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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga
    कविताएँ

    पथ पर आगे बढ़ना होगा | Path par Aage Badhna Hoga

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    पथ पर आगे बढ़ना होगा ( Path par aage badhna hoga )    चलें  आंधियां  चाहे जितना   धुसित  कर  दे सभी दिशाएं      पिघल  चले अंगारे पथ  पर         उठे  ज्वालाएं  धू-धू नभ  में             फिर भी हमको चलना होगा,               पथ  पर  आगे  बढ़ना होगा।   हंस हंस कर भी रोकर भी…

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  • पहचान | Pehchan
    कविताएँ

    पहचान | Pehchan

    ByAdmin October 2, 2023

    पहचान ( Pehchan )  भीड़ मे शामिल जरूर हों वह कार्य विशेष की एकता का प्रतीक है किंतु ,आप भीड़ का नही अपने उद्देश्य का हिस्सा बनें… ऊंचाई पताका उठाने से नही मिलती पताका योग्य होना ही आपको आत्मविश्वासी बनाता है और ,आज नही तो कल यही आज की भीड़ कल आपके हिस्से की भीड़…

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  • आखिर क्यों | Aakhir Kyon
    कविताएँ

    आखिर क्यों | Aakhir Kyon

    ByAdmin October 2, 2023

    आखिर क्यों ( Aakhir Kyon )    युगों से उठ रही थी आँधियाँ न जाने क्यूं ओले बरसै क्यूं तूफानों ने किया रुख मुझ पर, क्यूं, आखिर क्यों ? क्या ईश्वर को था मंजूर जो ले बैठा परीक्षा मेरी मैंने तो अपने मन-वचन से किया था सब वरण फिर मेरी साधना पर, प्रश्न चिन्ह आखिर…

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  • सादगी के प्रतिमूर्ति : लाल बहादुर शास्त्री
    विवेचना

    सादगी के प्रतिमूर्ति : लाल बहादुर शास्त्री

    ByAdmin October 2, 2023

    सादा जीवन -उच्च विचार का नारा तो बहुतों ने दिया परंतु यदि किसी के जीवन में प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहते हैं तो वे महान आत्मा थे लाल बहादुर शास्त्री जी । प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों पर पहुंचने के बाद भी उनकी सादगी वैसे ही रहीं जैसे बचपन में थी । उन्होंने जो कहा उसे सर्वप्रथम…

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  • Hey Pitratma
    कविताएँ

    हे पित्रात्मा आप परमात्मा | Hey Pitratma

    ByAdmin October 2, 2023

    हे पित्रात्मा आप परमात्मा ( Hey pitratma aap parmatma )    जन्म- मरण और मानव बन्धनों से, छुटकारा पाकर के मोक्ष पा लिया। मोह- माया तिनको का आशियाना, छोड़कर परमधाम जो पहुँच गया।। आज फिर से याद आ गऐ मुझको, बचपन के वह खिल-खिलाते दिन। जब बैठा करता था मैं माॅं-पिताजी, आपके कंधों पर हर…

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  • श्रद्धा से श्राद्ध तक | Shraddha se Shraddha tak
    कविताएँ

    श्रद्धा से श्राद्ध तक | Shraddha se Shraddha tak

    ByAdmin October 2, 2023October 2, 2023

    श्रद्धा से श्राद्ध तक ( Shraddha se shraddha tak )   श्रद्धा से श्राद्ध तक, अपनत्व का सरित प्रवाह भाद्रपद आश्विन दिव्यता , परम सनातनी इतिहास । पुनीत पावन हिय तरंगिनी, सर्वत्र अलौकिक उजास । पूर्वज नेह अनुबंध काल, सृष्टि रज रज भाव गवाह । श्रद्धा से श्राद्ध तक, अपनत्व का सरित प्रवाह ।। भाव…

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  • विश्व वृद्धजन दिवस | International Day for Older Persons
    कविताएँ

    विश्व वृद्धजन दिवस | International Day for Older Persons

    ByAdmin October 1, 2023October 2, 2023

    विश्व वृद्धजन दिवस हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है सनातनी संस्कृति संस्कार, वृद्धजन सदा परम स्थान । स्नेहिल पावन सानिध्य, दुःख कष्ट तनाव प्रस्थान । अनूप आनुभविक शाला, प्रेरणा ज्ञान पुंज बहार है । हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है ।। पौराणिक कथा कहानियां, अद्भुत पुरात्तन दृष्टांत । शमित सारे उग्र आवेश, चितवन अनुपम शांत । भूमिका…

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  • ओ मेरे बेटे | O Mere Bete
    कविताएँ

    ओ मेरे बेटे | O Mere Bete

    ByAdmin October 1, 2023October 1, 2023

    ओ मेरे बेटे ! ( O mere bete )    कल को जब तुम बड़े हो जाओगे और मैं बूढ़ा हो जाऊंगा तो तुम भी अपनी गृहस्थी बसाओगे और एकदम व्यस्त हो जाओगे तो तुम मुझ पर ध्यान दे पाओगे ना बेटा।   कल को जब लड़खड़ाने लगे मेरे कदम शरीर में मेरे ताकत रहे…

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  • बुजुर्ग ठंडी छांव | Buzurg Thandi Chhaon
    कविताएँ

    बुजुर्ग ठंडी छांव | Buzurg Thandi Chhaon

    ByAdmin October 1, 2023

    बुजुर्ग ठंडी छांव ( Buzurg thandi chhaon )    बगिया को महकाने वाले, प्रेम सुधा बरसाने वाले। घर में रौनक लाने वाले, संस्कार सिखलाने वाले। आओ कर ले उनका वंदन लाड प्यार दुलार जो देते, जीवन को संवार वो देते। कदम कदम पे बने सहारा, खुशियों का उपहार जो देते। आओ कर ले उनका वंदन…

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  • Soch mein Dooba Dil hai
    ग़ज़ल

    सोच में डूबा दिल है | Soch mein Dooba Dil hai

    ByAdmin October 1, 2023

    सोच में डूबा दिल है ( Soch mein dooba dil hai )   सर पर रोज़ खड़ी मुश्किल है हर पल सोच में डूबा दिल है ज़ख्म मिले ऐसे अपनों से दिल रहता हर पल बेदिल है कांटों ने घेरा है ऐसा फूल न उल्फ़त का हासिल है पहरा है इतना दुख का ही हाँ…

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