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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • देवा श्री गणेशा | Deva Shree Ganesha
    कविताएँ

    देवा श्री गणेशा | Deva Shree Ganesha

    ByAdmin September 21, 2023

    देवा श्री गणेशा ( Deva shree ganesha )    रिद्धि सिद्धि के दाता सब विध्नहर्ता, सब कार्यों में प्रथम पूज्य शुभारंभ कर्ता। देवा श्री गणेशा……. सबसे निराले और विलक्षण रूप धारी, शुभ और लाभ दाता हैं मंगल कारी। देवा श्री गणेशा…… इनकी पूजा बिना न कोई काम होवे, इनको है भाते मावा, लड्डू और खोवे।…

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  • दीप जलाने वालों के | Deep Jalane Walon ke
    कविताएँ

    दीप जलाने वालों के | Deep Jalane Walon ke

    ByAdmin September 21, 2023

    दीप जलाने वालों के ( Deep jalane walon ke )   घर के भेद हर किसी को कभी बताए नहीं जाते‌। बड़े बुजुर्ग छांव सलोनी कभी सताए नहीं जाते। जल जाती है तब सोने सी लंका नगरी सारी। मद में होकर चूर नैन कभी दिखाए नहीं जाते। विभीषण को लात मारी रावण का विनाश हुआ।…

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  • Rajneeti ki Hathdharmita
    कविताएँ

    राजनीति की हठधर्मिता | Rajneeti ki Hathdharmita

    ByAdmin September 21, 2023

    हम बेहद आहत हैं राजनीति की इस हठधर्मिता से   देश की राजनीति तय करती है सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था और राजनीतिक सोच लेकिन धार्मिक , बौद्धिक सोच तय नहीं करती यदि तय करती है तो यह उसकी फासिस्टवादी सोच है लेकिन कुरीतियाँ , अन्धविश्वास और रूढ़िवादिता को रोकना सजग राजनीति का हिस्सा है बौद्धिकता…

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  • गौतम बुद्ध | Gautam Buddha
    कविताएँ

    गौतम बुद्ध | Gautam Buddha

    ByAdmin September 20, 2023May 23, 2024

    गौतम बुद्ध ( Gautam Buddha )  ( 2 )   वैशाख मास बुद्ध पूर्णिमा, लिया  बुद्ध अवतार। श्रीहरि के नवम् अवतार रूप में, प्रगटे बुद्ध भगवान।। दुख- दर्द, जरा अवस्था,  देखी न जाती थी। अर्थी  देखी जब बालक ने, नाना प्रश्न मन उपजे  थे।। उत्तर समाधान कारक, नहीं मिल पाया बालक को।  झंझावात विचारों के…

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  • Ghar me Padharo Gajanan ji
    कविताएँ

    घर में पधारो गजानंद जी | Ghar me Padharo Gajanan ji

    ByAdmin September 20, 2023

    घर में पधारो गजानंद जी ( Ghar me padharo Gajanan ji )    घर में पधारो गजानंदजी आओ आंगणिया आओ। लंबोदर महाराज गणेश रिद्धि सिद्धि संग लाओ। दूंद दुंदाला सुंड सुंडाला विघ्नहर्ता गजानन देवा। श्रीगणेश गणपति गदाधर गौरी सुवन प्रथम देवा। शिवशंकर गौरीसुत प्यारे आय भरो भंडार हमारे। सजा धजा दरबार निराला आओ गणपति प्यारे।…

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  • मेलों की बात निराली है | Melon ki Baat
    कविताएँ

    मेलों की बात निराली है | Melon ki Baat

    ByAdmin September 20, 2023

    मेलों की बात निराली है ( Melon ki baat nirali hai )    झूले सर्कस सज रही दुकानें नाच रही मतवाली है। आओ मेला देखन जाए मेलों की बात निराली है। बिके बांसुरी हाथी घोड़े भांति भांति के खेल खिलौने। शहरी ग्रामीण सब जन आए लगे नजारे बड़े सलोने। चाट पकोड़े कुल्फी खाओ खूब पियो…

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  • Hey Bharat ki Betiyon
    कविताएँ

    हे भारत की बेटियों | Hey Bharat ki Betiyon

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    हे भारत की बेटियों ( Hey Bharat ki Betiyon )    हे भारत की बेटियों मत मांग करो महंगी साड़ियों और जेवरों की ये कोमल कलाइयां किसी घर की सोहबत बने उससे पहले तुम मांग लेना अपने हिस्से की पढ़ाई और चूड़ियों की जगह हाथों में कलम तुम देखती हो किसी दूसरे घर में अपने…

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  • विनती सुनो गणराज | Vinti Suno Ganraj
    कविताएँ

    विनती सुनो गणराज | Vinti Suno Ganraj

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

    विनती सुनो गणराज ( Vinti Suno Ganraj )    विनती सुनो गणराज हमारे मनमंदिर में आना, हमारे मनमंदिर में आना। आशाओं का दीप जलाया, नेह भरा विश्वास , हमारे मनमंदिर में आना,हमारे मनमंदिर में आना। कारज मेरे पूर्ण करो अब, मत तरसाओ भगवान हमारे मनमंदिर में आना,हमारे मनमंदिर में आना। भूल हमारी माफ़ करो सब,…

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  • तल्ख़ मेहनाजपुरी की तीन रचनाएं | Talkh Mehnajpuri Poetry
    कविताएँ

    तल्ख़ मेहनाजपुरी की तीन रचनाएं | Talkh Mehnajpuri Poetry

    ByAdmin September 20, 2023September 20, 2023

      01. अधिक अन्न उपजाओ ——– ‘अधिक अन्न उपजाओ’ जो नारा लगाते हैं भर पेट अन्न सिर्फ वही पाते हैं. जो सचमुच अधिक अन्न उपजाते हैं, रात में भूखे ही सो जाते हैं. आइए मिल -जुल कर ‘अधिक अन्न उपजाओ’ नारा लगायें , जन -जन की भूख मिटायें , देश से ग़रीबी हटायें. 02. चरखा…

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  • ऋषि पंचमी | Rishi Panchami
    कविताएँ

    ऋषि पंचमी | Rishi Panchami

    ByAdmin September 20, 2023

    ऋषि पंचमी ( Rishi Panchami )    आज का दिन माहेश्वरी का रक्षाबंधन कहलाता है, ऋषि पंचमी को ही हर माहेश्वरी राखी बंधवाता है, सजती है हमारी भी सुनी कलाई पर राखी आज राखी बांधने कभी बहन कभी भाई बंधवाने आता है। मायके में भी फिर से खुशी का माहौल छा जाता है, बेटी को…

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