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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Shiddat
    कविताएँ

    शिद्दत | Shiddat

    ByAdmin October 5, 2023

    शिद्दत ( Shiddat )    मजबूरी में दिलों को श्मशान होते देखा है, शिद्दत की चाहतों को गुमनाम होते देखा है, देखा है बड़े गौर से तड़पती हुई निगाहों को, प्रेम में वफा को भी बदनाम होते देखा है। लगे प्रीत जिन नैनों से उन्हें भुलाया नहीं जाता, जिस दिल को हो इश्क उसे समझाया…

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  • Safedi ka Dard
    कविताएँ

    सफेदी का दर्द | Safedi ka Dard

    ByAdmin October 5, 2023

    सफेदी का दर्द ( Safedi ka dard )    मैंने तो मांगी थी खुशियां मुफ्त की वह भी तेरी दौलत के तले दब गई दौड़ तो सकती थी जिंदगी अपनी भी पर, वह भी अपनों के बीच ही उलझ गई. लगाए थे फूल, सींचे थे बड़े चाव से खिलकर भी महके पर बिक गए भाव…

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  • अगर इज़ाज़त हो | Agar Ijazat Ho
    ग़ज़ल

    अगर इज़ाज़त हो | Agar Ijazat Ho

    ByAdmin October 5, 2023

    अगर इज़ाज़त हो ( Agar ijazat ho )  जुबाँ को नज़्म बना लूँ अगर इज़ाज़त हो ठहर मैं होश आ लूँ अगर इज़ाज़त हो ॥ चमन ग़लीज़ बड़ा आँधियों ने कर डाला इसे मैं पाक़ बना लूँ अगर इज़ाज़त हो ॥ हमें मिले न अगर मुश्किलें डगर क्या वो? हवा से हाँथ मिला लूँ अगर…

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  • Shri Lal Bahadur Shastri
    कविताएँ

    श्री लाल बहादुर शास्त्री | Shri Lal Bahadur Shastri

    ByAdmin October 5, 2023

    श्री लाल बहादुर शास्त्री ( Shri Lal Bahadur Shastri )    न भूतो न भविष्यति जिनके लिये कहा जाता । वही जमीन से जुड़ा नेता लाल बहादुर शास्त्री कहलाता । छोटी उम्र में जो किया कोई न कर पाता । वही जमीन से जुड़ा नेता लाल बहादुर शास्त्री कहलाता । पढ़ाई पूरी करने पर मिली…

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  • स्वच्छता पखवाड़ा | Swachhta Pakhwada
    कविताएँ

    स्वच्छता पखवाड़ा | Swachhta Pakhwada

    ByAdmin October 5, 2023

    स्वच्छता पखवाड़ा ( Swachhta pakhwada )   दरिद्रता मिलकर दूर भगाये चलो हम वतन को स्वच्छ बनायें कोई भी बीमारी घर न करेगी धन वैभव से लक्ष्मी घर को भरेगी घर घर सफाई हम सब करायें चलो हम वतन को स्वच्छ बनायें खुद को बड़ा न दूजे कह पायें हमारे वतन के सभी गुण गायें…

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  • मन का महफ़िल | Man ka Mehfil
    कविताएँ

    मन का महफ़िल | Man ka Mehfil

    ByAdmin October 4, 2023

    मन का महफ़िल  ( Man ka mehfil )    महफिल के वे शब्द “तुम मेरे हो” आज भी याद आते हैं , गीतों के सरगम मन को छू जाते हैं रह-रह कर सताते हैं दिल की धड़कन बढ़ बढ़ जाते हैं वही सजावट बनावट नैनों में छपा चेहरा जिसके लिए मैं देता था पहरा बसती…

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  • Akhand Bharat
    कविताएँ

    अखंड भारत | Akhand Bharat

    ByAdmin October 4, 2023October 4, 2023

    अखंड भारत  ( Akhand Bharat )   अखंड भारत , अद्भुत अनुपम नजारा अनूप वंदन सनातन धर्म, कर्म धर्म मोहक पावन । मानवता सदा श्री वंदित, सर्वत्र समृद्धि बिछावन । स्नेह प्रेम अपनत्व अथाह, सदाचारित परिवेश सारा । अखंड भारत,अद्भुत अनुपम नजारा ।। नदी पर्वत मैदान पुनीत, समरसता मृदुल स्वर । सत्य नित्य मनुज संगी,…

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  • महफिल | Mehfil
    कविताएँ

    महफिल | Mehfil

    ByAdmin October 4, 2023

    महफिल ( Mehfil )   महफिले आम न कर चाहत मे अपनी लुटेरों की बस्ती मे न बसा घर अपना बच के रह जरा ,बेरुखी जहां की नजर से इस महफिल का उजाला भी शराबी है घरौंदे से महल के ख्वाब ,ठीक नही होते दीए का उजाला भी ,भोर से कम नहीं होता ये महफिल…

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  • मातृत्व की साक्षात मूर्ति : कस्तूरबा गांधी
    विवेचना

    मातृत्व की साक्षात मूर्ति : कस्तूरबा गांधी

    ByAdmin October 4, 2023

    दुनिया में जो इतने दुख बढ़ गए हैं उसे मां के मातृत्व भरे आंचल में ही शांति प्राप्त हो सकती है । कोई भी व्यक्ति कितना भी महान क्यों ना हो वह मां के उपकारों का बदला नहीं चुका सकता। महात्मा गांधी की महानता के पीछे मां पुतलीबाई का जितना बड़ा योगदान है उससे कम…

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  • प्रयाग के गौरव : पंडित रमादत्त शुक्ल
    विवेचना

    प्रयाग के गौरव : पंडित रमादत्त शुक्ल

    ByAdmin October 4, 2023

    प्रयाग की धरती बड़ी पुण्य शीला है। यहां अनेको ऐसी महान विभूतियां हुए हैं जिनका जन्म यहां तो नहीं हुआ परंतु जब वह प्रयागराज की भूमि पर आए तो यही के होकर रह गए। महाप्राण निराला एवं पंडित रमादत्त शुक्ल ऐसी ही दिव्य महापुरुष है । जिससे प्रयागराज के गौरव की ही वृद्धि होती है…

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