती हैपलकें फड़फड़ाती अपने श्वसन तंत्र में।धरती को ही तो देख पाती है,अपने ही किसी चाँद में तैरते हुएऔरछिपा लेती है अपना स्त्री लिंग। अपने माथे की बिंदी को मानती है,मछलियों का चूमना।ये भी एक शगुन हैक्योंकि…

  • नारी शक्ति

    नारी शक्ति (अबला नहीं) नारी हूं मैं नारायणी,शक्ति का अवतार।।अबला नहीं समझो मुझको,नहीं समझो लाचार।। सबला हूॅ॑ लक्ष्मीबाई सी,सती सीता कहलाऊं।।प्रेम सरिता राधारानी,ज्योति स्वरुपा बन जाऊं।। मुझसे ही है सृष्टि सारी,जगति का आधार।।मुझसे से ही चले गृहस्थी,फूले-फले घर-द्वार।। नारी रूप है नारायणी का,इसके रूप हैं हजार।।माॅ॑ बेटी बहन पत्नी रूप में,इसी से चलता ये संसार।।…

  • पल दो पल का शायर

    पल दो पल का शायर साहिर;वह लफ़्ज़ों का जादूगरपल दो पल का शायरउसने सहेवक़्त के सितमयहीं से बन गया उसका विद्रोही क़लम कौन भूल सकता हैउसकी ज़िन्दगी की “तल्ख़ियाँ”कौन भूल सकता हैउसके तसव्वर से उभरती “परछाइयाँ” हालांकि;लुधियाना शहर नेउसे कुछ न दियारुसवाई और बेरुख़ी के सिवाफिर भी;उसने लगा रखा अपने सीने सेइस दयार का नाम……

  • होली का त्यौहार

    होली का त्यौहार होली पर्व पर हमारा बस एक ध्यान हों ।हर पल हमारे प्रभुवर का नाम हों ।जब तक इस तन में प्राण हैं तब तक नाम हों ।हम मूर्च्छा को तोड़े प्रभुवर का नाम हों ।खाते – पीते सोते जागते प्रभुवर का नाम हों ।जग की माया से पग – पग पर हमने…

  • शबरी से द्रौपदी मुर्मू तक का सफर : महिला दिवस विशेष

    अपनी मंज़िल के लिए अपनी राहें चुनती महिलाएँ।(महिलाएँ सिर्फ़ घर की रोशनी ही नहीं हैं, बल्कि उस रोशनी को जलाने वाली लौ भी हैं।) आज, लड़कियाँ उच्च शिक्षा और कौशल विकास में लड़कों के बराबर शैक्षिक उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं, 50% से अधिक युवतियाँ कक्षा 12 तक की पढ़ाई पूरी कर रही हैं और…

  • महिला दिवस – दिकु का सम्मान

    महिला दिवस – दिकु का सम्मान दिकु, तुम केवल नाम नहीं, एक पहचान हो,संघर्ष की राहों में जलती हुई एक मशाल हो।हर कठिनाई को हँसकर अपनाने वाली,त्याग और तप की सजीव मिसाल हो। हर दर्द सहकर भी मुस्कुराने वाली,सपनों को हकीकत में सजाने वाली।अपनी मेहनत से जो लिखे नई कहानी,नारीत्व की सच्ची और सुंदर निशानी।…

  • राह तेरी ओर

    राह तेरी ओर ढूंढ रहा हूँ अब भी वो रास्ता,जिससे तुम तक अपने शब्द पहुँचा सकूं।दिल में जो दर्द दबा रखा है,वो तुम्हारे सामने बता सकूं। कोई एक आशा की किरण मिल जाए,जिससे अपनी मोहब्बत तुम्हें जता सकूं।तेरी यादों के अंधेरे में जो खो गया हूँ,वहां से उजाले में फिर लौट आ सकूं। लौट आओ…

  • दादी की जादुई सीख

    दादी की जादुई सीख दादी ने पोती को गोद में बिठाया,चश्मे से झांककर प्यार से मुस्कुराया“सुनो बिटिया, तीन मंत्र मेरे,जीवन को बनाएंगे रंग-बिरंगे तेरे!”ज़िंदगी में तीन चीज़ें न छोड़ना,हर पल को सुंदरता से जोड़ना। पहला, पहनना सबसे सुंदर वस्त्र,हर दिन लगे जैसे कोई उत्सव मस्त।”चुनरी में तेरी चमकते सितारे हो बुनें,जूतों में बजें जिंगल-जंगल के…

  • होरी गीत (समूह गीत) विभिन्न छंदो में

    (प्रिल्युड)(पुरुष) गोरी तू चटक मटक, लटक मटक, चटक मटक, करती क्युं री? ओये होये क्युं री?(स्त्री) पीया तू समझ सनम, चटक मटक, लटक मटक, करती क्युं मैं? ओये होये क्युं मैं?(पुरुष) तेरा ये बदन अगन, जलन दहन, नयन अगन, लगते क्युं है? ओये होये क्युं है?(स्त्री) मेरे ये नयन बदन, सनम अगन, जलन दहन, जलती…

  • वैवाहिक वर्षगाँठ

    26वीं वैवाहिक वर्षगाँठ राजेन्द्र और स्वाति भाभीजीको खूब- खूब “प्रदीप”की बधाई ।पति पत्नी का बंधन प्रेम की फुलवारी है ।राजेन्द्र और स्वाति भाभीजी का रिश्ता अटूट है ।बारिश की कुछ बूँदें- बूंदे आसमान से उतर,आती हैं जब धरती पर, बारिश की कुछ बूंदे,एक आहट सी होने लगती हैं,इंतजार में खड़ा हो जैसे कोई,प्यार की लगती…