रोम-रोम में बसे हो भगवान जगन्नाथ | Bhagwan Jagannath par kavita

रोम-रोम में बसे हो भगवान जगन्नाथ ( Rom-rom mein base ho Bhagwan Jagannath )   हमारे रोम-रोम में बसे हो भगवान आप जगन्नाथ, हिंदुओं के चारधाम में एक...

शान्ति दूत | Shanti doot par kavita

शान्ति दूत ( Shanti doot )   हम है ऐसे शान्ति के दूत, माॅं भारती के सच्चे सपूत। वतन के लिए मिट जाएंगे, क्योंकि यही हमारा वजूद।।   सीमा पर करते रखवाली, सेवा...

तुम कैसा इंसान हो | Insan par kavita

तुम कैसा इंसान हो ( Tum kaisa insan ho )    बांट बांट कर धरती सागर बांटते आसमान हो, तुम कैसा इंसान हो! जाति धर्म में रंग बटा है अब बांटते...

जाड़े की धूप | Jaade ki dhoop par kavita

जाड़े की धूप ( Jaade ki dhoop )    बादलों की झुरमुट से झांकता सूरज मानों खेलता नन्हा ओज से भरा बालक झांक रहा हो, चमकता तेज सुनहरा बदन रक्त लालिमायुक्त धीरे धीरे मानव दुनिया में कदम...

मेरे प्रभु | Prabhu ki prathna Hindi mein

मेरे प्रभु ( Mere prabhu )    आपके चरणों में थोड़ी जगह मुझे दे देना प्रभु, जीवनभर संग निभाना आप हमारे प्यारे प्रभु। सद्मार्ग मुझको दिखाना जीवन पथ पर...

बहादुर चिड़िया | Bacchon ki kavita

बहादुर चिड़िया ( Bahadur chidiya )      एक बार लगी जंगल मे आग, भाग गये पशु-पक्षी और बाघ। बैठी थी अकेंली चिड़िया उस पेड़, छोड़कर नही जा रहीं थी वह...

व्हाट्सएप का संसार | WhatsApp par kavita

व्हाट्सएप का संसार  ( WhatsApp ka sansar )    आज मैं व्हाट्सएप की गलियों में घूम आया , फिर सोचा मैंने वहां क्यों समय गवाया। मैसज देखकर जब अपने...

पिता की स्नेहाशीष पाती | Papa par kavita

पिता की स्नेहाशीष पाती ( श्रृद्धांजलि )  एक स्नेहाशीष चिट्ठी को तरसता मेरा मन आज बरबस दिवंगत पिता को याद करता है दस बरस पहले अनायास जो...

अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य संगम पर लगा देश विदेश के चुनिंदा साहित्यकारों का...

आद० श्री मुन्नालाल प्रसाद जी के सयोजन में धमाकेदार , सफल एवं रंगारंग काव्यांजलि सम्पन्न हुई हिन्दी साहित्य में छायावाद के प्रवर्तक बहुमुखी प्रतिभा संपन्न...

हमको नशा है | Kavita in Hindi on desh bhakti

हमको नशा है ( Humko nasha hai )      हमको नशा है अपने वतन के ध्वज का, भारत के प्यारे अपने इस संविधान का। राष्ट्रीय-गीत और हमारे राष्ट्रीय-गान का, हिन्द...