बुद्ध हो गयें । Buddh ho Gaye

बुद्ध हो गयें ( Buddh ho Gaye ) तन से मन से वचन से कर्म से मर्म से धर्म से जो शुद्ध हो गयें बुद्ध हो गयें।नरेन्द्र सोनकर ‘कुमार सोनकरन’ नरैना,रोकड़ी,खाईं,खाईं यमुनापार,करछना, प्रयागराज ( उत्तर प्रदेश...

मुझको पसंद करते हैं लाखों हजार लोग

मुझको पसंद करते हैं लाखों हजार लोग   मुझको पसंद करते हैं लाखों हजार लोग । अब वाह-वाह करके लुटाते हैं प्यार लोग ।। सुनकर ग़ज़ल पसंद उसे...

निगाहें मिलाकर | Ghazal Nigahen Mila Kar

निगाहें मिलाकर ( Nigahen Mila Kar )   देखों ना सनम तुम यूँ नज़रे घुमाकर करों ना सितम यूँ निगाहें मिलाकर ! करोगी कत्ल तुम कई आशिको का, ये...

भड़ास | व्यंग्य रचना

भड़ास ( Bhadaas ) कंगाल देश को, खंगाल रहा हूं! माल और मलाई, खा गए मुर्गे! हाथ मेरे, कुछ न आया,, तो क्या करूं? खोटा सिक्का, उछाल रहा हूं! कंगाल देश को, खंगाल रहा हूं! लूटकर भरी...

महेन्द्र सिंह प्रखर के दोहे | Mahendra Singh Prakhar ke Dohe

महेन्द्र सिंह प्रखर के दोहे   जीवन में किस बात का , कहिए है अभिमान । मृत्यु बाद सब चाहते , दो गज भू का दान ।। जीवन...

बचा रहे गणतंत्र | Kavita Bacha Rahe Gantantra

बचा रहे गणतंत्र ( Bacha rahe gantantra )   अंतिम चरण बचा है अब तो, अपना मत दे डारो ! बिगड़ न जाए बात कहीं अब, अपनी भूल सुधारो !! रहे...

तभी बचेगा लोकतंत्र

तभी बचेगा लोकतंत्र   आओ हम संकल्प सभी लें , जन गण मन को जगानेका ! भारत मांता की गरिमा संग , लोकतंत्र बचाने का !! रावण ने की थी...

नहीं घबराना है | Kavita Nahi Ghabrana Hai

नहीं घबराना है ( Nahi Ghabrana Hain )   समय कि दिशा व दशा को देख नहीं घबराना है हर स्थिति से लड़ते आगे बढ़ते जाना है नहीं रखना मन...

बुद्ध पूर्णिमा | Kavita Buddha Purnima

बुद्ध पूर्णिमा ( Buddha Purnima )   समरसता श्री वंदन, गौतम बुद्ध उपदेशों में धर्म कर्म आध्यात्मिक क्षेत्र, नर नारी महत्ता सम । जाति विभेद उन्मूल सोच, मानव सेवा परम...

दिल लगाते लगाते | Ghazal Dil Lagate Lagate

दिल लगाते लगाते ( Dil Lagate Lagate )मुहब्बत में दिल को लगाते-लगाते, भुला खुद को बैठे भुलाते-भुलाते !कैसे हम बताये की कितना है हारे, झूठा सा...