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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पालक | Paalak
    कविताएँ

    पालक | Paalak

    ByAdmin October 4, 2023October 4, 2023

    पालक ( Paalak )   जीवित रहना तो उम्र गुजारना है आपके जीवन का निष्कर्ष तो कर्म और व्यवहार से ही प्रतिपादित होता है….. ऊंचा आसन या प्रतिष्ठित कुल मे बनाम लेना आपके प्रारब्ध का फल है हो रहा क्षीण जो पल प्रति पल भविष्य निर्णय तो वर्तमान की नींव पर ही होता है…. किसी…

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  • शक | Shak
    कहानियां

    शक | Shak

    ByAdmin October 4, 2023

    और दिनों से थोड़ा अलग आज कृति काॅलेज से आती हुई थोड़ा ज़्यादा की ख़ुश नज़र आ रही थी । घर आकर उसने अपना बैग रखा ही था कि तभी उसकी माँ अमिता की नज़र उसके मुस्कुराते हुए चेहरे और कलाई पर बंधी घड़ी पर पड़ी । अमिता ने अचानक से उसका हाथ पकड़ लिया…

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  • दिनकर समर्पित अंतरराष्ट्रीय काव्यांजलि
    साहित्यिक गतिविधि

    दिनकर समर्पित अंतरराष्ट्रीय काव्यांजलि

    ByAdmin October 4, 2023October 4, 2023

    ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रांति के उद्गायक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह “दिनकर” के सम्मान में “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में श्रद्धांजलि स्वरूप गूगल मीट के…

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  • कहां हो मेरे पुरखों | Kahan ho Mere Purakhon
    कविताएँ

    कहां हो मेरे पुरखों | Kahan ho Mere Purakhon

    ByAdmin October 3, 2023

    कहां हो मेरे पुरखों ( Kahan ho mere purakhon )    मैं आऊंगा नहीं कभी भी लौटकर यह ध्यान रखना, चला गया हूं ध्यान रखना सदा के लिए तुम्हें छोड़कर। याद आ रही है आपकी हर वक्त हर पल, भूले से भी नहीं भूल पा रहे साथ रहकर। याद आ रहा है हमेशा परछाईं की…

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  • Dost ya Dushman
    ग़ज़ल

    दोस्त या दुश्मन | Dost ya Dushman

    ByAdmin October 3, 2023October 5, 2023

    दोस्त या दुश्मन ( Dost ya dushman )    लबों पे है तबस्सुम , दिल में नफ़रत बीज बोते है अदब ऐसा अग़र, ना वो कभी भी दोस्त होते हैं ॥ मिलाते हाथ यूँ ,लगती तबीयत जोशजन उनकी घुमाते पीठ पीछे साजिशे – मोती पिरोते  हैं ॥ फ़रेबी रग में इनके इस क़दर ख़ाता हिलोरे…

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  • घर का पूत कुंवारा डौलै | मारवाड़ी रचना
    कविताएँ

    घर का पूत कुंवारा डौलै | मारवाड़ी रचना

    ByAdmin October 3, 2023

    घर का पूत कुंवारा डौलै   घर का पूत कुंवारा डौलै, करै पाड़ोस्यां क फैरा। नैणं मूंद अर आंधा होग्या, घर का बड़ा बडेरा। फिरै कुंवारों च्यारूं चौखटां, टाबर हुयो जवान। कठै बिंदणी कद मिल ज्यासी, लागै कोई तान। बण ठण निकलै बीच बजारां, फैशन नित लगाकै। घणों पसीनो खून बहावै, छोरो ल्यावै घणों कमाकै।…

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  • आपकी सोच ही | Aapki Soch
    कविताएँ

    आपकी सोच ही | Aapki Soch

    ByAdmin October 3, 2023

    आपकी सोच ही ( Aapki soch hi )    धाराओं मे बंटते रह जाने से नाम मे कमी हो या न हो महत्व घटे या न घटे,किंतु प्रवाह के वेग मे कमी आ ही जाती है… अटल सत्य को काट नही सकते थोथे चने मे आवाज घनी हो भले किंतु,सामूहिक और व्यक्तिगत दोनो मे समानता…

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  • महात्मा , बापू, राष्ट्रपिता या फिर : महात्मा गांधी
    विवेचना

    महात्मा , बापू, राष्ट्रपिता या फिर : महात्मा गांधी

    ByAdmin October 2, 2023

    कहते हैं महान लोगों से भी कभी कभी गलतियां भी महान हीं हुआ करती हैं। ऐसे ही महान गलतियों का दंस देश आज भी भुगत रहा है। ऐसे ही महान गलतियों के पर्याय थे -राष्ट्रपिता महात्मा गांधी। महात्मा गांधी जी के योगदान को कभी यह देश भुला नहीं सकता परंतु उन्होंने कुछ ऐसी राष्ट्रीय निर्णय…

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  • गांधी जयंती | शास्त्री जयंती
    कविताएँ

    गांधी जयंती | शास्त्री जयंती

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    गांधी जयंती/शास्त्री जयंती ( Gandhi Jayanti | Shastri Jayanti )   द्वि विभूति एक्य जयंती, हिंद धरा अति आह्लाद दो अक्टूबर अद्भुत अनुपम, द्वि महापुरुष अवतरण दिवस । प्रथम अहिंसा परम पुजारी, द्वितीय सादगी उपमा पियस । कोटि कोटि अनंत नमन , आत्मसात दोऊ उपदेश प्रसाद । द्वि विभूति एक्य जयंती, हिंद धरा अति आह्लाद…

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  • पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga
    कविताएँ

    पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    पथ पर आगे बढ़ना होगा ( Path par aage badhna hoga )    चलें  आंधियां  चाहे जितना   धुसित  कर  दे सभी दिशाएं      पिघल  चले अंगारे पथ  पर         उठे  ज्वालाएं  धू-धू नभ  में             फिर भी हमको चलना होगा,               पथ  पर  आगे  बढ़ना होगा।   हंस हंस कर भी रोकर भी…

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